सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों (X, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप) पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक व्यक्ति कुर्सी पर बैठकर नशे की हालत में अजीबोगरीब हरकतें करता और चिल्लाता हुआ दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा शख्स कोई और नहीं बल्कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान हैं।
विपक्ष और कई सोशल मीडिया यूज़र्स इस वीडियो को शेयर करते हुए आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर निशाना साध रहे हैं। हालांकि, जब हमारी फैक्ट-चेक टीम ने इस वायरल वीडियो की गहनता से पड़ताल की, तो सच्चाई कुछ और ही निकलकर सामने आई।
वायरल दावा क्या है?
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए इस 15 से 20 सेकेंड के वीडियो क्लिप में एक व्यक्ति शराब के नशे में धुत नजर आता है। वह व्यक्ति कुर्सी पर बैठे-बैठे पंजाबी में “अपने मुंडे दा व्याह” (मेरे बेटे की शादी) चिल्लाता है।
दावा किया जा रहा है कि:
“पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में मौजूद हैं। यह पंजाब के शासन और कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।”
इस वीडियो के साथ तरह-तरह के तंज भरे कैप्शन लिखे जा रहे हैं। लेकिन डिजिटल फॉरेंसिक जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक साबित हुआ है।
पड़ताल और फैक्ट-चेक: वीडियो की असली सच्चाई
हमारी फैक्ट-चेक टीम ने इस वीडियो का सच जानने के लिए रिवर्स इमेज सर्च और डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स का सहारा लिया। पड़ताल के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे इस प्रकार हैं:
1. ओरिजिनल वीडियो 2017 का है
वायरल वीडियो के मुख्य फ्रेम निकालकर गूगल लेंस और यूट्यूब पर सर्च करने पर सितंबर 2017 का एक ओरिजिनल वीडियो मिला। यह वीडियो “वायरल वीडियोज एंटरटेनमेंट” नाम के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।
2. असली वीडियो में भगवंत मान नहीं, जस्सी देओल थे
2017 के ओरिजिनल वीडियो में वही संवाद, वही बैकग्राउंड और वही माहौल है, लेकिन कुर्सी पर बैठा व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं, बल्कि जस्सी देओल नाम का व्यक्ति था।
जस्सी देओल ने वर्ष 2017 में दिए एक मीडिया इंटरव्यू में स्वयं स्वीकार किया था कि वे एक पारिवारिक शादी समारोह में गए थे, जहां अधिक शराब पीने के बाद किसी ने उनका यह वीडियो बना लिया था। दुखद बात यह है कि मार्च 2018 में कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) के कारण जस्सी देओल का निधन हो गया था।
3. फेस-स्वैप (Face-Swap) और AI तकनीक का दुरुपयोग
डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि किसी असामाजिक तत्व ने 2017 के जस्सी देओल वाले वीडियो में AI एडिटेड डिजिटल फेस-स्वैपिंग तकनीक का उपयोग किया। जस्सी देओल के चेहरे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का चेहरा लेयर (Layer) कर दिया गया, ताकि यह असली दिखे।
तुलनात्मक विश्लेषण: असली बनाम नकली वीडियो
| विशेषता | वायरल वीडियो (फेक) | ओरिजिनल वीडियो (2017) |
| व्यक्ति | भगवंत मान का डिजिटल चेहरा | जस्सी देओल (पंजाब निवासी) |
| टेक्नोलॉजी | AI Face-Swap / Deepfake | वास्तविक कैमरा रिकॉर्डिंग |
| रिकॉर्डिंग वर्ष | हाल का बताकर फैलाया गया | सितंबर 2017 |
| सत्यता | झूठा / एडिटेड | प्रामाणिक |
राजनीतिक दुष्प्रचार और डीपफेक का बढ़ता खतरा
आधुनिक दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग राजनीतिक हस्तियों और मशहूर हस्तियों की छवि धूमिल करने के लिए किया जा रहा है। इस तरह के ‘फेस-स्वैपिंग’ वीडियो बेहद आसानी से तैयार किए जा सकते हैं, जिन्हें सामान्य आंखों से पकड़ पाना मुश्किल होता है।
पंजाब सरकार और साइबर क्राइम सेल ने भी इस तरह की फर्जी सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्टों और साइबर भ्रामकता के मामलों में पुलिस पहले भी कानूनी कार्रवाई कर चुकी है।
हमारी जांच और फैक्ट-चेक से यह पूरी तरह सिद्ध होता है कि नशे में धुत व्यक्ति का वायरल वीडियो पंजाब के सीएम भगवंत मान का नहीं है। यह 2017 में दिवंगत जस्सी देओल के एक पुराने वीडियो पर भगवंत मान का चेहरा लगाकर तैयार किया गया एक डिजिटल रूप से निर्मित (AI / Deepfake) वीडियो है।
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