भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (गब्बर) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि, इस बार वजह मैदान पर उनके छक्के-चौके नहीं, बल्कि एक प्राइवेट टी20 लीग के आयोजकों द्वारा उनके नाम का गलत और अनाधिकृत उपयोग किया जाना है। हॉन्गकॉन्ग में आयोजित होने वाली प्रस्तावित नई क्रिकेट प्रतियोगिता ‘वर्ल्ड टी20 कॉन्टिनेंट कप’ (World T20 Continent Cup) के आयोजकों ने शिखर धवन को अपनी फ्रेंचाइजी टीम में बतौर खिलाड़ी नामांकित कर दिया।
जैसे ही इस बात की भनक शिखर धवन और उनकी प्रबंधन टीम को लगी, वे बेहद नाराज हो गए। गब्बर ने बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का रुख किया और आयोजकों की इस हरकत पर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने इस लीग में खेलने की सहमति दी थी और न ही आयोजकों को उनके नाम का विज्ञापन में इस्तेमाल करने की इजाजत दी थी। इस पूरे घटनाक्रम ने क्रिकेट जगत में खेल लीगो द्वारा खिलाड़ियों के ब्रांड वैल्यू और नाम के बिना अनुमति इस्तेमाल पर एक नई बहस छेड़ दी है।
शिखर धवन का आधिकारिक बयान: “मेरी सहमति के बिना इस्तेमाल हुआ नाम”
शिखर धवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक और सख्त बयान जारी कर सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया। उन्होंने अपनी पोस्ट में साफ तौर पर लिखा:
“मुझे जानकारी मिली है कि वर्ल्ड टी20 कॉन्टिनेंट कप में एक प्रतिभागी के रूप में मेरा नाम दिखाया जा रहा है। आयोजकों ने मेरी जानकारी या सहमति के बिना मेरे नाम का उपयोग किया है। मेरी लीगल टीम और प्रबंधन इस मामले में आयोजकों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाने जा रही है। मैं मीडिया और अपने प्रिय प्रशंसकों से अनुरोध करता हूं कि वे किसी भी अनधिकृत घोषणा पर भरोसा न करें और न ही इसे रिपोर्ट करें। आपके लगातार प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद।”
धवन के इस सख्त रवैये से स्पष्ट हो गया है कि वे अपने ब्रांड, निजता और नाम के दुरुपयोग को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने न केवल लीग के दावों को खारिज किया, बल्कि कानूनी नोटिस भेजने की भी पूरी तैयारी कर ली है।
क्या है यह ‘वर्ल्ड टी20 कॉन्टिनेंट कप’ का पूरा मामला?
‘वर्ल्ड टी20 कॉन्टिनेंट कप’ पूर्व और अंतरराष्ट्रीय स्तर से संन्यास ले चुके खिलाड़ियों के लिए एक नया फ्रेंचाइजी मॉडल टूर्नामेंट है, जिसका पहला सीजन दिसंबर में हॉन्गकॉन्ग में आयोजित करने की योजना बनाई गई है। इस टूर्नामेंट में चार अलग-अलग महाद्वीपीय टीमों को आपस में प्रतिस्पर्धा करनी थी:
- एशिया वॉरियर्स (Asia Warriors)
- यूरोप चैंपियंस (Europe Champions)
- अफ्रीका लायंस (Africa Lions)
- नॉर्थ अमेरिका ईगल्स (North America Eagles)
आयोजकों ने इस प्रतियोगिता को प्रमोट करने के लिए लगभग 49 संन्यासी खिलाड़ियों को शामिल करने की योजना का प्रचार किया। इसी कड़ी में उन्होंने ‘एशिया वॉरियर्स’ नामक फ्रेंचाइजी की टीम सूची में शिखर धवन का नाम भी बिना उनकी लिखित अनुमति या अनुबंध के जोड़ दिया। इतना ही नहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उस टीम में पाकिस्तान के खिलाड़ियों जैसे इफ्तिखार अहमद और सोहेल तनवीर का नाम भी शामिल था।
बिना किसी औपचारिक चर्चा, करार या लिखित सहमति के सीधे पोस्टर और प्रेस रिलीज में भारतीय दिग्गज खिलाड़ी का नाम छापना बेहद गैर-पेशेवर माना गया, जिसके चलते शिखर धवन को सार्वजनिक रूप से इसका खंडन करना पड़ा।
