मुंबई: बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता संजय कपूर और उनकी पत्नी महीप कपूर ने हाल ही में एक टॉक शो के दौरान अपनी बेटी शनाया कपूर के फिल्मी दुनिया में कदम रखने और उनके एक्टिंग के प्रति लगाव को लेकर दिल खोलकर बातचीत की। माता-पिता के रूप में दोनों ने साझा किया कि शनाया के मन में अभिनय के प्रति रुचि अचानक से पैदा नहीं हुई थी, बल्कि यह उनके लालन-पालन और उनके आसपास के सिनेमाई माहौल की वजह से धीरे-धीरे विकसित हुई थी।
कोई अचानक ऐलान नहीं, बल्कि एक स्वाभाविक प्रक्रिया
बातचीत के दौरान संजय कपूर ने खुलासा किया कि शनाया ने कभी अचानक आकर ऐसा कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया था कि उन्हें अभिनेत्री ही बनना है। संजय के अनुसार, “ऐसा कभी नहीं हुआ कि उसने आकर कहा हो कि ‘मां, मैं बड़े होकर यह बनना चाहती हूं।’ हम हमेशा से जानते थे कि उसका झुकाव अभिनय की ओर था। वह एक ऐसे माहौल में पली-बढ़ी है जहां चारों तरफ सिनेमा और कलाकार थे। इसलिए उसका इस क्षेत्र को चुनना एक बहुत ही स्वाभाविक प्रक्रिया थी।”
संजय और महीप ने बताया कि शनाया बचपन से ही अपनी चचेरी बहन और बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर को बहुत मानती थीं और उनसे काफी प्रभावित थीं। महीप कपूर ने एक बचपन का किस्सा साझा करते हुए बताया कि जब सोनम कपूर की पहली फिल्म ‘सांवरिया’ रिलीज हुई थी, उस समय के प्रीमियर के दौरान छोटी शनाया लहंगा पहनकर बेहद उत्साह के साथ घूम रही थीं। उस पल को याद करते हुए माता-पिता ने कहा कि उन्हें तभी अहसास हो गया था कि शनाया के अंदर अभिनय और इस दुनिया का रंग पूरी तरह चढ़ चुका है।
कड़ी मेहनत और कठिन तैयारी
बॉलीवुड परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद, शनाया ने अपने अभिनय कौशल को निखारने के लिए काफी लगन से तैयारी की है। उनके माता-पिता ने बताया कि शनाया अपनी ट्रेनिंग को लेकर बेहद गंभीर रही हैं।
संजय कपूर ने कहा, “वह बहुत मेहनत कर रही है। यहां तक कि कोविड-19 के दौर और लॉकडाउन के प्रतिबंधों के दौरान भी उसने घर पर बैठकर समय बर्बाद नहीं किया। उसने लगातार बेली डांसिंग की ट्रेनिंग ली और अपने भाषा ज्ञान व संवाद अदायगी (डिक्शन) को बेहतर बनाने पर काम किया।”

पिता के संघर्षों और उतार-चढ़ाव से ली सीख
सिनेमा की दुनिया में सफलता के साथ-साथ असफलता और अनिश्चितता का दौर भी आता है। संजय कपूर ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। महीप और संजय दोनों का मानना है कि शनाया ने अपने पिता के पूरे सफर को बहुत करीब से देखा है।
महीप कपूर ने कहा कि शनाया काफी समझदार और जमीन से जुड़ी हुई लड़की है। उसने अपने पिता के संघर्ष को देखा है, इसलिए वह जानती है कि इस इंडस्ट्री में सफलता और असफलता दोनों का सामना कैसे किया जाता है। इस अनुभव ने उसे एक संतुलित और व्यावहारिक सोच दी है, जिससे वह अपने काम और अवसरों को कभी हल्के में नहीं लेती।
संजय कपूर ने अपनी बेटी को करियर की शुरुआत के लिए बेहद सरल लेकिन प्रभावी सलाह दी है— “सच्चे दिल से काम करो और अपने दिल में हमेशा ईमानदारी रखो”।
शनाया कपूर की इस लगन और उनके माता-पिता के मार्गदर्शन को देखते हुए, फैंस और फिल्म इंडस्ट्री दोनों ही उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स और बड़े पर्दे पर उनकी मौजूदगी को लेकर बेहद उत्साहित हैं।