नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान को फांसी देने के लिए मीरा राठौर ने मांगी अनुमति

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से जुड़े चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। इस सनसनीखेज मामले में अदालत द्वारा मौत की सजा पाने वाली मुख्य आरोपी मुस्कान को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। आगरा से अखिल भारतीय हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने इच्छा जताई है कि यदि कानूनी अनुमति मिले, तो वह खुद मुस्कान को फांसी देने के दौरान रस्सी खींचना चाहती हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया से जुड़ा खर्च भी खुद उठाने की पेशकश की है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले और उससे जुड़े घटनाक्रम ने एक बार फिर से समाज और न्याय व्यवस्था के गलियारों में बहस छेड़ दी है। आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम और मीरा राठौर के इस बड़े बयान के पीछे की पूरी कहानी।

क्या है पूरा ‘नीला ड्रम हत्याकांड’?

यह पूरा मामला मेरठ का है, जहां कुछ समय पहले प्रेम प्रसंग के चलते एक खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया था। मुख्य आरोपी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद साक्ष्यों को छिपाने के लिए सौरभ के शव को एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में भरकर सीमेंट से जाम कर दिया गया था। इस अमानवीय और क्रूर तरीके से किए गए कत्ल ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद 14 अक्टूबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई। अदालत के इस कड़े फैसले को समाज में एक कड़ा संदेश देने वाला माना गया था।

मीरा राठौर की अनोखी और सख्त पेशकश

अखिल भारतीय हिंदू महासभा की आगरा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर हाल ही में अपने समर्थकों के साथ मेरठ पहुंचीं। उन्होंने उस किराए के मकान का दौरा किया, जहां इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले प्रयागराज के पवित्र संगम से लाए गए जल से घर के मुख्य दरवाजे का शुद्धीकरण किया, नारियल फोड़ा और पूजा-अर्चना की। उनका कहना था कि इस घर में हुई क्रूर हत्या के कारण नकारात्मक ऊर्जा और भटकी हुई आत्मा की शांति के लिए यह जरूरी था।

दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मीरा राठौर ने खुलकर कहा कि वह चाहती हैं कि जिस दिन मुस्कान को उसके किए की सजा के तौर पर फांसी के फंदे पर लटकाया जाए, उस दिन सौरभ की मां रेणु देवी भी वहां मौजूद रहें। उन्होंने इच्छा जताई कि फांसी के फंदे की रस्सी का एक सिरा वह खुद पकड़ेंगी और दूसरा सिरा मृतक सौरभ की मां रेणु देवी के हाथों में होगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि इस कार्य में आने वाला सारा खर्च वह व्यक्तिगत तौर पर उठाने को तैयार हैं।

पीड़ित परिवार का दर्द और न्याय की गुहार

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मृतक सौरभ की मां रेणु देवी भी वहां मौजूद थीं। बेटे की दर्दनाक मौत को याद कर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार ने साफ तौर पर मांग की है कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा के खिलाफ दोषियों की ओर से जो अपीलें उच्च न्यायालय (High Court) या उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में की गई हैं, उनका निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए।

पीड़ित परिवार और न्याय का समर्थन करने वाले संगठनों का मानना है कि ऐसे जघन्य अपराधों में न्याय मिलने में जितनी देरी होती है, पीड़ितों का दर्द उतना ही गहरा होता है। मीरा राठौर ने भी इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के मामलों में स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) होनी चाहिए ताकि अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा हो सके और समाज में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सौरभ की बेटी की कस्टडी को लेकर भी उठी मांग

इस सनसनीखेज मामले में केवल फांसी की सजा ही नहीं, बल्कि मृतक सौरभ की मासूम बेटी ‘पीहू’ के भविष्य को लेकर भी बहस छिड़ गई है। मीरा राठौर ने पुरजोर मांग उठाई है कि बच्ची पीहू को उसके नाना-नानी के बजाय उसके दादा-दादी (सौरभ के परिवार) को सौंपा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि बच्ची का पालन-पोषण उसके अपने परिवार और अपनों के बीच होना चाहिए, जो इस भारी सदमे से उबरे हैं।

समाज में चर्चा का विषय बनी यह मांग

मीरा राठौर द्वारा मुस्कान को फांसी देने के लिए खुद रस्सी खींचने और उसका पूरा खर्च उठाने की पेशकश ने सोशल मीडिया से लेकर आम जनजीवन तक में बड़ी बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां इसे महिलाओं के प्रति हुए अत्याचार और क्रूर अपराध के खिलाफ समाज का कड़ा आक्रोश माना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ न्यायिक प्रक्रियाओं और दंड विधान के नियमों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। बहरहाल, देश की न्याय प्रणाली पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि उच्च स्तर की अदालतों में इस मामले की आगामी सुनवाई में क्या रुख अपनाया जाता है।

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  • Rahul Kaushik

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