हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर मैनपाल बादली को अपनी कंबोडियाई महिला साथी संग शादी रचाने के लिए 12 घंटे की अल्पकालिक कस्टडी पैरोल मिली है। झज्जर जिले में आयोजित इस अनोखे विवाह कार्यक्रम में दुल्हन अपने बच्चों और परिवार के साथ कंबोडिया से भारत पहुंची है। तीन हत्याओं के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा मैनपाल भारी पुलिस सुरक्षा और कड़े पहरे के बीच जेल से शादी के मंडप तक पहुंचा।
12 घंटे की कस्टडी पैरोल और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था
अदालत द्वारा स्वीकृत इस विशेष कस्टडी पैरोल के तहत मैनपाल को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक जेल से बाहर रहने की अनुमति दी गई है। झज्जर-गुरुग्राम मार्ग स्थित एक फार्महाउस में विवाह समारोह की तमाम रस्में आयोजित की जा रही हैं। सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए राज्य पुलिस ने आयोजन स्थल और पूरे मार्ग पर व्यापक इंतजाम किए हैं।
- सुरक्षा घेरा: लगभग 40 से अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मी, स्पेशल क्राइम यूनिट और सीआईए की टीमें लगातार मैनपाल पर नजर बनाए हुए हैं।
- सीमित प्रवेश: विवाह स्थल पर केवल उन्हीं अतिथियों को प्रवेश दिया जा रहा है जिनके नाम पूर्व-स्वीकृत सूची में शामिल हैं।
- समय सीमा: रात 8 बजे से पूर्व सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर आरोपी को पुन: हिसार सेंट्रल जेल पहुंचा दिया जाएगा।
अपराध की दुनिया से कंबोडिया भागने का इतिहास
मैनपाल ढिल्ला उर्फ बादली पर हत्या, लूट, रंगदारी और आपराधिक साजिश जैसे करीब 22 संगीन मामले दर्ज हैं। वह साल 2018 में हिसार जेल से 6 हफ्ते की पैरोल पर बाहर आया था, जिसके बाद वह फरार हो गया।
फरार रहने के दौरान उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नया पासपोर्ट बनवाया और भारत छोड़कर चला गया। वह बैंकॉक और इंडोनेशिया होते हुए कंबोडिया के सिएम रीप शहर में जा बसा। वहां उसने अपनी पहचान छिपाकर डिस्कोथेक और रेस्तरां का व्यवसाय शुरू किया।
विदेश में नया परिवार और अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण
कंबोडिया में रहते हुए मैनपाल की मुलाकात स्थानीय नागरिक मेटा चान से हुई। दोनों साथ रहने लगे और उनके बच्चे भी हुए।
वर्ष 2024 में हरियाणा एसटीएफ और सीबीआई की पहल पर इंटरपोल ने मैनपाल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। इसके आधार पर कंबोडियाई अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया और सितंबर 2025 में उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया। तब से वह भारतीय जेल में अपनी सजा काट रहा है।
| प्रमुख विवरण | तथ्य / विवरण |
| वर (दूल्हा) | मैनपाल बादली उर्फ मैनपाल ढिल्ला (उम्र 50 वर्ष) |
| वधू (दुल्हन) | मेटा चान (कंबोडियाई नागरिक) |
| विवाह स्थल | दुलीना फार्म, झज्जर-गुरुग्राम रोड, हरियाणा |
| पैरोल की अवधि | 12 घंटे (सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक) |
| कुल आपराधिक मामले | 22 मुकदमे (3 हत्या के मामलों में उम्रकैद) |
हिंदू रीति-रिवाज से विवाह और वापसी
दुल्हन मेटा चान अपने परिजनों और बच्चों के साथ इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने भारत आई हैं। दोनों का विवाह पूरी तरह से पारंपरिक हिंदू वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया जा रहा है।
शादी की मुख्य रस्में, जैसे फेरे और जयमाला पूरी होने के तुरंत बाद, पुलिस की टीम मैनपाल को हिरासत में लेकर वापस हिसार जेल के लिए रवाना हो जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होने पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
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