गोरखपुर। पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और प्रशासनिक केंद्र गोरखपुर में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक फर्जी वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि गोरखपुर महायोगी गोरखनाथ हवाई अड्डे (Gorakhpur Airport) में विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती की जा रही है। फर्जी वीडियो के जरिए युवाओं को भारी-भरकम वेतन पैकेज और सरकारी सुविधाओं का लालच देकर उनके साथ साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय ठगी की खतरनाक साजिश रची जा रही है।
इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद गोरखपुर एयरपोर्ट प्रशासन, स्थानीय पुलिस तथा साइबर अपराध शाखा पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं। अधिकारियों ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आम जनता से किसी भी प्रकार के प्रलोभन में न आने की सख्त अपील की है।
क्या है वायरल वीडियो का पूरा मामला?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप्स और यूट्यूब पर प्रसारित हो रहे इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और निजी ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों के अंतर्गत ग्राउंड स्टाफ, पासपोर्ट चेकर, सुरक्षाकर्मी, केबिन क्रू, सुपरवाइजर, लोडर और टिकटिंग एग्जीक्यूटिव जैसे सैकड़ों पदों पर सीधी भर्ती हो रही है।
वीडियो में लुभावने वादे किए गए हैं:
- अनुकूल योग्यता: 10वीं, 12वीं पास से लेकर स्नातक युवाओं के लिए भर्ती।
- आकर्षक वेतन: 25,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये प्रतिमाह का शुरुआती वेतन।
- अतिरिक्त सुविधाएं: मुफ्त रहने-खाने का इंतजाम, पीएफ, मेडिकल और ओवरटाइम बोनस का दावा।
वीडियो के अंत में एक व्हाट्सएप नंबर और एक फर्जी लिंक दिया गया है, जिस पर आवेदन करने और पंजीकरण शुल्क जमा करने का निर्देश दिया जाता है।
ठगी की प्रक्रिया (Modus Operandi)
जांच एजेंसियों के अनुसार, साइबर अपराधियों का यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता है:
- फर्जी जॉइनिंग लेटर का खेल: जैसे ही कोई बेरोजगार युवा दिए गए लिंक पर पंजीकरण करता है, साइबर ठग उसे आधिकारिक लगने वाला फर्जी ‘कॉल लेटर’ या ‘जॉइनिंग लेटर’ व्हाट्सएप या ईमेल पर भेज देते हैं।
- विभिन्न शुल्कों के नाम पर वसूली: जॉइनिंग लेटर भेजने के बाद पीड़ित से मेडिकल चेक-अप, यूनिफॉर्म चार्ज, आईडी कार्ड प्रोसेसिंग, और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर 2,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक ऐंठ लिए जाते हैं।
- संपर्क तोड़ना: एक बार पैसा ट्रांसफर हो जाने के बाद शातिर ठग अपना मोबाइल नंबर बंद कर लेते हैं और सोशल मीडिया अकाउंट्स हटा लेते हैं।
सावधानी ही बचाव है: एयरलाइंस या एयरपोर्ट अथॉरिटी किसी भी उम्मीदवार से नौकरी के बदले किसी प्रकार का नकद या ऑनलाइन शुल्क नहीं मांगती है।
एयरपोर्ट प्रशासन और पुलिस की सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने पुलिस महकमे को लिखित शिकायत दर्ज कराई है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:
- गोरखपुर एयरपोर्ट या एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किसी भी सोशल मीडिया वीडियो या अनऑफिशियल लिंक के जरिए सीधी भर्ती नहीं निकाली गई है।
- सभी आधिकारिक भर्तियाँ केवल सरकारी पोर्टल (aai.aero) तथा मान्यता प्राप्त समाचार पत्रों के माध्यम से ही विज्ञापित की जाती हैं।
स्थानीय पुलिस एवं साइबर सेल की टीम ने वीडियो के डिजिटल फुटप्रिंट्स ट्रेस करना शुरू कर दिया है। फर्जी प्रोफाइल और व्हाट्सएप नंबरों को सर्विलांस पर रखकर आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
गोरखपुर पुलिस एवं साइबर विशेषज्ञों ने नागरिकों को सतर्क रहने के लिए निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी किए हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें: नौकरी से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि के लिए केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का ही प्रयोग करें।
- पैसे न दें: नौकरी के बदले पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी के झांसे में न आएं।
- व्यक्तिगत विवरण साझा न करें: किसी भी अज्ञात लिंक या वीडियो के जरिए अपना आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण या ओटीपी शेयर न करें।
- तत्काल शिकायत दर्ज कराएं: यदि आप या आपका कोई परिचित इस प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं।
यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर दिल दहला देने वाला वीडियो: बीच पर रील बनाने में मग्न दिखा कपल, लहरों के बीच फंसा मासूम बच्चा
1 thought on “गोरखपुर स्पेशल रिपोर्ट: एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी वीडियो वायरल, युवाओं को फंसाने की साजिश बेनकाब”