सोनिया सहरावत जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच इंस्टाग्राम स्टोरी को लेकर विवादों में आईं RAF अफसर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र प्रदर्शन और ‘संसद चलो’ मार्च के बाद रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत अचानक सुर्खियों और विवादों के केंद्र में आ गई हैं। 20 जुलाई 2026 को हुए प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात सोनिया सहरावत न केवल भीड़ के साथ हुई झड़प में घायल हुईं, बल्कि इसके दो दिन बाद उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा की गई एक विवादित इंस्टाग्राम स्टोरी ने नया राजनीतिक व सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है।

इस वायरल पोस्ट के बाद प्रदर्शनकारी संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP), विपक्षी नेताओं और आम नागरिकों की ओर से कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) प्रशासन द्वारा बल की सोशल मीडिया आचार संहिता के उल्लंघन के तहत उनसे स्पष्टीकरण मांगे जाने की संभावना जताई जा रही है।

क्या है पूरा मामला और क्यों शुरू हुआ विवाद?

20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा सुधारों की मांगों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा ‘संसद चलो’ मार्च का आयोजन किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए CRPF की विशेष दंगा-रोधी इकाई ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ (RAF) को तैनात किया गया था।

इसी तैनाती के दौरान RAF अफसर सोनिया सहरावत के हाथ और कंधे में चोट आई और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। घटना के बाद उन्होंने मीडिया के सामने आकर सुरक्षा बलों का पक्ष रखा। हालांकि, असली विवाद तब शुरू हुआ जब दो दिन बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट (3star_sonia) से एक स्टोरी शेयर की गई।

हालांकि विवाद बढ़ते ही इस स्टोरी को डिलीट कर दिया गया, लेकिन इसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।

कौन हैं सोनिया सहरावत?

सोनिया सहरावत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की असिस्टेंट कमांडेंट हैं और वर्तमान में दंगा-रोधी दस्ता ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ (RAF) में कार्यरत हैं।

सोनिया सहरावत वर्दीधारी सेवा के साथ-साथ सोशल मीडिया की दुनिया में भी एक चर्चित चेहरा हैं। उनके इंस्टाग्राम पेज पर वर्कआउट, फिटनेस, ट्रेंडिंग डांस रील्स और वर्दी में उनकी तस्वीरों व वीडियो की भरमार है, जिसे युवाओं द्वारा काफी पसंद किया जाता रहा है।

घटनाक्रम और सोनिया सहरावत का पक्ष

जंतर-मंतर पर हुए बवाल के दौरान घायल होने के बाद दिए गए बयानों में सोनिया सहरावत ने सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों को सिरे से खारिज किया था।

  • बल प्रयोग के आरोपों पर: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कमान में तैनात जवानों ने न तो जानबूझकर और न ही अनजाने में किसी प्रदर्शनकारी पर हमला किया।
  • भगदड़ का कारण: उन्होंने बताया कि पीछे से आई भीड़ के दबाव के कारण आगे खड़ी लड़कियां गिर गईं, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बनी। RAF का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित निकालना था।
  • सुरक्षा बलों पर हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि उपद्रव के दौरान उन पर पत्थर और जूते फेंके गए और उनके हेलमेट तक खींच लिए गए।
  • वायरल इंस्टाग्राम पोस्ट पर: वायरल स्टोरी के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने इसे अपना “व्यक्तिगत विषय” बताते हुए आगे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

राजनीतिक और विभागीय प्रतिक्रियाएं

वायरल स्टोरी सामने आते ही प्रदर्शनकारी समूह और कई राजनीतिक हस्तियों ने RAF अफसर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

1. प्रदर्शनकारियों (CJP) का रुख

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एक ऑन-ड्यूटी सुरक्षा अधिकारी द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को ‘कॉकरोच’ के रूप में संबोधित करना चौंकाने वाला है। संगठन ने लिखा, “हम कॉकरोच हैं, और कॉकरोच कभी नहीं मरते।”

2. विपक्षी नेताओं की घेराबंदी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने वायरल स्क्रीनशॉट को साझा करते हुए सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने अधिकारियों की वर्दी पर नेम टैग न होने के मुद्दे को उठाते हुए नियम व कानून के तहत जवाबदेही तय करने की मांग की।

3. विभागीय कार्रवाई की संभावना

वरिष्ठ अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CRPF प्रशासन इस मामले को सेवा नियमावली और सोशल मीडिया दिशानिर्देशों के उल्लंघन के रूप में देख रहा है। साल 2023 में जारी CRPF के नियमों के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों को ऑन-ड्यूटी या व्यक्तिगत अकाउंट से किसी राजनीतिक, संवेदनशील या सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन पर व्यक्तिगत या भड़काऊ टिप्पणियां करने की सख्त मनाही है। सूत्रों के अनुसार, बल द्वारा जल्द ही अधिकारी से औपचारिक जवाब या स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।

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  • Rahul Kaushik

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