भारत में त्योहारों के दौरान 26% गिरे स्मार्टफोन के दाम और बिक्री

भारत के बाजारों में त्योहारी सीजन की चमक हमेशा से इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन सेगमेंट के लिए बहार लेकर आती रही है। दीपावली, दशहरा और धनतेरस जैसे बड़े त्योहारों के दौरान नए गैजेट्स की खरीद को शुभ माना जाता है और कंपनियां इस दौरान अपनी सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज करती हैं। लेकिन इस बार का त्योहारी सीजन स्मार्टफोन बाजार के लिए बेहद निराशाजनक रहा है। बाजार शोध फर्म ‘ओम्डिया’ (Omdia) की एक ताजा रिपोर्ट ने देश के टेक बाजार को चौंका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से सितंबर की तिमाही (तीसरी तिमाही) में भारत में स्मार्टफोन की कुल बिक्री या शिपमेंट में साल-दर-साल आधार पर 26 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

समीक्षाधीन अवधि में देश भर में केवल 3.58 करोड़ स्मार्टफोन ही बिके। आंकड़े बताते हैं कि साल 2016 के बाद यानी पिछले 10 सालों में किसी भी तीसरी तिमाही के दौरान यह सबसे कम स्मार्टफोन बिक्री का रिकॉर्ड है। त्योहारी चहल-पहल और भारी-भरकम विज्ञापनों के बावजूद बाजार में ग्राहकों की बेरुखी और मांग में आई इस सुस्ती ने उद्योग जगत के दिग्गजों और विश्लेषकों को गहरी चिंता में डाल दिया है।

बिक्री में आई इस ऐतिहासिक गिरावट के मुख्य कारण

स्मार्टफोन बाजार में आई इस मंदी के पीछे कई बड़े और तकनीकी कारण जिम्मेदार बताए जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर वे कौन से मुख्य कारक हैं, जिनके चलते भारतीय ग्राहक इस त्योहारी सीजन में भी नए फोन खरीदने से कतराते नजर आए:

  • महंगे चिपसेट और कंपोनेंट्स: वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर चिप्स और अन्य जरूरी हार्डवेयर पार्ट्स की लागत बढ़ने का सीधा असर स्मार्टफोन की निर्माण लागत पर पड़ा है। पार्ट्स महंगे होने की वजह से टेक कंपनियों को अपने मॉडल्स की कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं, जिससे बजट और मिड-रेंज के फोन खरीदारों की पहुंच से थोड़े दूर हो गए हैं।
  • ऑनलाइन और ऑफलाइन ऑफर्स में कमी: लागत बढ़ने के कारण इस बार कंपनियां और विक्रेता ग्राहकों को वैसी भारी-भरकम छूट और आकर्षक डील्स नहीं दे पाए, जैसी वे पिछले सालों में फेस्टिव सीजन के दौरान दिया करते थे। ऑफर्स में अंतर कम होने से ग्राहकों का उत्साह भी ठंडा पड़ गया।
  • फोन बदलने की अवधि (Replacement Cycle) का लंबा होना: आज के समय में स्मार्टफोन्स की क्वालिटी इतनी बेहतर हो चुकी है कि लोग अपने पुराने फोन को आसानी से 3 से 4 साल या उससे भी ज्यादा समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं। मामूली अपग्रेड्स के लिए लोग तुरंत नया फोन खरीदने से बच रहे हैं।
  • सतर्क स्टॉक मैनेजमेंट: मांग में कमी की आशंका को भांपते हुए दुकानदारों और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने भी इस बार जरूरत से ज्यादा एडवांस स्टॉक जमा करने से परहेज किया, जिसका असर कुल आंकड़ों पर पड़ा।

कंपनियों का प्रदर्शन: सैमसंग ने फिर हासिल किया ताज, एप्पल और चीनी ब्रांड्स की स्थिति

इस सुस्त पड़े बाजार में भी कुछ टेक कंपनियों ने अपनी रणनीतिक पकड़ के दम पर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की है, जबकि कई नामचीन ब्रांड्स को बड़ा झटका लगा है:

