डिजिटल इंडिया और प्रशासनिक सुधारों के इस दौर में पासपोर्ट सेवा प्रणाली में भी क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्वरित और सुलभ बना दिया है। यदि आप भी नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट को रीन्यू (Renew) कराने की सोच रहे हैं, तो ये नए नियम आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। पुराने समय की तरह अब आपको सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने या महीनों तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी।
इन नए नियमों और दिशानिर्देशों को इस तरह तैयार किया गया है ताकि आम जनता को कम से कम कागजी कार्रवाई (Paperwork) का सामना करना पड़े और सत्यापन की प्रक्रिया भी झंझट-मुक्त हो। आइए विस्तार से जानते हैं पासपोर्ट के नए नियमों के बारे में जो आपके पासपोर्ट बनवाने के अनुभव को पूरी तरह बदल देंगे।
1. डीजीलोकर (DigiLocker) का अनिवार्य उपयोग और कागजी झंझट से मुक्ति
विदेश मंत्रालय के नए अपडेट के अनुसार, पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया में डीजीलोकर (DigiLocker) को प्राथमिकता दी गई है।
- दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन: अब आवेदकों को पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या पोस्ट ऑफिस पास सेवा केंद्र (POPSK) में अपने मूल कागजात (Original Documents) की हार्ड कॉपी साथ ले जाने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो गई है।
- अपलोड करने का नया तरीका: आप पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर आवेदन करते समय ही अपने सभी जरूरी दस्तावेज—जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, या शैक्षणिक प्रमाण पत्र—डिजिटल रूप से ‘DigiLocker’ के माध्यम से लिंक करके जमा कर सकते हैं।
- समय की बचत: केंद्र पर सत्यापन अधिकारी आपके दस्तावेजों का मिलान सीधे डिजिटल डेटाबेस से कर लेंगे, जिससे जाली दस्तावेजों का खतरा खत्म हो जाएगा और वेरिफिकेशन प्रक्रिया मिनटों में पूरी हो जाएगी।
2. पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) प्रणाली हुई हाई-टेक
पासपोर्ट बनवाने में सबसे अधिक समय पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया में लगता था, लेकिन अब इस प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया गया है।
- mPassport Police App का इस्तेमाल: पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से ‘mPassport Police App’ का प्रशिक्षण और टैबलेट/स्मार्टफोन दिए गए हैं।
- रियल-टाइम वेरिफिकेशन: जब पुलिसकर्मी आपके घर सत्यापन के लिए आते हैं, तो वे मौके पर ही ऐप के जरिए आपकी जानकारी दर्ज कर रिपोर्ट सीधे पासपोर्ट कार्यालय को भेज देते हैं।
- कम हुआ समय: जहां पहले पुलिस रिपोर्ट आने में 15 से 30 दिन का समय लग जाता था, वहीं अब इस डिजिटल प्रक्रिया से वेरिफिकेशन मात्र 2 से 5 दिनों में पूरा हो रहा है। इसके अलावा, कई श्रेणियों में प्री-वेरिफिकेशन की जगह पोस्ट-वेरिफिकेशन (पासपोर्ट जारी होने के बाद सत्यापन) की सुविधा भी बढ़ा दी गई है।
3. जन्मतिथि प्रमाण (Date of Birth Proof) के नियमों में बड़ी छूट
पहले के नियमों के तहत, एक निश्चित तारीख के बाद जन्मे लोगों के लिए जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) देना अनिवार्य था, जिससे कई लोगों को परेशानी आती थी।
- आधार और अन्य दस्तावेज मान्य: अब पासपोर्ट नियमों को बेहद लचीला बनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर आप आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC), या स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट भी जमा कर सकते हैं।
- पेंशन और सेवा रिकॉर्ड: सरकारी कर्मचारियों के लिए उनका सर्विस रिकॉर्ड या पेंशन ऑर्डर भी जन्मतिथि का वैध प्रमाण माना जाएगा।
4. सिंगल पैरेंट, अनाथ और तलाकशुदा आवेदकों के लिए आसान नियम
नए नियमों में सामाजिक और पारिवारिक स्थितियों की विविधताओं का विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे अब कई जटिल मामलों में प्रक्रिया आसान हो गई है।
- सिंगल पैरेंट (Single Parents): यदि बच्चा केवल माता या केवल पिता के साथ रहता है, तो पासपोर्ट पर माता या पिता में से किसी एक का नाम देना ही पर्याप्त है। दूसरे अभिभावक का नाम देना अनिवार्य नहीं है।
- तलाकशुदा या अलग हुए दंपति: तलाक की स्थिति में आवेदकों को अब अपने पूर्व पति/पत्नी का नाम देना या मैरिज सर्टिफिकेट/तलाक की डिग्री जमा करना आवश्यक नहीं है।