प्रशंसकों और मीडिया से सत्यापन की अपील
शिखर धवन ने न केवल आयोजकों को आड़े हाथों लिया, बल्कि भारतीय खेल मीडिया और अपने प्रशंसकों से भी एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि आजकल कई निजी टी20 लीग और विदेशी फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट केवल दर्शकों का ध्यान खींचने और प्रायोजक जुटाने के लिए बड़े स्टार खिलाड़ियों के नाम का सहारा लेते हैं।
धवन ने पत्रकारों से अनुरोध किया कि वे किसी भी लीग या मैच में उनकी भागीदारी की पुष्टि उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल या उनकी आधिकारिक मीडिया टीम के माध्यम से ही करें। बिना सत्यापन के किसी भी अनधिकृत स्रोत या पोस्टर के आधार पर खबरें न चलाएं। इससे न केवल प्रशंसकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है, बल्कि खिलाड़ी की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुँचता है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास और धवन की मौजूदा स्थिति
उल्लेखनीय है कि शिखर धवन ने अगस्त 2024 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूपों से अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी। अपने शानदार करियर के दौरान धवन ने भारतीय टीम के लिए 34 टेस्ट, 167 वनडे और 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उन्होंने आईसीसी के बड़े टूर्नामेंटों (जैसे 2013 चैंपियंस ट्रॉफी और 2015 विश्व कप) में भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और उन्हें आईसीसी टूर्नामेंटों का ‘मिस्टर आईसीसी’ कहा जाता था।
संन्यास के बाद से धवन लीजेंड्स लीग क्रिकेट (LLC) या अन्य मान्यता प्राप्त और प्रामाणिक लीगों में भाग लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। लेकिन किसी अप्रमाणित या गैर-मान्यता प्राप्त टी20 लीग द्वारा इस तरह फर्जी प्रचार के लिए उनका नाम घसीटा जाना उन्हें और उनके फैंस को बिल्कुल पसंद नहीं आया।
लीग्स में बढ़ते अनधिकृत दावों पर खड़ा हुआ बड़ा सवाल
शिखर धवन का यह कदम इस बात को रेखांकित करता है कि अंतरराष्ट्रीय संन्यास के बाद भारतीय खिलाड़ियों के नाम और पहचान का दुरुपयोग किस हद तक बढ़ गया है। दुनिया भर में दर्जनों निजी टी20 और टी10 लीग्स शुरू हो रही हैं। कई बार आयोजक स्पॉन्सर्स और ब्रॉडकास्टर्स से मोटी रकम वसूलने के लिए दिग्गज खिलाड़ियों के नाम का फर्जी इस्तेमाल कर लेते हैं।
शिखर धवन द्वारा उठाई गई इस कानूनी चेतावनी की आवाज से अन्य आयोजकों को भी कड़ा संदेश मिलेगा कि बिना खिलाड़ी की पूर्व लिखित स्वीकृति और व्यावसायिक अनुबंध के नाम या छवि का प्रयोग करना भारी कानूनी मुसीबत का कारण बन सकता है।
शिखर धवन द्वारा ‘वर्ल्ड टी20 कॉन्टिनेंट कप’ के आयोजकों को दी गई कानूनी कार्रवाई की चेतावनी पूरी तरह से जायज है। एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में उनकी साख और ब्रांड छवि उनके करियर की सबसे बड़ी संपत्ति है। धवन ने तुरंत एक्शन लेते हुए न सिर्फ आयोजकों के दावों की हवा निकाल दी है, बल्कि अपने प्रशंसकों को भी गलत जानकारी से बचा लिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कानूनी नोटिस के बाद आयोजक इस पर क्या सफाई पेश करते हैं और अपनी गलती कैसे सुधारते हैं।
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