नोएडा एयरपोर्ट: दो दिन से क्यों चक्कर लगा रहा इंडिगो का A320

नोएडा एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत से पहले एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक चरण देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से जेवर के आसमान में इंडिगो एयरलाइंस के एयरबस A320 विमान के लगातार चक्कर लगाने की खबर ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर उत्सुकता और आश्चर्य दोनों था कि आखिर एक विमान बिना लैंड किए एयरपोर्ट के ऊपर लगातार उड़ान क्यों भर रहा है। हालांकि, यह कोई आपातकालीन स्थिति या तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि नए बने इस विश्वस्तरीय एयरपोर्ट के संचालन से पहले की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक है—’कैलिब्रेशन और नेविगेशन टेस्टिंग (Calibration & Navigation Testing)।

आसमान में चक्कर लगाने की असली वजह: डीजीसीए का वैलिडेशन टेस्ट

किसी भी नए रनवे और एयरपोर्ट को उड़ानों के संचालन के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से अंतिम लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। इंडिगो का A320 विमान जेवर एयरपोर्ट के रनवे और वहां स्थापित अत्याधुनिक उपकरणों की जांच के लिए ही लगातार परीक्षण उड़ानें (Test Flights) भर रहा है।

इस प्रक्रिया को तकनीकी भाषा में ‘इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम’ (ILS) और नेविगेशन एड्स का कैलिब्रेशन कहा जाता है।

  • ILS और नेविगेशन की जांच: विमान में विशेष सेंसर और विशेषज्ञ मौजूद होते हैं जो यह मापते हैं कि रनवे पर लगे रेडियो सिग्नल, एप्रोच लाइट्स और जीपीएस गाइडेंस सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।
  • विभिन्न कोणों से एप्रोच: विमान लगातार टेक-ऑफ, लैंडिंग का प्रयास (Touch-and-Go) और अलग-अलग ऊंचाइयों व कोणों से एयरपोर्ट के ऊपर से गुजरता है। यही कारण है कि यह जमीन से देखने वालों को बार-बार चक्कर लगाता हुआ महसूस होता है।
  • पायलट गाइडेंस टेस्ट: यह देखा जा रहा है कि खराब मौसम, धुंध या कम दृश्यता (Low Visibility) के दौरान पायलटों को रनवे के सिग्नल और लाइटें कितनी सटीक दिखाई देती हैं।
नोएडा एयरपोर्ट

एयरपोर्ट पर क्या-क्या चल रही हैं तैयारियां?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश का सबसे आधुनिक और बड़ा एविएशन हब बनाने की तैयारी अंतिम चरण में है। इंडिगो A320 के इस ट्रायल रन के साथ-साथ ज़मीन पर भी कई बड़े परीक्षण और काम तेज़ी से निपटाए जा रहे हैं:

1. पैसेंजर टर्मिनल और बैगेज हैंडलिंग का ट्रायल

केवल रनवे ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट के भीतर टर्मिनल बिल्डिंग में भी मॉक-ड्रिल और परीक्षण जारी हैं। पैसेंजर चेक-इन काउंटर, सिक्योरिटी चेकिंग, बैगेज बेल्ट और एयरोब्रिज की क्षमता व गति का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि जब आम यात्री आएं तो उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

2. एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और सिग्नलिंग की मजबूती

एटीसी टॉवर और विमान के बीच संचार प्रणाली की स्पष्टता की पूरी तरह से समीक्षा की जा रही है। एटीसी के रडार और ऑटोमेटेड नेविगेशन सिस्टम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि एक समय में दर्जनों उड़ानों को बिना किसी बाधा के संभाला जा सके।

3. सुरक्षा बल और सीआईएसएफ (CISF) की तैनाती

एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा संभालने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने कमान संभाल ली है। रनवे की परिधि से लेकर पैसेंजर ज़ोन तक सुरक्षा का कड़ा पहरा तैयार किया गया है।

4. कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति

जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों से जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे, मेट्रो लिंक और रैपिड रेल (RRTS) की कनेक्टिविटी पर काम अंतिम दौर में है।

क्यों खास है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट?

नोएडा का यह जेवर एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है:

  • दिल्ली-एनसीआर का दूसरा बड़ा एयरपोर्ट: यह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट दिल्ली पर उड़ानों और यात्रियों के बढ़ते दबाव को काफी हद तक कम करेगा।
  • शुरुआती क्षमता: पहले चरण में इस एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों की होगी, जिसे आने वाले चरणों में बढ़ाकर 7 करोड़ से अधिक किया जाएगा।
  • एशिया का सबसे बड़ा कार्गो हब: इस एयरपोर्ट को केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई (Cargo) के लिए भी देश के सबसे बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

कमर्शियल उड़ानों की कब होगी शुरुआत?

इंडिगो A320 द्वारा सफलता पूर्वक किए जा रहे इन ट्रायल फ्लाइट्स के आंकड़ों को एकत्रित कर डीजीसीए को सौंपा जाएगा। डीजीसीए से हरी झंडी और एरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त होते ही, एयरपोर्ट से नियमित पैसेंजर उड़ानों की तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा।

प्रारंभिक चरण में इंडिगो और एकरसा एयर जैसी प्रमुख घरेलू एयरलाइंस यहां से देश के विभिन्न बड़े शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए अपनी उड़ानें शुरू करेंगी। इसके तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी शुरुआत की जाएगी।

जेवर के आसमान में इंडिगो A320 का दो दिनों से चक्कर लगाना किसी खतरे का संकेत नहीं, बल्कि भारत के सबसे आधुनिक एविएशन प्रोजेक्ट के पंख फैलाने की आधिकारिक शुरुआत है। यह इस बात का प्रमाण है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब सपनों से निकलकर ज़मीन पर पूरी तरह तैयार हो चुका है और जल्द ही यहाँ से पहली व्यावसायिक उड़ान आसमान की ओर उड़ान भरेगी।

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  • Rahul Kaushik

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