शादियों के मौसम में आपने अक्सर भव्य मंडप, शाही भोज और अनोखी रस्मों की खबरें सुनी होंगी, लेकिन भारत में एक ऐसी शादी भी हो चुकी है जो न सिर्फ देश में बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी। यह कोई आम शादी नहीं थी, बल्कि कुदरत का एक अद्भुत और अनोखा संयोग था। इस शादी में शादी के बंधन में बंधने वाले दूल्हे जुड़वां थे, उनसे शादी रचाने वाली दुल्हनें जुड़वां थीं, और सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाली बात तो यह थी कि उनका विवाह संपन्न कराने वाले पुजारी (पंडित) और शादी में मौजूद बाल-कलाकार (फ्लावर गर्ल्स और पेज बॉय) भी जुड़वां ही थे।
इस अनोखी और दुर्लभ शादी की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया से लेकर टीवी समाचारों तक यह तेजी से वायरल हो गई। लोग इस बात पर यकीन ही नहीं कर पा रहे थे कि आखिर ऐसा अनोखा संयोग एक ही मंडप के नीचे कैसे संभव हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं इस अनोखी शादी की पूरी कहानी, यह कहां हुई थी और इसके पीछे की क्या खास वजह थी।
कहाँ हुई थी यह अनोखी शादी?
यह अनोखी और ऐतिहासिक शादी भारत के दक्षिण राज्य केरल के त्रिशूर जिले के पुथुर (Puthur) नामक स्थान पर हुई थी। इस शादी ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से लेकर दुनिया भर के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था।
जब शादी के मंडप में एक जैसी शक्ल वाले दो दूल्हे, एक जैसी शक्ल वाली दो दुल्हनें और एक जैसे दिखने वाले दो पंडित एक साथ खड़े हुए, तो वहां मौजूद मेहमानों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो गया कि कौन कौन है। शादी में आए रिश्तेदार और दोस्त इस नज़ारे को देखकर हैरान भी थे और मुस्कुरा भी रहे थे।
कौन हैं यह जुड़वां दूल्हे और दुल्हनें?
इस अनोखे विवाह के मुख्य पात्र दो जुड़वां भाई और दो जुड़वां बहनें हैं, जिनकी बचपन से ही एक जैसी जिंदगी रही है:
- जुड़वां दूल्हे: इन दो भाइयों का नाम अंकार और रिंकार (Anker and Rinker) है। बचपन से ही दोनों भाइयों का रूप-रंग, खान-पान, पहनावा और पढ़ाई-लिखाई सब एक जैसी रही। दोनों भाइयों ने एक साथ अपनी पढ़ाई पूरी की और संयोग से दोनों ने ही आईटी (IT) क्षेत्र में अपना करियर बनाया।
- जुड़वां दुल्हनें: जिन दो बहनों से इन भाइयों की शादी हुई, उनके नाम रीना और रीमा (Reena and Reema) हैं। दूल्हों की तरह ही ये दोनों बहनें भी बचपन से एक साथ पली-बढ़ीं, एक जैसे कपड़े पहनती थीं और दोनों ने ही नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की।
दोनों ही जोड़ों का बचपन से सपना था कि वे जब भी शादी करेंगे, अपने ही जैसे जुड़वां जीवनसाथी से करेंगे।
पाँच साल की लंबी तलाश के बाद मिलीं सही जोड़ियां
अंकार और रिंकार ने जब शादी करने का फैसला किया, तो उन्होंने ठान लिया था कि वे जुड़वां बहनों से ही शादी करेंगे। हालांकि, ऐसी जोड़ियां ढूंढना बिल्कुल भी आसान काम नहीं था।
