भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे भव्य और महत्वाकांक्षी फिल्मों में शामिल नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ (Ramayana) को लेकर दर्शकों का उत्साह चरम पर है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और साउथ सुपरस्टार यश लंकापति रावण की भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में फिल्म के पहले भाग की रिलीज़ डेट सामने आने के बाद सिनेप्रेमियों के बीच एक बड़ी उलझन पैदा हो गई थी।
फिल्म के अंतरराष्ट्रीय पोस्टर और टीज़र में रिलीज़ डेट 6 नवंबर 2026 बताई गई थी, जबकि भारतीय बाज़ार के लिए इसे 8 नवंबर 2026 (दीवाली) के अवसर पर रिलीज़ करने का प्रचार किया जा रहा है। दो अलग-अलग तारीखों को लेकर उपजे इस भ्रम को दूर करते हुए फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने आधिकारिक तौर पर इस अनोखी रिलीज़ रणनीति का खुलासा किया है।
दो अलग-अलग रिलीज़ डेट्स की मुख्य वजह
निर्माता नमित मल्होत्रा ने एक हालिया साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि ‘रामायण’ को वैश्विक मंच पर एक साथ बड़े पैमाने पर प्रदर्शित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय वितरण (International Distribution) और भारतीय बॉक्स ऑफिस की रणनीतियों को ध्यान में रखा गया है:
- अंतरराष्ट्रीय बाज़ार (6 नवंबर 2026): ओवरसीज मार्केट (विदेशों) में फिल्में पारंपरिक रूप से शुक्रवार (Friday) को रिलीज़ की जाती हैं। उस हफ्ते शुक्रवार 6 नवंबर को पड़ रहा है, इसलिए ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स (जैसे सोनी पिक्चर्स) के सहयोग से इसे वैश्विक स्तर पर 6 नवंबर को सिनेमाघरों में उतारा जाएगा।
- भारतीय बाज़ार (8 नवंबर 2026): भारत में दिवाली का मुख्य त्यौहार रविवार, 8 नवंबर 2026 को पड़ रहा है। भारतीय दर्शक त्यौहार के मुख्य दिन ही बड़े पर्दे पर सिनेमा देखना पसंद करते हैं, इसलिए निर्माताओं ने भारत में इसे सीधे दिवाली के दिन रिलीज़ करने का फैसला किया है।

वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति को पहुँचाने का लक्ष्य
नमित मल्होत्रा और उनकी कंपनी ‘प्राइम फोकस’ (Prime Focus) इस प्रोजेक्ट के ज़रिए भारतीय सिनेमा के तकनीकी और सांस्कृतिक मानकों को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है।
भारतीय दर्शकों के लिए क्या खास रहेगा?
भारत में 8 नवंबर 2026 को रिलीज़ होने वाली यह फिल्म केवल एक सिनेमाई अनुभव नहीं, बल्कि दिवाली के पावन अवसर पर एक सांस्कृतिक उत्सव की तरह प्रस्तुत की जाएगी। निर्माता का मानना है कि विदेशों में 2 दिन पहले रिलीज़ होने से भारत में इस फिल्म को लेकर बज और उत्सुकता (Word of Mouth) कई गुना बढ़ जाएगी।
नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा का लक्ष्य इस कालजयी कथा को आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और प्रामाणिक कहानी-कथन के साथ प्रस्तुत करना है, जिससे यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हो सके।
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