जनसमाज संवाददाता, मेरठ। सावन के पवित्र महीने में उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनूठी शिव भक्ति का एक बार फिर भव्य रूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ पहुंचकर राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे लाखों शिवभक्त कांवड़ियों पर फूलों की बारिश की। सीएम योगी के मंच पर पहुंचते ही पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
मोदीपुरम में बना भव्य मंच: फूलों से महका कांवड़ मार्ग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखनऊ से रवाना होकर राजकीय विमान और हेलीकॉप्टर के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हवाई सर्वेक्षण पर निकले। मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र में एनएच-58 पर कांवड़ियों के स्वागत के लिए एक विशेष मंच तैयार किया गया था। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में लगातार आधे घंटे तक कांवड़ यात्रियों पर गुलाब और गेंदे की पंखुड़ियों की वर्षा की।
जैसे ही मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से पुष्पवर्षा शुरू की, पैदल और डाक कांवड़ लेकर जा रहे शिवभक्तों का उत्साह दोगुना हो गया। भारी संख्या में मौजूद कांवड़ियों ने हाथ उठाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया और डीजे की धुन पर नाचते हुए अपनी आस्था का प्रकटीकरण किया।
हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण: हिंडन से मेरठ तक की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से लेकर मेरठ, मुजफ्फरनगर और बागपत तक के कांवड़ मार्गों का हेलीकॉप्टर से हवाई निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आकाश से कांवड़ यात्रा के सुचारू संचालन, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविरों और सुरक्षा इंतजामों की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर द्वारा भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की जा रही है। हवाई सर्वेक्षण के बाद मेरठ पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

‘सामाजिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता की मिसाल है कांवड़ यात्रा’ – सीएम योगी
मेरठ में संवाददाताओं और जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे:
- श्रद्धालुओं का आंकड़ा: सीएम योगी ने बताया कि हरिद्वार के हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर लौटने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सावन शिवरात्रि तक करीब 4 से 4.5 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
- सामाजिक समरसता: उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जात-पात, भाषा, क्षेत्र और प्रांतीय सीमाओं से ऊपर उठकर सामाजिक एकता, समरसता और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करने वाली एक अद्भुत यात्रा है।
- व्यवस्थाओं पर संतोष: मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दिन-रात कांवड़ियों की सेवा में भोजन, विश्राम और चिकित्सा शिविर लगाए हैं।
- प्रमुख शिवालयों का जिक्र: उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक मंदिरों—मेरठ के ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर, गाजियाबाद के सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मंदिर और बागपत के पुरा महादेव मंदिर का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल से आए लाखों श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों पर जलाभिषेक कर रहे हैं।
कांवड़ियों में दिखा जबरदस्त उत्साह: ‘रंग जमा दिए योगी ने’
मुख्यमंत्री द्वारा की गई पुष्पवर्षा के दौरान कांवड़ मार्ग पर एक विशेष उल्लास देखने को मिला। कांवड़ियों के बड़े-बड़े डीजे साउंड सिस्टम पर विशेष रूप से तैयार भक्ति गीत बज रहे थे।
कांवड़िये “भोले नचवा दिए, डीजे बजवा दिए योगी ने, रंग जमा दिए योगी ने…” जैसे भजनों की धुन पर झूमते नजर आए। वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा में डीजे, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और पुष्पवर्षा की छूट देने के फैसले को लेकर कांवड़ संघों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
चाक-चौबंद सुरक्षा और जीरो ट्रैफिक कॉरिडोर
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन द्वारा अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं:
- मार्ग परिवर्तन (Route Diversion): दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-58 पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर उन्हें वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है, ताकि कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो।
- सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी: पूरे कांवड़ मार्ग पर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा संवेदनशील चौराहों पर ड्रोन कैमरों की मदद से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
- स्वास्थ्य व स्वच्छता: पूरे मार्ग पर प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, एम्बुलेंस सेवाएं और 24-घंटे चालू रहने वाले मोबाइल शौचालय स्थापित किए गए हैं।
- अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने या यात्रा में खलल डालने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सनातन संस्कृति और भक्ति का अनूठा संगम
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अति उत्तम माना जाता है। उत्तर प्रदेश में हर वर्ष आयोजित होने वाली यह कांवड़ यात्रा अब न केवल एक धार्मिक आस्था का केंद्र बन चुकी है, बल्कि राज्य सरकार के प्रशासनिक प्रबंधन और लोक-संस्कृति के समन्वय का एक वैश्विक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्वयं धरातल पर उतरकर श्रद्धालुओं का अभिनंदन करने की इस शैली ने कांवड़ियों के बीच एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है।
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