दोनों भाइयों और उनके परिवार ने करीब 5 साल तक ऐसी जुड़वां बहनों की तलाश की, जो पढ़ी-लिखी हों और उनके विचार आपस में मिलते हों। इसी तरह रीना और रीमा भी अपने लिए जुड़वां भाइयों का रिश्ता ढूंढ रही थीं। आखिरकार, एक मैट्रिमोनियल पोर्टल और मैरिज ब्यूरो के जरिए इन दोनों परिवारों का संपर्क हुआ। जब दोनों परिवार मिले और चारों की मुलाकात हुई, तो सभी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मानो उनका सालों पुराना सपना पूरा होने जा रहा था।
शादी कराने वाले पंडित भी थे जुड़वां
इस शादी की सबसे दिलचस्प और हैरान कर देने वाली बात यह थी कि सिर्फ दूल्हा-दुल्हन ही नहीं, बल्कि विवाह की रस्में कराने वाले पुजारी भी जुड़वां थे।
जब दूल्हा-दुल्हन की जोड़ियां तय हो गईं, तो परिवार वालों के मन में विचार आया कि क्यों न इस शादी को पूरी तरह से ‘ट्विन थीम’ (Twin Theme) पर ही आयोजित किया जाए। काफी खोजबीन के बाद उन्हें रेवरेंड हेन्ड्रिक्स और रेवरेंड रेजी नाम के दो पुजारी मिले, जो खुद जुड़वां भाई थे। जब इन पुजारियों को इस अनोखी शादी के बारे में पता चला, तो वे भी खुशी-खुशी विवाह संपन्न कराने के लिए तैयार हो गए।
शादी में हर चीज़ थी ‘डबल’
केरल की इस शादी को पूरी तरह से ‘ट्विन वंडर’ का रूप दिया गया था। विवाह समारोह में केवल मुख्य पात्र ही जुड़वां नहीं थे, बल्कि कई अन्य तत्व भी इसी थीम पर आधारित थे:
- फ्लावर गर्ल्स और पेज बॉय: शादी में दूल्हा-दुल्हन के आगे चलने वाली लड़कियां (फ्लावर गर्ल्स) और लड़के (पेज बॉय) भी जुड़वां बच्चे ही चुने गए थे।
- एक जैसा पहनावा: दोनों दूल्हों ने बिल्कुल एक जैसे पारंपरिक कुर्ते और मुंडू पहने थे, जबकि दोनों दुल्हनों ने एक जैसी सफेद कासावू साड़ी और पारंपरिक गहने पहने थे।
- समान रस्में: मंडप में दोनों जोड़ियों ने एक ही समय पर एक साथ शादी की रस्में पूरी कीं और एक-दूसरे को वरमाला पहनाई।
मेहमान हो गए थे भ्रमित
शादी में शामिल हुए मेहमानों के लिए यह अनुभव बेहद मनोरंजक और थोड़ा उलझन भरा रहा। एक ही मंडप में identical यानी एक जैसे दिखने वाले चेहरे होने के कारण कई बार लोग दूल्हे या दुल्हन को पहचानने में धोखा खा जाते थे।
यहां तक कि तस्वीरों और वीडियो शूट करने वाले फोटोग्राफर्स के लिए भी सही एंगल से दोनों जोड़ियों को कैमरे में कैद करना एक अनोखा अनुभव था। शादी के बाद जब तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गईं, तो लोगों ने इन्हें कुदरत का अनूठा करिश्मा बताया।
क्यों खास है यह घटना?
दुनिया भर में जुड़वां भाइयों की शादी जुड़वां बहनों से होने के मामले बहुत कम (करीब 1 लाख में से एक) देखने को मिलते हैं। लेकिन किसी एक ही शादी में दूल्हा, दुल्हन, शादी कराने वाले पुजारी और छोटे बाल-कलाकार—ये सभी के सभी जुड़वां हों, ऐसा इतिहास में शायद ही कभी सुना या देखा गया हो।
केरल की यह अनोखी शादी यह साबित करती है कि कभी-कभी जिंदगी में ऐसे इत्तेफाक होते हैं जो किसी फिल्मी कहानी से भी ज्यादा दिलचस्प और खूबसूरत बन जाते हैं। यह शादी आज भी भारतीय शादियों के इतिहास में एक बेहद अनोखी और यादगार घटना के रूप में याद की जाती है।
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