- अनाथ बच्चे (Orphaned Children): अनाथालयों में रहने वाले बच्चों के लिए यदि जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, तो अनाथालय के प्रमुख या बाल कल्याण संस्थान के प्रमुख द्वारा हस्ताक्षरित पत्र को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
- गोद लिए बच्चे (Adopted Children): अब पंजीकृत एडॉप्शन डीड प्रस्तुत करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है। साधारण डीड या डिक्लेरेशन भी स्वीकार्य है।
5. ई-पासपोर्ट (e-Passport) और चिप आधारित सुरक्षा व्यवस्था
भारत में अब नेक्स्ट-जनरेशन ई-पासपोर्ट (e-Passport) जारी करने की प्रक्रिया को तेजी से लागू किया जा रहा है।
- एडवांस्ड सिक्योरिटी चिप: नए ई-पासपोर्ट में एक इलेक्ट्रॉनिक चिप (Radio-Frequency Identification – RFID) लगी होगी, जिसमें आवेदक का सभी बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट, फोटो, फेशियल स्कैन) एन्क्रिप्टेड फॉर्म में सुरक्षित रहेगा।
- फर्जीवाड़े पर लगाम: यदि कोई व्यक्ति पासपोर्ट में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या जालसाजी करने की कोशिश करेगा, तो एयरपोर्ट पर बने ई-गेट्स (e-Gates) पर स्कैनिंग के दौरान सिस्टम तुरंत इसकी पहचान कर लेगा।
- इमिग्रेशन में तेजी: ई-पासपोर्ट के आने से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन (Immigration) काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा, क्योंकि स्कैनिंग की प्रक्रिया स्वचालित और सेकंडों में होगी।
6. देश के किसी भी पासपोर्ट कार्यालय से आवेदन करने की छूट
पुराने नियमों के तहत, आवेदक को केवल उसी पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन करने की अनुमति थी जिसके अधिकार क्षेत्र में उसका ‘स्थायी पता’ (Permanent Address) आता था।
- कहीं से भी आवेदन: अब नए नियमों के अनुसार, आप भारत में कहीं भी रह रहे हों—चाहे नौकरी, पढ़ाई या बिजनेस के सिलसिले में—आप अपने ‘वर्तमान पते’ (Current Address) के आधार पर नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र में आवेदन कर सकते हैं।
- पता सत्यापन: पुलिस सत्यापन उसी पते पर भेजा जाएगा जो आपने वर्तमान पते के रूप में दर्ज किया है। इससे अपने गृहनगर से दूर रहने वाले लाखों पेशेवरों और छात्रों को बड़ी राहत मिली है।
7. नाम परिवर्तन और वैवाहिक स्थिति (Marital Status) के सरल नियम
- शादी के बाद नाम बदलना: शादीशुदा महिलाओं को पासपोर्ट में अपना सरनेम (Surname) बदलने के लिए अब मैरिज सर्टिफिकेट या मैरिज फोटो जमा करने की जरूरत नहीं है। केवल एक साधारण स्व-घोषणा (Self-Declaration) ही काफी है।
- अनेक्सचर (Annexures) की संख्या में कटौती: पहले पासपोर्ट बनवाने के लिए विभिन्न प्रकार के हलफनामे (Affidavits) और अनेक्सचर देने पड़ते थे। अब अधिकांश अनेक्सचर को खत्म करके केवल सादे कागज पर ‘सेल्फ-डिक्लेरेशन’ प्रणाली को लागू कर दिया गया है।
पासपोर्ट के लिए आवेदन कैसे करें? (कदम-दर-कदम प्रक्रिया)
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट
passportindia.gov.inपर जाएं या ‘mPassport Seva’ ऐप डाउनलोड करें। - पंजीकरण (Registration): अपना यूजर आईडी और पासवर्ड बनाकर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें।
- आवेदन पत्र भरें: फ्रेश (Fresh) या रीन्यूअल (Re-issue) का विकल्प चुनें और मांगी गई जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।
- डीजीलोकर से दस्तावेज जोड़ें: प्रक्रिया को तेज बनाने के लिए अपने कागजात DigiLocker के माध्यम से अपलोड करें।
- शुल्क का भुगतान और अपॉइंटमेंट: ऑनलाइन मोड (यूपीआई, नेट बैंकिंग, कार्ड) से शुल्क का भुगतान करें और अपने नजदीकी पासपोर्ट केंद्र की तिथि व समय (Slot) बुक करें।
- केंद्र का दौरा: नियत समय पर अपने संबंधित पासपोर्ट सेवा केंद्र जाएं, जहां बायोमेट्रिक (फोटो और फिंगरप्रिंट) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विदेश मंत्रालय द्वारा पासपोर्ट प्रणाली में किए गए ये दूरगामी बदलाव भारत के नागरिकों को सुगम और परेशानी-मुक्त प्रशासनिक सेवाएं देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं। प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, पुलिस वेरिफिकेशन में तेजी, और कागजी औपचारिकताओं में छूट से अब पासपोर्ट बनवाना बेहद सरल हो चुका है। यदि आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं या पहचान पत्र के रूप में एक मजबूत दस्तावेज चाहते हैं, तो इन नए और आसान नियमों का लाभ उठाकर बिना किसी झंझट के अपना पासपोर्ट तुरंत बनवा सकते हैं।
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