मनोरंजन और फैशन जगत की चमक-धमक के पीछे छिपे दबाव और ब्यूटी स्टैंडर्ड्स की कड़वी सच्चाई अक्सर सामने आती रहती है। हाल ही में ‘लॉक अप’ और ‘स्प्लिट्सविला’ फेम मॉडल-अभिनेत्री आकांक्षा चौधरी ने एक इंटरव्यू के दौरान एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने ब्यूटी इंडस्ट्री, कॉस्मेटिक सर्जरीज और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
आकांक्षा ने बताया कि जब वह मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की तैयारी कर रही थीं, तब उन्हें इंडस्ट्री के कई लोगों ने चेहरे को ‘शार्प’ और ‘चीजल्ड’ (chiselled) बनाने के लिए चीक फैट सर्जरी, यानी बकल फैट रिमूवल (Buccal Fat Removal) कराने की सलाह दी थी। इसके लिए उन्होंने काफी पैसे भी जुटाए और मुंबई आकर डॉक्टर से सलाह भी ली। हालांकि, बाद में इसके स्थायी नुकसान और चेहरे के कुदरती आकार के बदलने के डर से उन्होंने सर्जरी का फैसला टाल दिया। आकांक्षा ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने फैट कम करने वाले कई इंजेक्शन लिए जिन पर 40,000 से 60,000 रुपये तक खर्च हुए, लेकिन उनका नतीजा शून्य रहा।
आकांक्षा का यह अनुभव एक बड़ा सवाल खड़ा करता है: क्या शार्प और स्लिम चेहरा पाने की चाहत रखने वाले हर इंसान को वाकई चीक फैट सर्जरी की जरूरत होती है?
क्या होती है चीक फैट सर्जरी (बकल फैट रिमूवल)?
चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इसे ‘बकल फैट पैड एक्सट्रैक्शन’ (Buccal Fat Removal) कहा जाता है। हमारे गालों के निचले हिस्से में गहराई पर वसा (fat) की एक स्वाभाविक थैली होती है, जिसे बकल फैट पैड कहते हैं।
इस कॉस्मेटिक सर्जरी के दौरान डॉक्टर मुंह के अंदर एक छोटा सा चीरा लगाते हैं और गालों के इस फैट पैड को बाहर निकाल देते हैं। चूंकि चीरा मुंह के अंदर लगता है, इसलिए बाहर चेहरे पर कोई दाग या निशान नहीं दिखता। इस सर्जरी का मुख्य उद्देश्य गोल या भरे हुए चेहरे वाले लोगों के गालों के निचले हिस्से को स्लिम करके गाल की हड्डियों (Cheekbones) को अधिक उभारना होता है।
क्या हर किसी को इस सर्जरी की आवश्यकता है?
विशेषज्ञों और कॉस्मेटिक सर्जनों का साफ मानना है कि हर किसी को इस सर्जरी की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस सर्जरी की मांग करने वाले मरीजों में से केवल 30 प्रतिशत ही इसके लिए सही उम्मीदवार (ideal candidates) होते हैं।
चेहरे का आकार कई कारकों पर निर्भर करता है:
- आनुवंशिकी (Genetics): आपके चेहरे की बनावट आपके परिवार के जींस से तय होती है।
- हड्डी की बनावट (Bone Structure): जबड़े और गालों की हड्डियों का आकार।
- मांसपेशियां (Masseter Muscles): चबाने वाली मांसपेशियों का आकार बड़ा होने से भी चेहरा चौड़ा दिख सकता है।
- शरीर का वजन और त्वचा की गुणवत्ता: बॉडी फैट और स्किन की इलास्टिसिटी।
यदि किसी का चेहरा केवल बकल फैट की वजह से भरा हुआ नहीं है, बल्कि हड्डियों की बनावट या मांसपेशियों की वजह से गोल है, तो बकल फैट सर्जरी कराने के बाद भी चेहरे पर कोई खास सकारात्मक बदलाव नजर नहीं आएगा।

इस सर्जरी के संभावित जोखिम और दूरगामी नुकसान
यद्यपि बकल फैट रिमूवल को एक छोटा और सुरक्षित कॉस्मेटिक प्रोसीजर माना जाता है, लेकिन इसके अपने जोखिम हैं:
- उम्र से पहले बूढ़ा दिखना (Premature Ageing): जैसे-जैसे इंसान की उम्र बढ़ती है, चेहरे का कुदरती फैट अपने आप कम होने लगता है। यदि कम उम्र में ही गालों का फैट निकाल दिया जाए, तो 35-40 साल की उम्र के बाद चेहरा अत्यधिक धंसा हुआ (hollowed-out) और बूढ़ा दिखाई देने लगता है।
- चेहरे की नसों और लार ग्रंथियों को नुकसान: गालों के आसपास चेहरे की संवेदी नसें (facial nerves) और लार ग्रंथियां होती हैं। सर्जरी में थोड़ी सी चूक भी नसों को नुकसान पहुंचा सकती है।
- असमान परिणाम (Asymmetry): दोनों गालों का फैट एक जैसा न निकलने पर चेहरा एक तरफ से ज्यादा और दूसरी तरफ से कम धंसा हुआ दिख सकता है।
- सुधार के लिए अतिरिक्त सर्जरी: यदि चेहरा अत्यधिक धंस जाता है, तो उसे ठीक करने के लिए बाद में फैट ग्राफ्टिंग (Fat Grafting) जैसे जटिल इलाज कराने पड़ सकते हैं।
परफेक्ट लुक का दबाव और जागरूकता की आवश्यकता
इंटरनेट, सोशल मीडिया और रील्स के इस दौर में ‘परफेक्ट जॉलाइन’ और ‘चीजल्ड फेस’ का क्रेज काफी बढ़ गया है। लोग मशहूर हस्तियों और फिल्टर्स से प्रभावित होकर बिना सोचे-समझे कॉस्मेटिक प्रोसीजर अपनाने लगते हैं।
आकांक्षा चौधरी की कहानी यह सबक देती है कि किसी भी ब्यूटी ट्रेंड या बाहरी दबाव में आकर कोई बड़ा फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है। सुंदरता की कोई एक परिभाषा नहीं होती और हर चेहरे की अपनी अनूठी बनावट होती है। प्राकृतिक रूप से भरे हुए गाल (Chubby Cheeks) युवावस्था और ताजगी की पहचान होते हैं। इसलिए, किसी भी सर्जरी का सहारा लेने से पहले अपने स्वास्थ्य, भविष्य की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया और अपनी प्राकृतिक सुंदरता को प्राथमिकता देना सबसे सही कदम है।
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