टेलीविजन जगत की सबसे पसंदीदा और लोकप्रिय जोड़ियों में शुमार दिव्यांका त्रिपाठी (Divyanka Tripathi) और विवेक दहिया (Vivek Dahiya) एक बार फिर अपने फैंस को एंटरटेन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह पावर कपल जल्द ही अपने लोकप्रिय शो ‘पति पत्नी और पंगा 2’ (Pati Patni Aur Panga 2) के जरिए स्क्रीन पर वापसी कर रहा है। हालांकि, इस बार यह वापसी सिर्फ एक प्रोफेशनल कमबैक नहीं है, बल्कि यह इस जोड़ी के लिए एक बहुत बड़ा व्यक्तिगत और शारीरिक मील का पत्थर भी है।
अपने जुड़वां बच्चों के जन्म के महज चार महीने बाद ही काम पर लौटने का यह फैसला आसान नहीं था। हाल ही में एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में इस जोड़े ने अपने इस नए सफर, जुड़वां बच्चों की परवरिश, डिलीवरी के बाद होने वाली शारीरिक चुनौतियों (जैसे गंभीर पीठ दर्द) और उससे उबरने के लिए फिजियोथेरेपी के अपने संघर्ष के बारे में खुलकर बात की। आइए जानते हैं उनकी इस प्रेरणादायक कहानी के हर एक पहलू को विस्तार से।
पैरेंटहुड का नया अध्याय: जुड़वां बच्चों का स्वागत और चार महीने में कमबैक
किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे के जन्म के बाद का समय बेहद खास और व्यस्त होता है। जब घर में एक साथ दो-दो नन्हें मेहमान (जुड़वां बच्चे) आ जाएं, तो खुशियों के साथ-साथ जिम्मेदारियां भी दोगुनी हो जाती हैं। दिव्यांका और विवेक के लिए भी यह दौर किसी खूबसूरत और रोमांचक सफर से कम नहीं रहा। बच्चों के जन्म के केवल चार महीने बाद ही किसी प्रोजेक्ट के लिए शूटिंग शुरू करना अपने आप में एक बड़ा साहस है।
इंटरव्यू के दौरान, जब उनसे पूछा गया कि इतनी जल्दी काम पर लौटने का फैसला उन्होंने कैसे लिया, तो उन्होंने बताया कि यह एक मिला-जुला अनुभव था। एक तरफ जहां बच्चों को छोड़कर सेट पर जाना एक मां के लिए बेहद कठिन फैसला था, वहीं दूसरी तरफ काम के प्रति उनका जुनून और एक कलाकार के रूप में अपनी पहचान को बनाए रखने की इच्छा ने उन्हें प्रेरित किया। विवेक दहिया ने इस दौरान एक मजबूत पार्टनर की भूमिका निभाई और हर कदम पर दिव्यांका का साथ दिया, ताकि वे अपने पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन के बीच एक सही संतुलन बना सकें।
‘पति पत्नी और पंगा 2’ का सेट: एक बार फिर मस्ती और तकरार
यह शो अपनी अनूठी थीम और पति-पत्नी के बीच की खट्टी-मीठी नोकझोंक के लिए जाना जाता है। सीजन 1 की अपार सफलता के बाद, दर्शक इसके दूसरे सीजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। दिव्यांका और विवेक की ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री हमेशा से ही दर्शकों को आकर्षित करती रही है।
‘पति पत्नी और पंगा 2’ के सेट पर वापसी करते हुए दोनों ने साझा किया कि शूटिंग के शुरुआती दिन थोड़े चुनौतीपूर्ण जरूर थे। रात की जाग, बच्चों की देखभाल और फिर सुबह समय पर सेट पर पहुंचना—यह सब किसी मैराथन दौड़ से कम नहीं था। लेकिन जैसे ही वे सेट पर पहुंचे और कैमरों ने काम करना शुरू किया, उनकी सारी थकान छूमंतर हो गई। शो का माहौल इतना एनर्जेटिक और खुशनुमा था कि उन्हें लगा मानो वे अपने पुराने घर में ही वापस लौट आए हों।
मातृत्व और स्वास्थ्य चुनौतियां: गंभीर पीठ दर्द का सामना
प्रेगनेंसी और डिलीवरी का समय महिलाओं के शरीर के लिए एक बहुत बड़ा शारीरिक बदलाव का दौर होता है। जुड़वां बच्चों की प्रेगनेंसी में यह दबाव सामान्य से कहीं अधिक होता है। दिव्यांका त्रिपाठी को डिलीवरी के बाद पीठ दर्द (Back Pain) की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा।
उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि लगातार बच्चों को गोद में उठाना, उन्हें फीड कराना और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहना उनकी रीढ़ की हड्डी और पीठ की मांसपेशियों पर भारी पड़ रहा था। एक सेलिब्रिटी होने के नाते उन्हें कैमरे के सामने हमेशा फिट और ऊर्जावान दिखना होता है, लेकिन परदे के पीछे वे किस शारीरिक पीड़ा से गुजर रही थीं, इसका अंदाजा सिर्फ वही या उनके करीबी लगा सकते थे। पीठ दर्द के कारण उन्हें अपने रूटीन के कई कामों में कठिनाई आ रही थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
फिजियोथेरेपी और रिकवरी: दर्द से जंग और खुद को मजबूत बनाना
इस गंभीर पीठ दर्द से पार पाने के लिए दिव्यांका ने एक सख्त और अनुशासित फिजियोथेरेपी रूटीन का सहारा लिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस दर्द को नजरअंदाज करना उनके भविष्य के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता था, इसलिए उन्होंने तुरंत मेडिकल एक्सपर्ट्स और फिजियोथेरेपिस्ट की मदद ली।
- विशेष व्यायाम (Targeted Exercises): फिजियोथेरेपी के दौरान उन्हें कोर मसल्स को मजबूत करने और स्पाइन को सपोर्ट देने वाले विशेष व्यायाम सिखाए गए।
- पोश्चर करेक्शन (Posture Correction): बच्चों को उठाते और संभालते समय सही पोश्चर बनाए रखने के तरीकों पर विशेष ध्यान दिया गया।
- मानसिक दृढ़ता (Mental Resilience): शारीरिक दर्द के साथ-साथ मानसिक रूप से शांत रहना भी जरूरी था। फिजियोथेरेपी ने न केवल उनके शरीर को राहत दी, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया ताकि वे शूटिंग के लंबे घंटों का सामना कर सकें।
विवेक दहिया ने इस रिकवरी फेज़ में उनकी बहुत मदद की। जब भी दिव्यांका को दर्द से राहत पाने के लिए आराम की जरूरत होती थी, विवेक आगे बढ़कर बच्चों की जिम्मेदारी संभालते थे।
पति-पत्नी का अटूट साथ: एक-दूसरे का संबल
इस पूरे दौर में दिव्यांका और विवेक की जोड़ी ने यह साबित कर दिया कि एक सफल रिश्ते की नींव आपसी समझ, सम्मान और एक-दूसरे के प्रति समर्थन पर टिकी होती है। जब दिव्यांका अपने स्वास्थ्य और बच्चों के बीच संतुलन बनाने में संघर्ष कर रही थीं, तब विवेक ने एक परफेक्ट पार्टनर की मिसाल पेश की।
विवेक ने बताया कि इस मुश्किल दौर में उन्होंने एक-दूसरे की प्राथमिकताओं को समझा। काम के मोर्चे पर वापसी करना जितना जरूरी था, उससे कहीं ज्यादा जरूरी दिव्यांका का स्वास्थ्य और उनके बच्चों की परवरिश था। दोनों ने आपसी तालमेल से काम और परिवार के बीच एक बेहतरीन सामंजस्य बिठाया है।
फैंस के लिए प्रेरणा और आगे का सफर
दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया की यह कहानी उन सभी नई माताओं और कामकाजी महिलाओं के लिए एक मिसाल है जो मातृत्व के बाद अपने करियर में वापसी करना चाहती हैं। यह दिखाता है कि मुश्किलें चाहे जितनी भी बड़ी हों, यदि आपके पास दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार का साथ और सही मेडिकल गाइडेंस (जैसे फिजियोथेरेपी) हो, तो आप हर चुनौती को पार कर सकती हैं।
‘पति पत्नी और पंगा 2’ में इस जोड़ी की वापसी यह साबित करती है कि वे न केवल बेहतरीन कलाकार हैं, बल्कि असल जिंदगी में भी एक मजबूत और प्रेरणादायक जोड़ी हैं। दर्शक इस शो में उनकी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग, प्यार भरी नोकझोंक और उनकी शानदार केमिस्ट्री को एक बार फिर से एन्जॉय करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि यह लोकप्रिय जोड़ी पर्दे पर क्या नया धमाल मचाती है और कैसे वे अपनी इस नई जिंदगी के हर पल को पूरी शिद्दत के साथ जी रहे हैं।
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