1. सैमसंग (Samsung): ढाई साल बाद फिर बनी नंबर-1

दक्षिण कोरियाई दिग्गज कंपनी सैमसंग ने एक बार फिर बाजी मारते हुए भारतीय स्मार्टफोन बाजार में पहला स्थान हासिल कर लिया है। जुलाई से सितंबर के दौरान कंपनी ने देश में 67 लाख स्मार्टफोन बेचे। हालांकि पिछले साल की तुलना में उसकी बिक्री में मामूली गिरावट जरूर आई, लेकिन गैलेक्सी ए-सीरीज (जैसे Galaxy A07, A17 और A27) के किफायती स्मार्टफोन्स के साथ-साथ प्रीमियम और फोल्डेबल फोन्स की मजबूत मांग ने उसे शीर्ष पर बनाए रखा। आसान किस्तों (EMI) और एक्सचेंज ऑफर्स ने भी सैमसंग की बिक्री को गति दी।

2. वीवो (Vivo): दूसरे पायदान पर बरकरार

वीवो ने इस तिमाही में 64 लाख यूनिट्स के साथ बाजार में दूसरा स्थान हासिल किया। हालांकि, कीमतों में बार-बार बदलाव और कड़े मुकाबले के कारण कंपनी की सालाना बिक्री में लगभग 34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो शीर्ष कंपनियों में सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है।

3. ओप्पो और शाओमी (Oppo & Xiaomi): चीनी ब्रांड्स के मार्केट शेयर में गिरावट

चीनी स्मार्टफोन निर्माताओं का भारतीय बाजार में लंबे समय से दबदबा रहा है, लेकिन इस तिमाही में उनका कुल मार्केट शेयर 75% से घटकर 68% पर आ गया है:

  • ओप्पो ने 49 लाख फोन बेचकर तीसरा स्थान प्राप्त किया, लेकिन उसकी वार्षिक बिक्री में 24% की कमी आई।
  • शाओमी 47 लाख स्मार्टफोन की बिक्री के साथ चौथे स्थान पर खिसक गई और उसकी बिक्री में 28% की जोरदार गिरावट देखी गई।

4. एप्पल (Apple): पांचवें नंबर पर रही और प्रीमियम मांग का मिला सहारा

प्रीमियम सेगमेंट की दिग्गज कंपनी एप्पल ने इस अवधि में 39 लाख आईफोन बेचे और वह टॉप-5 की सूची में पांचवें स्थान पर रही। नए मॉडल्स (जैसे iPhone 17 और iPhone 16 सीरीज) की लगातार मांग के साथ-साथ दुकानदारों द्वारा त्योहारी सीजन के मद्देनजर रखे गए एडवांस स्टॉक ने एप्पल को इस मंदी के दौर में भी अच्छा संबल प्रदान किया।

बाजार का भविष्य और आगे की उम्मीदें

मार्केट एक्सपर्ट्स और ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले साल यानी 2027 में भी भारतीय स्मार्टफोन बाजार में मंदी के बादल छाए रहने की आशंका जताई जा रही है। लागत बढ़ने और ग्राहकों के अधिक समझदारी से खर्च करने की आदत के कारण बाजार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

हालांकि, इस निराशा के बीच एक नई उम्मीद भी पनप रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 40 प्रतिशत भारतीय उपभोक्ता अब ऐसे स्मार्टफोन्स में रुचि दिखा रहे हैं जो आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स से लैस हों। उपभोक्ता अब केवल साधारण कॉलिंग या सोशल मीडिया के लिए नहीं, बल्कि स्मार्ट और उपयोगी एआई क्षमताओं के लिए अधिक कीमत चुकाने को भी तैयार नजर आ रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में टेक कंपनियों का पूरा फोकस एआई तकनीक और इनोवेटिव फीचर्स पर रहेगा, जो बाजार को दोबारा पटरी पर लाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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