देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठा शक्तिशाली चक्रवात ‘मुरासु’ (Murasu) अब तटीय इलाकों के बेहद करीब पहुंच गया है। चेन्नई से महज 200 किलोमीटर की दूरी पर सक्रिय यह चक्रवाती तूफान आज रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराने वाला है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत से लेकर मध्य और उत्तर भारत तक मौसम ने गंभीर रूप ले लिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत देश के 8 राज्यों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश के कई शहरों में सुबह के वक्त घना कोहरा कहर बरपा रहा है।
1. चक्रवात ‘मुरासु’ का बढ़ता खतरा: चेन्नई और आंध्र तट पर हाई अलर्ट
चक्रवात ‘मुरासु’ पिछले कुछ घंटों से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में यह चक्रवात चेन्नई के तट से लगभग 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह आज रात तक आंध्र प्रदेश के तट (विशेषकर मछलीपट्टनम और नेल्लोर के आस-पास) से टकराएगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तटीय इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई जिलों में एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया गया है। मछुआरों को पूरी तरह से समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। चक्रवात के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में समुद्र की लहरें बेहद ऊंची उठ रही हैं और लगातार तेज बारिश दर्ज की जा रही है।
2. 8 राज्यों में आंधी और भारी बारिश का अलर्ट
‘मुरासु’ चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से देश के लगभग 8 राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। इन राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की आशंका है:
- आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु: तटीय इलाकों में भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों और बिजली के खंभों के उखड़ने की आशंका है।
- मध्य प्रदेश: राज्य के कई जिलों में मौसम अचानक बदल गया है। बादल छाए रहने के साथ-साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
- छत्तीसगढ़: दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में चक्रवात का असर दिखना शुरू हो गया है। यहाँ गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
- ओडिशा और पश्चिम बंगाल: तटीय ओडिशा में समुद्र अशांत है और हवा की गति तेज हो गई है। यहाँ भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- केरल और कर्नाटक: दक्षिणी प्रायद्वीप के इन राज्यों में भी पिछले दो दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ गया है।
3. उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरे का डबल अटैक
दक्षिण भारत में जहां चक्रवात तबाही मचा रहा है, वहीं उत्तर भारत में ठंड और कोहरे ने दस्तक दे दी है। उत्तर प्रदेश के कम से कम 10 प्रमुख शहरों में आज सुबह घना कोहरा देखने को मिला। दृश्यता (Visibility) घटकर बेहद कम रह गई, जिससे सड़क यातायात पर भारी असर पड़ा है।
मौसम विभाग के अनुसार, जिन शहरों में कोहरे का सबसे ज्यादा असर देखा गया उनमें लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, मेरठ, आगरा, मुरादाबाद, अयोध्या और झांसी शामिल हैं। सुबह के वक्त हाइवे पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। कोहरे के साथ-साथ अब उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान में भी तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह और शाम की सिहरन बढ़ गई है।
4. किसानों और आम जनजीवन पर प्रभाव
मौसम के इस दोहरे रुख ने आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं:
- कृषि पर असर: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में किसान इस समय रबी की फसलों (विशेषकर गेहूं, चना और सरसों) की बुआई और देखभाल में जुटे हैं। बेमौसम बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से पकी हुई या नई फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है।
- परिवहन सेवाएं बाधित: उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में कोहरे के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। वहीं, दक्षिण भारत में भारी बारिश और चक्रवात के चलते उड़ानों (Flights) और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है।
5. प्रशासन की तैयारियां और एहतियाती कदम
प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सरकारों ने तटीय जिलों के सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है। बिजली और जलापूर्ति विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि तूफान के बाद सेवाओं को तुरंत बहाल किया जा सके।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें और मौसम विभाग द्वारा जारी की जा रही चेतावनियों का पालन करें। बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों और पुराने पेड़ों के पास खड़े होने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
चक्रवात ‘मुरासु’ का यह हमला दक्षिण भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसका असर देश के एक बड़े हिस्से के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण और मध्य भारत में बारिश और आंधी का तांडव है, वहीं उत्तर भारत में कोहरा ठंड की विदाई के बाद सर्दियों के लौटने का संकेत दे रहा है। आने वाले 24 से 48 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और पल-पल की अपडेट साझा कर रहा है।
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