कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पारिवारिक रिश्तों, भरोसे और इंसानियत को तार-तार कर दिया है। एक घर जिसे सुरक्षा और अपनेपन का आशियाना माना जाता है, वही साजिश और कत्ल का अखाड़ा बन गया। धन-दौलत और संपत्ति के अंधे लालच में एक बहू ने अपने ही बुजुर्ग करोड़पति ससुर की बेरहमी से हत्या करवा दी। पुलिस की तफ्तीश में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी फिल्मी थ्रिलर की कहानी से भी ज्यादा खौफनाक और हैरान कर देने वाले हैं। बहू ने न सिर्फ इस पूरी वारदात का ताना-बाना बुना, बल्कि वारदात के वक्त अपने वफादार नौकर को बेडरूम में छिपाकर फोन पर पल-पल की गाइडेंस देती रही। हत्या को अंजाम देने के बाद खुद पर शक न हो, इसके लिए आरोपी बहू सबके सामने फफक-फफक कर रोने का नाटक भी करती रही। हालांकि, पुलिस की पैनी नजर और फॉरेंसिक जांच के आगे उसकी यह चालाकी ज्यादा देर टिक नहीं सकी और पूरी साजिश का भंडाफोड़ हो गया।
करोड़ों की संपत्ति और पारिवारिक कलह बना हत्या का कारण
कानपुर के पॉश इलाके में रहने वाले बुजुर्ग कारोबारी के पास करोड़ों की चल-अचल संपत्ति थी। बेटे की शादी के बाद शुरुआत में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था, लेकिन धीरे-धीरे घर में संपत्ति के मालिकाना हक और वित्तीय फैसलों को लेकर खींचतान शुरू हो गई। सूत्रों और पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी बहू की नजर ससुर की बेशकीमती जमीनों, मकानों और बैंक खातों पर थी। वह चाहती थी कि ससुर पूरी संपत्ति उसके और उसके पति के नाम हस्तांतरित कर दें। हालांकि, ससुर को बहू की नीयत और फिजूलखर्ची पर कुछ शक था, जिसके कारण वे संपत्ति का नियंत्रण पूरी तरह से अपने हाथ में रखे हुए थे। इसी बात को लेकर घर में अक्सर मनमुटाव और कहासुनी होती रहती थी। जब बहू को लगा कि ससुर जीते-जी संपत्ति उसके नाम नहीं करेंगे, तो उसने अपने रास्ते के सबसे बड़े कांटे को हमेशा-हमेशा के लिए हटाने की खौफनाक योजना बना डाली।
मास्टरमाइंड बहू और वफादार नौकर की साजिश
इस वारदात को अंजाम देने के लिए बहू ने घर के ही एक नौकर को अपना मोहरा बनाया। नौकर को पैसों का बड़ा लालच दिया गया और संपत्ति हाथ लगते ही मोटी रकम देने का वादा किया गया। लालच में आकर नौकर भी इस घिनौनी साजिश का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गया। योजना इतनी सटीक बनाई गई थी ताकि किसी को भी घर के चिराग या बहू पर जरा सा भी शक न हो। वारदात वाले दिन, योजना के तहत बहू ने ससुर के बेडरूम में नौकर को पहले से ही छिपा दिया। रात के समय जब पूरा घर सो गया और बुजुर्ग ससुर अपने कमरे में अकेले थे, तब नौकर अलमारी में से बाहर निकला।
लाइव कॉल पर दी जा रही थी कत्ल की गाइडेंस
इस पूरे हत्याकांड की सबसे खौफनाक बात यह रही कि हत्या के वक्त बहू खुद मौके पर मौजूद नहीं थी, लेकिन वह फोन के जरिए लगातार नौकर से संपर्क में थी। फोन कॉल चालू था और बहू नौकर को हर कदम पर गाइड कर रही थी कि किस तरह बिना कोई शोर मचाए बुजुर्ग को ठिकाने लगाना है। नौकर ने जैसे ही बुजुर्ग पर हमला किया, ससुर ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन नौकर ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया। बहू फोन पर नौकर को निर्देश देती रही कि किस तरह उनका गला घोंटना है या भारी वस्तु से हमला करना है ताकि उनकी मौके पर ही मौत हो जाए। कत्ल की इस लाइव कमेंट्री के बीच नौकर ने बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी और कमरे को इस तरह से बिखेर दिया मानो कोई लुटेरा चोरी के इरादे से घर में घुसा हो।

शातिर चाल: चोरी का ड्रामा और घड़ियाली आंसू
हत्या को अंजाम देने के बाद नौकर मौके से फरार हो गया। सुबह होते ही घर में चीख-पुकार मच गई। ससुर का शव बेडरूम में खून से लथपथ या संदिग्ध हालत में मिलने की खबर मिलते ही आसपास के लोग जमा हो गए। इस दौरान आरोपी बहू ने अपनी अदाकारी का ऐसा मुजाहिरा किया कि हर कोई उस पर तरस खाने लगा। पुलिस और रिश्तेदारों के सामने वह फूट-फूट कर रोने लगी। उसने ऐसा नाटक रचा मानो इस दुखद घटना से सबसे ज्यादा सदमा उसी को पहुंचा हो। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए घर में डकैती और लूटपाट की आशंका जताई, ताकि पुलिस की जांच बाहरी बदमाशों की तरफ मोड़ दी जाए।
पुलिस की जांच, कॉल डिटेल और वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए कानपुर पुलिस की वरिष्ठ टीम, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से मुआयना किया। पुलिस को शुरुआती जांच में ही कुछ बातें संदिग्ध लगीं। घर के दरवाजे या खिड़कियों को जबरन तोड़े जाने के कोई निशान नहीं थे, जिससे साफ था कि कातिल का दाखिला दोस्ताना था या वह पहले से ही घर के अंदर मौजूद था।
पुलिस ने तुरंत घर के सदस्यों और नौकरों के मोबाइल फोन जब्त कर उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगालना शुरू किया। यहीं से पुलिस के हाथ सबसे बड़ा सुराग लगा। वारदात की रात बहू और नौकर के बीच कई बार लंबी बातचीत हुई थी और कत्ल के वक्त भी एक लंबी कॉल एक्टिव पाई गई। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी बहू अपने ही बयानों में उलझती चली गई। आखिरकार, पुलिस के सख्त रवैये और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने बहू टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
नौकर की गिरफ्तारी और कानून की सख्त कार्रवाई
बहू की निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार नौकर को भी आला-ए-कत्ल (हत्या में इस्तेमाल हथियार/सामान) के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नौकर ने भी पूरी साजिश का सच उगल दिया और माना कि वह पैसों के लालच में इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार हुआ था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश रचने और साक्ष्य मिटाने की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
इस घटना ने पूरे कानपुर शहर को स्तब्ध कर दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि महज चंद रुपयों और जायदाद के लिए कोई बहू अपने ही बुजुर्ग ससुर की इस तरह से हत्या करवा सकती है। समाज वैज्ञानिक और पुलिस अधिकारी इस घटना को मानवीय मूल्यों के पतन और अंधे लालच का दुष्परिणाम मान रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करने की प्रक्रिया तेज कर रही है ताकि अदालत से आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
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