बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से हुई बदसलूकी और यौन उत्पीड़न की शर्मनाक घटना के बाद पूरे राज्य में जनाक्रोश का माहौल है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों के ‘हाफ एनकाउंटर’ के बाद बिहार की राजनीति चरम पर पहुंच गई है। इसी कड़ी में पटना के मोकामा से जदयू (JDU) विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। अनंत सिंह ने पुलिस की कार्रवाई का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि दुष्कर्म और महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, बल्कि ऐसे अपराधियों को उसी दिन खत्म कर देना चाहिए।
जमुई कांड पर अनंत सिंह की दो-टूक प्रतिक्रिया
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक अनंत सिंह से जब जमुई में हुई घटना और पुलिस एनकाउंटर पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने अपने चिरपरिचित बेबाक अंदाज में जवाब दिया। अनंत सिंह ने कहा कि जो लोग महिलाओं और बेटियों के खिलाफ इस तरह का घिनौना अपराध करते हैं, वे समाज के लिए ‘राक्षस’ समान हैं।
उन्होंने कहा:
“वैसा जो करता है, उसको एक दिन में मार देना चाहिए। ऐसे राक्षस व्यक्ति को जहां रहे तहां मार देना चाहिए। जो रेप करेगा, उसका मर्डर (एनकाउंटर) होगा। ऐसे लोगों को तो रोज मरना चाहिए।”
मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली मारे जाने की घटना पर अनंत सिंह ने कहा कि अपराधी के पैर में गोली मारना बेहद जरूरी कदम था। उन्होंने कहा कि कड़े कदम उठाकर ही समाज में कानून व्यवस्था का खौफ कायम किया जा सकता है।
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन का किया बचाव
विपक्ष द्वारा बिहार की कानून-व्यवस्था और राज्य सरकार पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए अनंत सिंह ने एनडीए सरकार और पुलिस प्रशासन का खुलकर बचाव किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के पीछे पुलिस बल तैनात नहीं किया जा सकता, लेकिन घटना होने के तुरंत बाद जिस त्वरित गति से बिहार पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है, वह सराहनीय है।
- सरकार की भूमिका: अनंत सिंह ने तर्क दिया कि अपराध होने पर सरकार और पुलिस का काम त्वरित कार्रवाई करना होता है, जो जमुई पुलिस ने हाफ एनकाउंटर के जरिए कर दिखाया है।
- अपराधी की कोई जाति नहीं: उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर सहमति जताई जिसमें कहा गया था कि अपराधी केवल अपराधी होता है, उसकी कोई जाति या धर्म नहीं होता।
- विपक्ष पर निशाना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और विपक्षी दलों द्वारा मामले को राजनीतिक रंग देने के आरोपों पर अनंत सिंह ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर राजनीति करने के बजाय सभी को पीड़िता के समर्थन और अपराधियों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।
क्या है जमुई कांड और पुलिस की कार्रवाई?
जमुई जिले की मड़वा पहाड़ी क्षेत्र में अपने सहपाठी के साथ घूमकर लौट रही एक नाबालिग छात्रा को मनचलों और अपराधियों के समूह ने घेर लिया था। अपराधियों ने छात्रा के साथ बदसलूकी और गंभीर छेड़खानी की, साथ ही उसके साथी के साथ मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया था।
| विषय | विवरण |
| घटना का स्थान | मड़वा पहाड़ी, जमुई जिला (बिहार) |
| मुख्य आरोपी | नंदन यादव एवं उसके सहयोगी |
| पुलिस कार्रवाई | मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी के पैर में गोली (हाफ एनकाउंटर) |
| अब तक की गिरफ्तारियां | 5 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी |
| दर्ज धाराएं | पॉक्सो (POCSO) एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराएं |
वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए छापेमारी अभियान शुरू किया। पुलिस के साथ मुठभेड़ में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
बिहार में बढ़ा सियासी तापमान
जमुई की इस घटना के बाद बिहार का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जन सुराज सहित कई विपक्षी दलों ने घटना को लेकर राज्यभर में विरोध प्रदर्शन, पुतला दहन और धरने का ऐलान किया है। विपक्ष लगातार बिहार में महिला सुरक्षा पर सवाल उठा रहा है।
दूसरी ओर, सत्ता पक्ष के नेताओं और अनंत सिंह जैसे विधायकों का कहना है कि पुलिस का एनकाउंटर मॉडल अपराधियों के मन में डर पैदा करने के लिए बेहद जरूरी है। विधायक अनंत सिंह का यह कड़ा रुख एक तरफ जहां त्वरित न्याय की जनता की मांग को दर्शाता है, वहीं दूसरी तरफ बिहार की राजनीति में त्वरित न्याय और ‘सिस्टम’ की बहस को और तेज कर गया है।