जनसमाज संवाददाता, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद और बंगाली सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री नुसरत जहां एक बार फिर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में हैं। अपनी खूबसूरत अदाकारी और बिंदास अंदाज के लिए जानी जाने वाली नुसरत इस बार किसी फिल्म या राजनीतिक बयान के कारण नहीं, बल्कि अपनी शिव भक्ति और पारंपरिक लुक को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। हाल ही में नुसरत जहां ने सोशल मीडिया पर अपनी कुछ नई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं, जिनमें वह पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आ रही हैं।
वायरल हो रही इन तस्वीरों में नुसरत ने लाल और पीले रंग की पारंपरिक साड़ी पहनी हुई है। उनके बालों की मांग में लाल सिंदूर सजा है और माथे पर ‘महाकाल’ का भव्य तिलक लगा हुआ है। हाथ में पूजा की थाली और गले में रुद्राक्ष की माला पहने नुसरत का यह भक्तिमय अंदाज उनके प्रशंसकों को खूब भा रहा है। तस्वीरों के साथ उन्होंने कैप्शन्स में ‘हर हर महादेव’ और ‘जय महाकाल’ जैसे धार्मिक जयकारे लिखे हैं। सोशल मीडिया पर जैसे ही ये तस्वीरें सामने आईं, वे देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गईं।
सोशल मीडिया पर बंटा इंटरनेट: तारीफों के साथ शुरू हुआ ट्रोलिंग का सिलसिला
नुसरत जहां का यह नया रूप सामने आते ही सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया है। एक तरफ जहां उनके प्रशंसक और सनातनी धर्म के लोग उनकी इस धार्मिक उदारता, भक्ति भावना और खूबसूरत लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कट्टरपंथी सोच वाले यूज़र्स ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
तस्वीरों के कमेंट सेक्शन में कट्टरपंथियों की ओर से कई तरह की भद्दी और अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। कुछ ट्रोल्स उनके मुस्लिम धर्म में पैदा होने का हवाला देकर उनके हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर सवाल उठा रहे हैं, तो कुछ लोग उन्हें मजहब के नाम पर नसीहतें दे रहे हैं। कुछ यूज़र्स ने तो यहां तक लिख दिया कि “आपको अपना नाम बदल लेना चाहिए” या “मजहब से बाहर जाकर ऐसा करना सही नहीं है।”
हालांकि, नुसरत जहां के समर्थन में भी बड़ी संख्या में लोग खड़े नजर आ रहे हैं। उनके फैंस का कहना है कि भक्ति और श्रद्धा किसी धर्म या मजहब की मोहताज नहीं होती। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां हर व्यक्ति को अपनी इच्छा से किसी भी भगवान की पूजा करने और अपनी संस्कृति चुनने का पूरा अधिकार है। कई समर्थकों ने लिखा, “धर्म दिल का मामला है, दिखावे का नहीं। नुसरत का यह रूप भारतीय संस्कृति की खूबसूरती और सर्वधर्म समभाव की मिसाल है।”

विवादों से नुसरत का पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब नुसरत जहां अपने पहनावे, मांग के सिंदूर या धार्मिक मान्यताओं को लेकर ट्रोल्स के निशाने पर आई हैं। जब से उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कदम रखा है, तब से विवादों से उनका गहरा नाता रहा है:
- 2019 में सिंदूर और मंगलसूत्र विवाद: व्यवसायी निखिल जैन से शादी के बाद जब नुसरत पहली बार संसद भवन पहुंची थीं, तब वह साड़ी, मंगलसूत्र और मांग में सिंदूर भरे नजर आई थीं। उस समय भी कई मुस्लिम देवबंदी उलमाओं ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया था और उनके इस रूप पर आपत्ति जताई थी।
- दुर्गा पूजा और सिंदूर खेला: नुसरत जहां हर साल कोलकाता में दुर्गा पूजा के अवसरों पर पूरे उत्साह के साथ भाग लेती हैं। ढाक (ढोल) बजाना, मां दुर्गा की आरती करना और सिंदूर खेला में शामिल होना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा है। हर साल इन धार्मिक आयोजनों में शामिल होने पर उन्हें रूढ़िवादी तत्वों की आलोचना का सामना करना पड़ता है।
- निजी जिंदगी और धर्मनिरपेक्ष सोच: नुसरत हमेशा से स्पष्ट कर चुकी हैं कि वह एक समावेशी भारत में विश्वास रखती हैं, जहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है। वह ईद भी उतने ही धूमधाम से मनाती हैं जितने हर्षोल्लास से दिवाली और दुर्गा पूजा।
नफरत करने वालों को नुसरत का करारा जवाब
अक्सर ट्रोल्स की परवाह न करने वाली नुसरत जहां ने इस बार भी अपनी भक्ति और अपने विश्वास पर अडिग रहने का संकेत दिया है। अतीत में भी जब उनसे इस तरह के विवादों पर सवाल पूछे गए थे, तो उन्होंने बहुत बेबाकी से जवाब दिया था। नुसरत का हमेशा से मानना रहा है कि “वह किस भगवान की पूजा करती हैं या क्या पहनती हैं, यह उनका व्यक्तिगत फैसला है।”
एक पुराने साक्षात्कार में नुसरत ने कहा था, “मैं ईश्वर की उस शक्ति में विश्वास करती हूं जो पूरी दुनिया को चलाती है। मैं एक मुस्लिम के रूप में पैदा हुई हूं और मुस्लिम ही रहूंगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मैं अन्य धर्मों और उनकी परंपराओं का सम्मान नहीं कर सकती। जो लोग धर्म के नाम पर नफरत फैलाते हैं, वे वास्तव में धर्म का सच्चा मतलब ही नहीं समझते।”
निजी जीवन और करियर
गौरतलब है कि नुसरत जहां बंगाल की एक बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अपनी एक्टिंग के दम पर टॉलीवुड (बंगाली फिल्म उद्योग) में बड़ा नाम कमाया है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर बशीरहाट सीट से चुनाव जीतकर वह संसद पहुंची थीं। हालांकि, 2024 के चुनावों में पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया, जिसके बाद वह एक बार फिर अपने फिल्मी करियर और मॉडल प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। अभिनेता यश दासगुप्ता के साथ उनका एक बेटा भी है, जिसका नाम ईशान है।
नुसरत का यह ताजा ‘शिव भक्त’ अवतार एक बार फिर इस बहस को जन्म दे चुका है कि क्या आधुनिक समाज में व्यक्ति की धार्मिक आस्था को व्यक्तिगत स्वतंत्रता के दायरे में देखा जाना चाहिए या उसे फिर से धर्म और मजहब के तंग दायरों में बांधा जाएगा। ट्रोल्स के हमलों के बावजूद, नुसरत जहां का यह बेबाक अंदाज उनके चाहने वालों के दिलों को जीत रहा है।
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