दिल्ली में शुरू होगी ‘नमो यमुना रिवर सफारी’: छठ पूजा से पहले मिलेगी बड़ी सौगात

देश की राजधानी दिल्ली अब केवल ऐतिहासिक धरोहरों, लाल किले, कुतुब मीनार और इंडिया गेट के लिए ही नहीं, बल्कि एक नए और अनोखे जल पर्यटन केंद्र के रूप में पहचाने जाने के लिए तैयार है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को राजधानी की पहली ‘नमो यमुना रिवर सफारी’ (Namo Yamuna River Safari) के ट्रायल रन और तैयारियों का जायजा लेने के लिए खुद यमुना तट का स्थलीय निरीक्षण किया।

इस अवसर पर उनके साथ दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और प्रशासनिक व पर्यटन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह पहल दिल्लीवासियों के लिए एक नया और अविस्मरणीय अनुभव साबित होने वाली है, जो काशी (वाराणसी) में गंगा नदी पर चलने वाले क्रूज़ और नौकायन का अहसास अब दिल्ली में यमुना नदी के तट पर कराएगी।

निरीक्षण और ट्रायल रन की मुख्य बातें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोनिया विहार से लेकर जगतपुर के बीच लगभग 6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने नौकायन (बोटिंग) और सुरक्षा व्यवस्था का प्रत्यक्ष जायजा लिया।

सरकार का लक्ष्य है कि इस बहुप्रतीक्षित योजना की औपचारिक शुरुआत पूर्वांचल और दिल्लीवासियों के सबसे पवित्र और बड़े त्योहार छठ महापर्व से पहले कर दी जाए। ट्रायल रन सफलतापूर्वक शुरू हो चुके हैं और सभी तकनीकी पहलुओं की जाँच की जा रही है।

निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा:

“दिल्ली की जनता को अब शांत और प्राकृतिक वातावरण के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जिस प्रकार लोग वाराणसी या अन्य धार्मिक शहरों में गंगा जी और यमुना जी में बोटिंग का आनंद लेकर मानसिक शांति महसूस करते हैं, ठीक उसी तरह अब दिल्ली के नागरिक भी माँ यमुना के पावन आंचल में सुकून महसूस कर सकेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।”

‘नमो यमुना रिवर सफारी’ की प्रमुख विशेषताएँ और आकर्षण

यह केवल एक बोट राइड नहीं है, बल्कि यमुना रिवरफ्रंट को एक विश्वस्तरीय पिकनिक स्पॉट और मनोरंजक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का व्यापक प्रोजेक्ट है।

  1. मार्ग और दूरी: यह सफारी मुख्य रूप से सोनिया विहार से जगतपुर के बीच संचालित की जाएगी, जो लगभग 4 से 6 किलोमीटर के जलमार्ग को कवर करती है।
  2. सवारी की अवधि: प्रत्येक क्रूज़/सफारी की यात्रा लगभग 30 मिनट की होगी, जिसमें लोग यमुना की बहती लहरों से दिल्ली के नए और अनोखे नज़ारे देख सकेंगे।
  3. म्यूजिकल फाउंटेन और लाइट शो: तट पर ‘माँ यमुना की कथा’ को प्रदर्शित करता हुआ एक भव्य म्यूजिकल फाउंटेन (Musical Fountain) और लाइट एंड साउंड शो आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा।
  4. परिवार और बच्चों के लिए ज़ोन: यहाँ परिवार के साथ आने वाले लोगों के लिए फ़ूड पार्क, किड्स प्ले ज़ोन और वाटर स्पोर्ट्स जैसी आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।
  5. डिजिटल और आसान टिकट प्रणाली: नागरिक और पर्यटक दिल्ली पर्यटन (Delhi Tourism) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे।

पर्यावरण संरक्षण और एनजीटी (NGT) के मानकों का पालन

नदी पर्यटन को शुरू करने के साथ-साथ दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के पारिस्थितिकी तंत्र और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया है। कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने जानकारी दी कि ‘नमो यमुना रिवर सफारी’ को पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly) मानकों पर तैयार किया गया है।

  • राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और संबंधित पर्यावरण एजेंसियों द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा नियमों और मानकों का कड़ाई से पालन किया गया है।
  • बोट्स और क्रूज़ में शून्य-उत्सर्जन (Zero Emission) व कम शोर वाली तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है ताकि जलजीवों और नदी के जलीय वातावरण पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
  • इस प्रोजेक्ट के साथ-साथ यमुना सफाई अभियान को भी तेज़ कर दिया गया है ताकि पर्यटकों को स्वच्छ और प्राकृतिक वातावरण मिल सके।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव

इस रिवर सफारी प्रोजेक्ट से न केवल दिल्ली के पर्यटन क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह बेहद लाभकारी सिद्ध होगा।

  • स्थानीय व्यापार को बढ़ावा: सोनिया विहार, जगतपुर और आसपास के इलाकों में छोटे व्यापारियों, हस्तशिल्प और खान-पान के आउटलेट्स को बड़ा बाज़ार मिलेगा।
  • नए रोजगार के अवसर: नौका चालकों, गाइड्स, सुरक्षा कर्मियों, इवेंट मैनेजमेंट और फ़ूड ज़ोन में सैकड़ों युवाओं के लिए सीधे और अप्रत्यक्ष रोजगार के रास्ते खुलेंगे।
  • पर्यटन राजस्व में बढ़ोतरी: दिल्ली में रुकने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए यह एक प्रमुख आकर्षण बनेगा, जिससे पर्यटन विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा।

दिल्लीवासियों के लिए छठ महापर्व का विशेष उपहार

दिल्ली में छठ पर्व का बहुत बड़ा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है। हर साल लाखों श्रद्धालु यमुना के तटों पर अर्घ्य देने के लिए जुटते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छठ पूजा से ठीक पहले इस रिवर सफारी का सॉफ्ट लॉन्च दिल्लीवासियों के लिए एक विशेष सौगात है।

यह पहल न केवल मनोरंजन का साधन बनेगी, बल्कि लोगों का जुड़ाव यमुना नदी के संरक्षण और इसकी पवित्रता बनाए रखने की दिशा में भी मजबूत करेगी। आने वाले दिनों में ट्रायल पूरा होते ही नागरिक ऑनलाइन पोर्टल से अपनी सीट्स बुक कर इस अनोखी यात्रा का आनंद ले सकेंगे।

‘नमो यमुना रिवर सफारी’ दिल्ली के शहरी विकास और पर्यटन के इतिहास में एक मील का पत्थर बनने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस व्यक्तिगत निरीक्षण और त्वरित क्रियान्वयन से यह साफ है कि सरकार यमुना के कायाकल्प और जन-सरोकार के प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रही है। उम्मीद की जा रही है कि कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली यह सेवा दिल्ली के नागरिकों को तनावभरी दिनचर्या से दूर प्रकृति के करीब एक नया और सुखद अनुभव प्रदान करेगी।

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  • Rahul Kaushik

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