मेरठ सर्किट हाउस में मधुमक्खियों का खौफनाक तांडव: रील बनाने के चक्कर में 20 लोग घायल, एक युवक गंभीर

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए युवाओं में बढ़ती दीवानगी और उसकी खतरनाक परिणामों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है। मेरठ के वीआईपी इलाके सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस परिसर में सोमवार की शाम को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मधुमक्खियों के एक उग्र झुंड ने वहां मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले की चपेट में आने से करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक युवक को शरीर पर 40 से अधिक डंक लगने के कारण बेहोश होकर जमीन पर गिरना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

रील बनाने की जिद पड़ी भारी, छत्ते से हुई छेड़छाड़

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह पूरी घटना सोमवार शाम करीब तीन से चार बजे के बीच की है। सर्किट हाउस परिसर में कुछ युवक और स्कूली बच्चे घूम रहे थे। इनमें से कुछ युवक सोशल मीडिया पर डालने के लिए इंस्टाग्राम रील्स और वीडियो शूट करने में व्यस्त थे। आरोप है कि वीडियो को अधिक आकर्षक और रोमांचक बनाने के चक्कर में इन युवकों ने परिसर के एक पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के बड़े छत्ते से छेड़छाड़ कर दी।

छत्ते में खलल पड़ने से मधुमक्खियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने एक साथ हजारों की संख्या में वहां मौजूद लोगों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। हमला इतना अचानक और जोरदार था कि किसी को भी संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का मौका तक नहीं मिला।

जान बचाने के लिए किचन और कमरों में छिपे लोग

मधुमक्खियों के आक्रामक रुख को देखकर सर्किट हाउस परिसर में भगदड़ मच गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागते नजर आए। कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए सर्किट हाउस के कमरों और रसोई (किचन) के अंदर घुसकर खुद को बंद कर लिया। कुछ लोग परिसर से बाहर निकलकर पास के ढाबों और अन्य कमरों में छिपे, लेकिन मधुमक्खियां उनका पीछा करते हुए वहां तक पहुंच गईं।

इस बीच, सर्किट हाउस के भीतर प्रशासनिक अधिकारियों की एक अहम बैठक भी चल रही थी। हालांकि मधुमक्खियां बैठक कक्ष के अंदर तक नहीं पहुंच पाईं, लेकिन बाहर मचे हाहाकार और खतरे के माहौल को देखते हुए अधिकारी करीब एक घंटे तक अपने कमरों और हॉल के अंदर ही कैद रहने को मजबूर हो गए।

एक युवक को लगे 40 से ज्यादा डंक, हालत गंभीर

इस भयावह हमले में नगला बट्टू निवासी अभिनव नाम का युवक सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ। मधुमक्खियों ने उसे एक के बाद एक करीब 40 से 50 डंक मार दिए। दर्द से छटपटाता हुआ वह युवक ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाते हुए भागा, लेकिन कुछ ही दूरी पर जाकर वह अशुद्धि और जहर के प्रभाव से बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा।

इसके अलावा साकेत निवासी साहिल (जो वहां एक धार्मिक कार्यक्रम का वीडियो बनाने गया था), शास्त्रीनगर निवासी उन्नति और कई अन्य स्कूली बच्चे भी इन मधुमक्खियों के डंक का शिकार होकर जख्मी हो गए। घायलों में अफरा-तफरी के बीच चीख-पुकार मची रही।

पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने पाया काबू

घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बेहोश हुए युवक अभिनव और अन्य घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों (लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज और सुशीला जसवंत राय अस्पताल) में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की गाड़ी को भी मौके पर बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत और पानी की तेज बौछारें छोड़कर मधुमक्खियों को वहां से भगाने का प्रयास किया। लगभग एक घंटे तक चले इस तांडव के बाद कहीं जाकर स्थिति सामान्य हुई और लोगों ने राहत की सांस ली।

प्रशासन और विशेषज्ञों की चेतावनी

इस घटना के बाद सर्किट हाउस प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिकारियों ने बताया कि परिसर में मौजूद पेड़ों पर लगे अन्य खतरनाक मधुमक्खियों के छत्तों को हटवाने के लिए वन विभाग को सूचित कर दिया गया है।

चिकित्सकों और विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया की सनक या नादानी के कारण इस तरह वन्यजीवों या कीट-पतंगों (जैसे मधुमक्खियों के छत्तों) से छेड़छाड़ करना न केवल खुद के लिए बल्कि आम जनता की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, यदि किसी को मधुमक्खी काट ले, तो सबसे पहले उसके डंक को त्वचा से बाहर निकालना चाहिए, प्रभावित हिस्से को साफ पानी और साबुन से धोकर बर्फ से सिकाई करनी चाहिए तथा तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

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  • Rahul Kaushik

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    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

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