बिहार के सिवान में दर्दनाक हादसा, पटाखा विस्फोट से 5 मरे

बिहार के सिवान जिले से एक बेहद दर्दनाक और भयानक हादसे की खबर सामने आई है। सिवान जिले के जामो थाना क्षेत्र अंतर्गत आलमपुर गांव में स्थित एक दो मंजिला मकान में अचानक हुए भीषण पटाखा विस्फोट के कारण हड़कंप मच गया। इस भीषण हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें एक ही परिवार के सदस्य और मासूम बच्चे भी शामिल हैं। विस्फोट इतना जोरदार था कि दो मंजिला इमारत का अगला हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया और उसकी कंक्रीट की दीवारें व मलबे दूर सड़क पर जा गिरे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

धमाके की तीव्रता से कांपा पूरा गांव

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दर्दनाक घटना शाम के वक्त घटी। गांव के लोग अपने रोजाना के कामों में व्यस्त थे कि तभी अचानक एक के बाद एक कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई देने लगी। पहले तो लोगों को लगा कि कोई आतिशबाजी हो रही है, लेकिन जब धमाकों की गूंज लगातार बढ़ती गई और धुएं का काला गुबार आसमान में छा गया, तब ग्रामीणों को स्थिति की भयावहता का अहसास हुआ।

धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकानों की खिड़कियां और दरवाजे हिल गए। घटनास्थल वाले मकान के परखच्चे उड़ गए और पूरे इलाके में बारूद की बदबू फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि धमाके की तीव्रता के कारण घर का मलबा काफी दूर तक बिखर गया, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी शुरुआती बाधाएं आईं।

अवैध रूप से बनाए जा रहे थे पटाखे

शुरुआती पुलिस जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह भीषण हादसा उस मकान में हुआ जो मोहम्मद अमीरुद्दीन नामक व्यवसायी का था। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस मकान के भीतर बिना किसी वैध लाइसेंस या सुरक्षा मानकों के बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था।

त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए मकान के भीतर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। ऐसा माना जा रहा है कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान या किसी छोटी सी चिंगारी के कारण बारूद के ढेर ने आग पकड़ ली, जिसने पल भर में पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और एक भीषण विस्फोट का रूप ले लिया।

घटना के शिकार हुए मृतक और घायलों की स्थिति

सिवान के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और नागरिक अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे के समय मकान में लगभग 7 से 8 लोग मौजूद थे। इस भीषण त्रासदी में पांच लोगों की जान चली गई। मृतकों में घर के बुजुर्ग व्यवसायी मोहम्मद अमीरुद्दीन (65 वर्ष), उनकी दो मासूम पोतियां (उम्र 14 वर्ष और 8 वर्ष), एक पड़ोसी बच्चा (उम्र 10 वर्ष) तथा एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं।

विस्फोट इतना भीषण था कि शव पूरी तरह झुलस गए थे, जिन्हें पहचानना बेहद मुश्किल हो रहा था। वहीं घटना के समय घर के पास मौजूद दो से तीन अन्य लोग किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, हालांकि वे भी आंशिक रूप से घायल हुए हैं और उनका प्राथमिक उपचार किया गया।

राहत, बचाव कार्य और फोरेंसिक जांच

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जामो थाना पुलिस, अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) की कई गाड़ियां, और एम्बुलेंस राहत दल के साथ मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मकान में लगी भीषण आग पर काबू पाया। इसके बाद मलबे में दबे शवों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए घटनास्थल पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की विशेष टीम, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से बारूद, केमिकल और अन्य विस्फोटक अवशेषों के नमूने एकत्र किए हैं, ताकि विस्फोट की वास्तविक वजह और बारूद की किस्म का सटीक पता लगाया जा सके।

प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई: SHO और चौकीदार निलंबित

सिवान के पुलिस अधीक्षक (SP) भरत सोनी और जिला मजिस्ट्रेट (DM) विजय प्रकाश मीणा ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। रिहायशी इलाके में इस प्रकार अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का भंडारण होने और स्थानीय स्तर पर ढिलाई बरतने के आरोप में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।

एसपी भरत सोनी ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में जामो बाजार थाना प्रभारी (SHO) धीरज कुमार और स्थानीय पुलिस चौकीदार चंद्रिका मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, महाराजगंज के अनुमंडलीय पुलिस अधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो इस पूरे मामले की गहनता से जांच करेगी।

अवैध पटाखा निर्माण पर खड़े हुए गंभीर सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे अवैध पटाखा कारखानों और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। त्योहारों के मौसम में अक्सर बिना लाइसेंस और बिना किसी सुरक्षा मानकों के घरों में बारूद इकट्ठा कर पटाखे बनाए जाते हैं, जिससे मासूमों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिसकी भी संलिप्तता पाई जाएगी या जिन्होंने इस अवैध कारोबार को शह दी होगी, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इलाके में अन्य स्थानों पर भी अवैध बारूद और पटाखों की जांच के लिए छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया है।

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  • Rahul Kaushik

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