कमरा नंबर 201, फर्जी नाम और फायरिंग का ट्रायल… टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में नए खुलासे

मुंबई की आबोहवा में एक बार फिर सनसनी फैल गई है, जब बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच के दौरान एक के बाद एक चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल गोलीकांड ने एक तरफ जहां फिल्म इंडस्ट्री और आम जनता को सकते में डाल दिया है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियों के हाथ लगे नए सबूतों ने इस साजिश के गहरे और खतरनाक नेटवर्क की परतों को उधेड़ना शुरू कर दिया है। पुलिस की शुरुआती और गहन छानबीन से यह साफ हो चुका है कि यह हमला कोई सामान्य रंजिश या अचानक उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक गहरी और सुनियोजित साजिश रची गई थी।

अंधेरी के होटल में फर्जी नाम से ठहरे थे आरोपी मुंबई क्राइम ब्रांच की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले शातिर शूटर मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित ‘आरआर रेजिडेंसी’ होटल में रुके हुए थे। दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि इन आरोपियों ने अपनी असली पहचान पूरी तरह से छिपाने के लिए फर्जी नामों का इस्तेमाल किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, होटल के रिकॉर्ड में आरोपियों ने अपना नाम अंकित और मोहित दर्ज कराया था, जबकि जांच में उनकी असली पहचान फूल सिंह और रेहान के रूप में उजागर हुई है।

इन दोनों आरोपियों ने होटल में बुकिंग के दौरान खुद को हरियाणा के हिसार जिले का रहने वाला बताया था। इस होटल के कमरे का दैनिक किराया करीब 1,500 रुपये था। पुलिस के पास मौजूद दस्तावेजों और होटल के सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, ये आरोपी 14 अक्टूबर की सुबह करीब 11 से 11:30 बजे के बीच इस होटल में दाखिल हुए थे। इसके बाद, वारदात को अंजाम देने की पूरी रूपरेखा तैयार करने के बाद वे 18 अक्टूबर की शाम करीब 4 से 4:30 बजे के बीच होटल से बाहर निकल गए और उसके बाद कभी वापस नहीं लौटे। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को आरोपियों के आने-जाने के सटीक समय और उनकी संदिग्ध गतिविधियों की अहम कड़ियां हाथ लगी हैं।

होटल के कमरे में कैसे चली गोली? इस पूरे मामले में एक और बेहद चौकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने हथियारों की कार्यकुशलता की जांच यानी ट्रायल किया था। पुलिस पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि आरोपियों ने मुंबई के पास एक सुनसान जगह पर हथियार का परीक्षण किया था, जहां एक आरोपी ने दो राउंड और दूसरे आरोपी ने एक राउंड गोली चलाकर हथियार की टेस्टिंग की थी।

लेकिन मामला तब और गंभीर हो गया जब यह पता चला कि सिर्फ बाहर ही नहीं, बल्कि अंधेरी के उक्त होटल के कमरे (कमरा नंबर 201) के अंदर भी हथियार की जांच के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई। हथियार की चेकिंग के दौरान अचानक गलती से गोली चल गई, जो सीधे होटल के बेड पर जाकर लगी। गनीमत यह रही कि उस वक्त कमरे या आसपास कोई हताहत नहीं हुआ, वरना एक बड़ा हादसा होटल के भीतर ही हो जाता। आरोपियों ने इस घटना के बाद अपनी गतिविधियों को बेहद चालाकी से छुपाने की कोशिश की, ताकि किसी को भी उनके नापाक इरादों की भनक न लग सके।

वारदात से पहले की गई थी रेकी और बाइक का इस्तेमाल जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने हमले से पहले अभिनेताओं और मशहूर हस्तियों के ठिकानों की गहन रेकी की थी। इसके लिए वे ऑटो-रिक्शा का इस्तेमाल करते थे और अपनी पहचान छुपाने के लिए स्थानीय लोगों या चालकों को छोटी-मोटी रकम भी देते थे। 18 अक्टूबर को जब आरोपी शाम के समय होटल से निकले, तो वे सीधे जुहू के पुष्पा पार्क फुटबॉल ग्राउंड की ओर बढ़े, जहां बाद में टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर फायरिंग की गई।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन में एक पीले रंग की पल्सर बाइक का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस बाइक को आरोपी ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन द्वारा 14 अक्टूबर से 18 अक्टूबर के बीच रोजाना जुहू गली और गिल्बर्ट हिल इलाके से होटल तक लाया जाता था। शूटरों की इस मूवमेंट और प्लानिंग ने पुलिस को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पेशेवर अपराधियों की तर्ज पर इस वारदात को अंजाम दिया गया था।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कनेक्शन और हथियारों की सप्लाई

मुंबई पुलिस ने अदालत को दी गई अपनी रिपोर्ट में यह साफ कर दिया है कि टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई इस फायरिंग के तार कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा हमला लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य अनिल पंडित के इशारे और निर्देशों पर प्लान किया गया था। इस मामले में पुलिस ने हाल ही में राजस्थान के कोटा से तीन मुख्य आरोपियों—रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और फूल सिंह—को गिरफ्तार कर मुंबई की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस अब इन आरोपियों से हथियार कहां से आए, उन्हें किसने फाइनेंस किया और इस साजिश में और कौन-कौन लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं, इन तमाम बिंदुओं पर गहराई से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने अपने इस्तेमाल किए गए दो महत्वपूर्ण मोबाइल फोन नष्ट कर दिए हैं, ताकि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पुलिस के हाथ न लग सकें। हालांकि, तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की मदद से पुलिस इस डिजिटल साक्ष्य को रिकवर करने और आरोपियों के नापाक संपर्कों को खंगालने में जुटी हुई है।

हथियार तस्करों और महिला सहयोगियों की गिरफ्तारी

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे नए मोर्चे खुलते जा रहे हैं। मुंबई पुलिस ने इस मामले में हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच अन्य लोगों को भी इस सिलसिले में गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस साजिश के तहत कुछ आरोपी हथियार लेने के लिए विशेष रूप से अमृतसर गए थे, जबकि पकड़ी गई दोनों महिलाओं ने ट्रेन के माध्यम से हथियारों को सुरक्षित तरीके से मुंबई तक पहुंचाया था। इसके अलावा, मुंबई में ही रहकर इन बाहरी शूटरों को स्थानीय स्तर पर पनाह देने, रहने की व्यवस्था करने और रसद मुहैया कराने वाले एक अन्य सहयोगी को भी दबोच लिया गया है। इस तरह एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है जो अंतर-राज्यीय स्तर पर हथियारों और अपराधियों की आवाजाही को अंजाम दे रहा था।

घायल व्लॉगर की सर्जरी और सुरक्षा पर सवाल

यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब रविवार शाम को जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। गनीमत यह रही कि अभिनेता इस जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन इस फायरिंग की चपेट में आकर उनका ड्राइवर और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना में घायल हुए व्लॉगर उमेश चौहान की बुधवार को मुंबई के प्रसिद्ध केईएम अस्पताल में एक जटिल सर्जरी की गई, जिसके दौरान उनके शरीर से गोली को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, सर्जरी के बाद अब उनकी हालत पूरी तरह से स्थिर है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है।

इस गोलीकांड के सामने आने के बाद से बॉलीवुड गलियारों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं। कई सेलिब्रिटीज ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर लिया है, बुलेटप्रूफ गाड़ियों का इस्तेमाल बढ़ा दिया गया है और मीडिया तथा पैपराजी के साथ दूरी बनाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। बहरहाल, मुंबई पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल केस में कुछ और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

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  • Rashika Sharma

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