नई दिल्ली:राजधानी दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम उस समय ऐतिहासिक लम्हे का गवाह बना, जब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुके पंजाबी सुपरस्टार और गायक दिलजीत दोसांझ अपने भारत दौरे ‘ऑरा इंडिया टूर’ (Aura India Tour) के पहले कॉन्सर्ट में मंच पर उतरे। 70,000 से भी अधिक प्रशंसकों से खचाखच भरे स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ ने न सिर्फ अपने गानों और ऊर्जा से प्रशंसकों को झूमने पर मजबूर किया, बल्कि आलोचकों, विवादों और अपनी आगामी चर्चित फिल्म ‘सतलुज’ पर लग रहे प्रतिबंधों व बयानों का करारा जवाब भी दिया।
मंच से दहाड़ते हुए दिलजीत दोसांझ ने दो टूक शब्दों में कहा— “यह मेरा भारत में पहला शो है और इसे रोकने की बहुत कोशिशें की गईं। मुझे रोकने के पूरे जतन किए गए। लेकिन मैं 20 दिसंबर तक भारत में ही हूं, जिसे रोकना है, वह रोककर दिखाए! मैं अपने सारे शोज पूरे करके ही जाऊंगा, क्योंकि मैं हूं पंजाब!”
‘सतलुज’ विवाद और सीबीएफसी (CBFC) पर खुलकर बोले दिलजीत
कॉन्सर्ट के दौरान दिलजीत दोसांझ का रुख बेहद आक्रामक और भावनात्मक नजर आया। हाल के दिनों में उनकी फिल्म ‘सतलुज’ (जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है) को लेकर सेंसर बोर्ड और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर काफी विवाद चल रहा था। मंच से प्रशंसकों से मुखातिब होते हुए उन्होंने किसी का नाम लिए बिना सेंसर बोर्ड और अपने आलोचकों पर निशाना साधा।
दिलजीत ने कहा, “पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि लड़ाइयां कैसे लड़ी जाती हैं। जिस फिल्म का मंच पर खड़े होकर मजाक उड़ाया जा रहा है, वह शहीद जसवंत सिंह खालड़ा जी के संघर्ष पर बनी फिल्म है। हमने उस फिल्म के हक के लिए बहुत लंबी लड़ाई लड़ी है। मैं चुप रहता हूं, क्योंकि मैं एक कलाकार हूं और सबसे प्यार करता हूं। अगर कोई हमसे नफरत भी करता है, तो कोई बात नहीं, हमारी तरफ से सिर्फ और सिर्फ प्यार ही रहेगा, लेकिन हमारी खामोशी को कमजोरी मत समझना।”
क्या है ‘सतलुज’ विवाद?
फिल्म ‘सतलुज’ (पूर्व नाम पंजाब ’95) 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में हुए मानवाधिकार हनन और गुप्त अंतिम संस्कार के मामलों का पर्दाफाश करने वाले जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। इस फिल्म में 120 से अधिक कट लगाने और विवादों के चलते इसके प्रसारण पर तरह-तरह की रुकावटें आई थीं, जिस पर दिलजीत ने कॉन्सर्ट में अपनी चुप्पी तोड़ी।
कॉन्सर्ट में 70,000 प्रशंसकों का महासैलाब और खास एंट्री
दिल्ली का कॉन्सर्ट सिर्फ एक संगीतमय शाम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव बन गया। देश-विदेश और लद्दाख जैसे दूरदराज इलाकों से आए प्रशंसकों की भारी भीड़ ने दिलजीत का भव्य स्वागत किया। स्टेज पर अत्याधुनिक लेजर शो, विशाल स्क्रीन और जबर्दस्त आतिशबाजी के बीच दिलजीत ने अपने सुर छेड़े।
- करण औजला की सरप्राइज एंट्री: कॉन्सर्ट का सबसे बड़ा सरप्राइज उस वक्त आया जब मशहूर पंजाबी सिंगर करण औजला ने अचानक स्टेज पर एंट्री ली। दोनों दिग्गजों को एक साथ एक ही मंच पर देखकर पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से गूंज उठा।
- प्रशंसकों से आत्मीय जुड़ाव: दिलजीत ने न सिर्फ अपने सुपरहिट ट्रैक गाए, बल्कि मंच से नीचे आकर प्रशंसकों से बातचीत भी की। उन्होंने अपने छोटे-छोटे प्रशंसकों को स्टेज पर बुलाकर उनका दिन बना दिया।
“मैं सिर्फ एक कलाकार हूं” — विवादों का दिया सधा हुआ अंत
कॉन्सर्ट के अंतिम चरण में लेजर लाइट की मदद से विशाल अक्षरों में मंच के पीछे लिखा गया— “MAIN HOON PUNJAB” और “I’M AN ARTIST”। दिलजीत ने यह संदेश देकर साफ कर दिया कि चाहे जितनी भी राजनीति या विवाद उनके नाम के इर्द-गिर्द बुने जाएं, संगीत और कला के जरिए लोगों को जोड़ने का उनका प्रयास हमेशा जारी रहेगा।
इस कॉन्सर्ट के साथ ही दिलजीत दोसांझ के ‘ऑरा इंडिया टूर 2026’ का शानदार और आधिकारिक आगाज हो चुका है, जो आने वाले हफ्तों में भारत के अन्य प्रमुख शहरों में आयोजित किया जाएगा।
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