AI-डेटा सेंटर बिजनेस में अडानी का धमाका: Jabil के साथ 50:50 की बड़ी डील

भारत के प्रमुख बुनियादी ढांचा और व्यापारिक समूह अडानी ग्रुप (Adani Group) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। अडानी ग्रुप की प्रमुख फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd) ने अमेरिका की दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी जैबिल इंक (Jabil Inc.) के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां 50:50 हिस्सेदारी (50:50 Joint Venture) के साथ एक नया संयुक्त उद्यम (JV) स्थापित करेंगी।

यह डील भारत में एआई-डेटा सेंटर उपकरण और हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग हार्डवेयर के निर्माण (Hardware Manufacturing) के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बल देते हुए यह साझेदारी न केवल भारत की घरेलू जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि वैश्विक बाजार में भी निर्यात का मार्ग प्रशस्त करेगी।

क्या है अडानी ग्रुप और Jabil Inc. की इस 50:50 डील का दायरा?

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और Jabil Inc. के सीईओ माइक दस्तूर (Mike Dastoor) के बीच हुए इस समझौते के तहत, दोनों कंपनियां भारत में उच्च क्षमता वाले एआई और डेटा सेंटर उपकरणों का निर्माण और असेंबलिंग करेंगी।

1. मुख्य उत्पाद और सेवाएं

यह जॉइंट वेंचर मुख्य रूप से डेटा सेंटर्स के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण उपकरणों का उत्पादन करेगा:

  • AI रैक (AI Racks) और सर्वर: हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग और एआई मॉडल ट्रेनिंग के लिए आवश्यक एडवांस सर्वर रैक।
  • स्टोरेज और नेटवर्किंग डिवाइसेज: बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग के लिए स्टोरेज सॉल्यूशंस और नेटवर्किंग गियर।
  • पावर और कूलिंग सिस्टम: पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स (PDUs), ट्रांसफॉर्मर और उन्नत लिक्विड-कूलिंग सिस्टम (Liquid-Cooling Systems) जो एआई सर्वर्स की भारी गर्मी को प्रबंधित करने में सहायक होते हैं।
  • इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग: केवल मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं, बल्कि उपकरणों के इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग की सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी।

2. मल्टी-गीगावाट क्षमता (Multi-Gigawatt Capacity)

प्रस्तावित जॉइंट वेंचर के पास मल्टी-गीगावाट एआई रैक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता होगी। इसका मतलब है कि यह सेटअप कई गीगावाट की कुल बिजली क्षमता वाले एआई कंप्यूटिंग सिस्टम को सपोर्ट करने वाले उपकरण बनाने में सक्षम होगा।

AI-डेटा सेंटर बिजनेस में अडानी का धमाका

AI और डेटा सेंटर हार्डवेयर बाजार का भविष्य एवं अवसर

वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग की मांग में अभूतपूर्व उछाल आया है।

  • 3 ट्रिलियन डॉलर का वैश्विक बाजार: अनुमानों के अनुसार, अगले 7 वर्षों में दुनिया भर में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश का अवसर 3 ट्रिलियन डॉलर ($3 Trillion) से अधिक होने की उम्मीद है।
  • भारत का डेटा सेंटर अवसर: भारत में एआई अपनाने, क्लाउड विस्तार और डेटा लोकलाइजेशन (Data Localization) की नीतियों के कारण, देश की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक बढ़कर 5 से 8 गीगावाट (GW) तक पहुँचने का अनुमान है।
  • डिजिटल सुरक्षा और कर प्रोत्साहन: भारत का ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023’ और केंद्रीय बजट में डेटा सेंटर्स के लिए दिए गए टैक्स हॉलिडे जैसे कदम घरेलू डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को और बढ़ावा दे रहे हैं।

अडानी ग्रुप का बड़ा एआई विजन ($100 Billion Commitment)

यह नई डील अडानी ग्रुप की बृहद योजनाओं के बिल्कुल अनुकूल है। अडानी ग्रुप ने 2035 तक 5 गीगावाट क्षमता वाले ग्रीन-एनर्जी संचालित, एआई-रेडी डेटा सेंटर विकसित करने के लिए $100 बिलियन (100 अरब डॉलर) का बड़ा निवेश प्रतिबद्ध किया है।

अब तक अडानी समूह ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर ऑपरेशन्स (AdaniConneX) में काम कर रहा था। इस नए जॉइंट वेंचर के माध्यम से अडानी समूह अब एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।

Jabil Inc. का तकनीकी अनुभव और योगदान

अमेरिका स्थित Jabil Inc. इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में लगभग 60 वर्षों के अनुभव के साथ एक वैश्विक दिग्गज कंपनी है (वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का राजस्व $36 बिलियन रहा)।

डेटा सेंटर तकनीक में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Jabil ने हाल ही में:

  1. Hanley Energy Group: क्रिटिकल पावर प्रबंधन समाधानों के लिए इसका अधिग्रहण किया।
  2. Mikros Technologies: एआई और उच्च क्षमता कंप्यूटिंग के लिए लिक्विड-कूलिंग (Liquid Cooling) तकनीक में विशेषज्ञता प्राप्त कंपनी का अधिग्रहण किया।

Jabil की इस इंजीनियरिंग और कूलिंग तकनीक का सीधा लाभ भारत में बनने वाले इस जॉइंट वेंचर को मिलेगा।

भारत के लिए क्या हैं इसके मायने? (‘Make in India’ को बढ़ावा)

  1. हाइपरस्केलर्स और नियोक्लाउड्स को सेवा: यह वेंचर दुनिया के अग्रणी एआई इकोसिस्टम खिलाड़ियों — जैसे हाइपरस्केलर्स (Hyperscalers), नियोक्लाउड्स (Neoclouds), और डेटा सेंटर ऑपरेटरों को “मेड इन इंडिया” उपकरण प्रदान करेगा।
  2. निर्यात का केंद्र (Export Hub): भारत न केवल अपनी घरेलू मांगों के लिए आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि दुनिया के अन्य देशों को भी एआई हार्डवेयर निर्यात करने में सक्षम होगा।
  3. उच्च-तकनीकी रोजगार: हार्डवेयर असेंबलिंग, कूलिंग समाधान, पावर सिस्टम और एआई रैक निर्माण से देश में हजारों हाई-टेक और इंजीनियरिंग नौकरियों का सृजन होगा।

यह ऐतिहासिक साझेदारी भारत को वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित होगी।

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  • Rahul Kaushik

    Senior Editor

    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

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