CWG 2026: भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी का धमाकेदार प्रदर्शन, 51 किग्रा वर्ग के फाइनल में बनाई जगह

स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 (CWG 2026) में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा और शानदार फॉर्म लगातार जारी है। भारत की उभरती हुई स्टार मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किलोग्राम फ्लाईवेट भार वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए फाइनल (स्वर्ण पदक मुकाबला) में प्रवेश कर लिया है। इस शानदार जीत के साथ ही साक्षी ने भारत के लिए कम से कम एक रजत पदक (Silver Medal) पक्का कर लिया है, और अब पूरा देश उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद लगाए बैठा है।

सेमीफाइनल में 5-0 से हासिल की एकतरफा जीत

सेमीफाइनल मुकाबले में साक्षी चौधरी का आमना-सामना कनाडा की अनुभवी मुक्केबाज एंबर-जेन वॉल से हुआ। मैच की शुरुआत से ही साक्षी ने रिंग के भीतर अपनी बेहतरीन तकनीक, नियंत्रित फुटवर्क और त्वरित काउंटर-अटैकिंग शैली का प्रदर्शन किया। साक्षी ने दूरी बनाए रखते हुए सटीक जैब और स्ट्रेट पंचेस का इस्तेमाल किया, जिसका कनाडाई मुक्केबाज के पास कोई जवाब नहीं था। तीनों राउंड्स में साक्षी ने अपनी आक्रामकता और बचाव का संतुलन बनाए रखा और पांचों जजों के सर्वसम्मत फैसले (Unanimous Decision) से 5-0 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

टूर्नामेंट में अब तक का निर्बाध सफर

राष्ट्रमंडल खेल 2026 में साक्षी चौधरी का सफर बेहद प्रभावशाली और एकतरफा रहा है। प्री-क्वार्टरफाइनल से लेकर सेमीफाइनल तक, उन्होंने अपने सभी विरोधियों को 5-0 के अंतर से शिकस्त दी है। क्वार्टरफाइनल मैच में साक्षी ने उत्तरी आयरलैंड की यूरोपीय चैंपियनशिप रजत पदक विजेता केटलिन फ्रायर्स को हराकर सभी को चौंका दिया था। इस मुकाबले में दिखाए गए आत्मविश्वास ने ही उन्हें सेमीफाइनल और फाइनल की जंग के लिए मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाया।

मैचप्रतिद्वंद्वी (देश)निर्णय / स्कोर
प्री-क्वार्टरफाइनललेथाबो मोदुकानेले (बोत्सवाना)5-0 (जीत)
क्वार्टरफाइनलकेटलिन फ्रायर्स (उत्तरी आयरलैंड)5-0 (जीत)
सेमीफाइनलएंबर-जेन वॉल (कनाडा)5-0 (जीत)

चोटों से जंग और चयन ट्रायल्स में ऐतिहासिक वापसी

साक्षी चौधरी के लिए राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल तक का यह सफर आसान नहीं रहा। अतीत में कई गंभीर चोटों के कारण उन्हें लंबे समय तक रिंग से बाहर रहना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इस वर्ष आयोजित हुए राष्ट्रीय चयन ट्रायल्स में साक्षी ने 51 किग्रा श्रेणी में दोहरी विश्व चैंपियन निखत जरीन और राष्ट्रीय चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा जैसी दिग्गज मुक्केबाजों को हराकर भारतीय दल में अपनी जगह पक्की की थी। उनकी यह वापसी उनकी कड़ी मेहनत और अटूट मानसिक शक्ति को दर्शाती है।

ग्लासगो में भारतीय बॉक्सिंग का ऐतिहासिक प्रदर्शन

ग्लासगो 2026 में केवल साक्षी ही नहीं, बल्कि भारतीय मुक्केबाजी का पूरा दल शानदार प्रदर्शन कर रहा है। साक्षी चौधरी के अलावा प्रिया घनघस (60 किग्रा), जादुमनी सिंह (55 किग्रा), अंकुश पंगहाल और जैस्मिन लंबोरिया जैसे कई अन्य भारतीय मुक्केबाज भी अपने-अपने भार वर्गों के फाइनल में पहुंच चुके हैं। देश भर के खेल प्रेमी अब फाइनल मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जहां साक्षी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से रिंग में उतरेंगी।

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