सैन्य भर्ती में बड़ा बदलाव: केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के सेवाकाल में 2 वर्ष के विस्तार का किया ऐलान

नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र बलों की सैन्य भर्ती प्रणाली में एक ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लेते हुए केंद्र सरकार ने ‘अग्निपथ योजना’ के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों के सेवाकाल में 2 साल के विस्तार की घोषणा की है। इस बड़े फैसले के बाद, अब अग्निवीरों की एंगेजमेंट अवधि को मौजूदा 4 वर्ष से बढ़ाकर कुल 6 वर्ष तक आगे बढ़ाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) की बैठक में इस महत्वपूर्ण संशोधन को हरी झंडी दी गई।

रक्षा मंत्रालय और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान / सैन्य नेतृत्व के विस्तृत फीडबैक और समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया है। इस निर्णय का सीधे तौर पर लाभ उन हजारों युवाओं को मिलेगा, जिनका चार साल का पहला कार्यकाल समाप्त होने वाला था। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव न केवल युवाओं को सेना में लंबी सेवा और करियर की स्थिरता प्रदान करेगा, बल्कि भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के परिचालन अनुभव को भी और अधिक मजबूत बनाएगा।

क्या है नया निर्णय और क्यों किया गया यह संशोधन?

वर्ष 2022 में जब ‘अग्निपथ योजना’ शुरू की गई थी, तब इसके तहत अग्निवीरों की भर्ती 4 साल के अनुबंध पर की जाती थी। इस 4 साल की अवधि के अंत में अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में स्थायी रूप से शामिल (Absorb) करने का प्रावधान था, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा-निधि पैकेज के साथ कार्यमुक्त कर दिया जाता था।

हालांकि, इस नई व्यवस्था को लेकर शुरुआती दौर में सैन्य विश्लेषकों, पूर्व अधिकारियों और इच्छुक युवाओं की ओर से कई सुझाव और चिंताएं सामने आई थीं। लगातार ली गई समीक्षाओं (Review) और त्रि-सेवा समिति के सुझावों के आधार पर सरकार ने इस व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और युवा-अनुकूल बनाने का फैसला किया है।

मुख्य बिंदु:

  • ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ (Second Tour of Duty): अग्निवीर अब अपनी 4 साल की प्राथमिक सेवा पूरी करने के बाद अतिरिक्त 2 वर्षों के सेवा विस्तार के लिए पात्र होंगे।
  • स्थायी कमीशन के अवसर: 4 या 6 साल का सेवाकाल पूरा करने वाले सभी इच्छुक अग्निवीरों को वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों (Objective Selection Criteria) के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में नामांकित होने का अवसर मिलेगा।
  • तात्कालिक राहत: जो अग्निवीर 4 साल का कार्यकाल पूरा कर बाहर होने की कगार पर थे, उन्हें इस फैसले से सीधा लाभ और करियर विस्तार मिला है।

रक्षा मंत्री और सैन्य नेतृत्व का क्या कहना है?

फैसले की जानकारी साझा करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला देश के युवाओं के भविष्य और सशस्त्र बलों की तैयारी दोनों के लिए बेहद ऐतिहासिक है।

“यह निर्णय हमारी सेनाओं में दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारतीय सैन्य बलों को अधिक युवा, शारीरिक रूप से फिट, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की आधुनिक युद्ध पद्धतियों के लिए तैयार करना है। यह केवल एक भर्ती नीति नहीं है, बल्कि बदलती वैश्विक रक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने की दिशा में एक ठोस कदम है।”

— राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) ने भी इस संबंध में स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना की परिकल्पना की शुरुआत से ही यह तय था कि समय-समय पर इसका व्यापक मूल्यांकन किया जाएगा। हर साल अग्निवीरों के प्रदर्शन, प्रशिक्षण और परिचालन आवश्यकताओं की समीक्षा की गई, जिसके बाद यह निष्कर्ष निकला कि 2 साल का अतिरिक्त सेवाकाल सैनिकों की दक्षता और संगठन की स्थिरता दोनों के लिए उत्कृष्ट साबित होगा।

देश के युवाओं और सशस्त्र बलों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव

इस महत्वपूर्ण घोषणा से भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच उत्साह की लहर है। इस फैसले के कई मुख्य फायदे सामने आ रहे हैं:

  1. अनुभव और दक्षता में वृद्धि: 4 साल की अवधि को अक्सर आधुनिक उच्च-तकनीकी हथियारों और प्रणालियों में पूर्ण निपुणता हासिल करने के लिए थोड़ा कम माना जा रहा था। 2 साल का अतिरिक्त समय मिलने से सैनिकों की ट्रेनिंग और युद्ध-क्षमता दोनों में अत्यधिक निखार आएगा।
  2. आर्थिक और करियर सुरक्षा: अतिरिक्त 2 वर्षों की सेवा का अर्थ है युवाओं को 6 वर्षों तक निरंतर स्थिर वेतन, भत्ते और वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी।
  3. स्थायी बहाली की संभावना में सुधार: जो युवा सेना में लंबे समय तक देश सेवा करना चाहते हैं, उनके पास नियमित कैडर में जाने के लिए अधिक समय और अपनी क्षमताओं को साबित करने का बेहतर अवसर होगा।
  4. सशस्त्र बलों का सामंजस्य: इकाइयों और बटालियनों में यूनिट-स्पिरिट (Esprit de corps) मजबूत होगी, क्योंकि अग्निवीरों को अपनी रेजिमेंट के साथ काम करने और अधिक परिचालन अनुभव प्राप्त करने का बेहतर मौका मिलेगा।

निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया

सरकार और सैन्य अधिकारियों ने पुनर्गठित नीति के तहत यह स्पष्ट किया है कि 2 साल के विस्तार के बाद नियमित बल में समावेशन का चयन पूरी तरह से मेरिट और पारदर्शी मूल्यांकन पर आधारित होगा। अग्निवीर की शारीरिक क्षमता, अनुशासित रिकॉर्ड, तकनीकी कौशल और युद्ध-दक्षता के मापदंडों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

इस बड़े बदलाव के साथ, केंद्र सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और अपने युवा अग्निवीरों के हितों को लेकर पूरी तरह सजग और प्रगतिशील रुख अपना रही है। यह कदम ‘अग्निपथ योजना’ को अधिक संतुलित, समावेशी और भविष्य की चुनौतियों के अनुकूल बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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  • Rahul Kaushik

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