भारतीय टेलीविजन जगत में ऐसे कई कलाकार हैं, जिन्होंने पर्दे पर अपनी अदाकारी से लाखों दिलों को जीता है। इन्हीं में से एक बड़ा नाम है अपरा मेहता। सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में ‘सविता मनसुख विरानी’ का आइकॉनिक किरदार निभाकर देश के घर-घर में पहचान बनाने वाली अपरा मेहता अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, जिस तरह पर्दे पर उन्होंने कई पारिवारिक उतार-चढ़ाव भरे किरदार निभाए, ठीक उसी तरह उनकी असली जिंदगी भी किसी नाटकीय ड्रामे से कम नहीं रही।
अपरा मेहता की निजी जिंदगी, खासकर उनके पति और मशहूर अभिनेता दर्शन जरीवाला के साथ उनके रिश्ते, हमेशा से चर्चा का विषय रहे हैं। शादी के बंधन में बंधने से लेकर एक-दूसरे से अलग होने तक, उनकी कहानी में प्यार, गलतफहमियां, कड़वाहट और आत्मसम्मान की एक लंबी जंग देखने को मिलती है।
बचपन का प्यार और 18 साल की उम्र में शादी
अपरा मेहता और दर्शन जरीवाला का रिश्ता कोई रातों-रात बना संबंध नहीं था। दोनों की पहली मुलाकात थिएटर (रंगमंच) के दिनों में हुई थी। महज 15-16 साल की उम्र में अपरा और दर्शन एक-दूसरे के करीब आए थे। कला और अभिनय के प्रति दोनों का जुनून ही वो धागा था जिसने उन्हें आपस में बांधा। दर्शन जरीवाला भी गुजराती और हिंदी थिएटर और सिनेमा के मंजे हुए कलाकार माने जाते हैं।
दोनों के बीच प्यार इस कदर गहराया कि अपरा मेहता ने सिर्फ 18 साल की बेहद कम उम्र में दर्शन जरीवाला से शादी कर ली। उस वक्त दोनों ही अपने करियर के शुरुआती चरण में थे और उनके सामने एक लंबी जिंदगी पड़ी थी। शादी के शुरुआती सालों में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, दोनों के बीच वैचारिक मतभेद और अनबन की शुरुआत होने लगी।
‘तुम सबसे बदसूरत हो’: तानों और बेइज्जती का दौर
किसी भी रिश्ते की नींव आपसी सम्मान पर टिकी होती है। जब सम्मान खोने लगता है, तो रिश्ते में दरार आना लाजमी हो जाता है। अपरा मेहता और दर्शन जरीवाला के रिश्ते में भी धीरे-धीरे कड़वाहट घुलने लगी थी।
अपरा मेहता ने अपने कई इंटरव्यूज में इस बात का जिक्र किया है कि उनके रिश्ते में एक दौर ऐसा आया जब दर्शन का व्यवहार उनके प्रति काफी सख्त और अपमानजनक होने लगा था। दर्शन जरीवाला द्वारा उन्हें शारीरिक बनावट और खूबसूरती को लेकर ताने दिए जाते थे। रिपोर्ट्स और साक्षात्कारों के अनुसार, दर्शन ने एक बार अपरा से यहां तक कह दिया था कि वे उनके जीवन में देखी गई सबसे बदसूरत महिला हैं या वे खूबसूरत नहीं हैं।
किसी भी महिला या कलाकार के लिए अपने ही जीवनसाथी से इस तरह के शब्द सुनना बेहद पीड़ादायक होता है। अपरा, जो उस समय अपने करियर को बनाने और घर संभालने में लगी थीं, के आत्मसम्मान को इस तरह की बातों से गहरा धक्का लगा। लगातार मिलते ताने और बेइज्जती ने उनके वैवाहिक जीवन की खुशियों को पूरी तरह खत्म कर दिया था।
शादी तोड़कर घर छोड़ गए थे दर्शन जरीवाला
रिश्ते में कड़वाहट इस सीमा तक बढ़ गई कि दोनों के लिए एक साथ एक छत के नीचे रहना असंभव सा होने लगा था। रोज-रोज के झगड़ों, तानेबाजी और मानसिक तनाव के बाद एक दिन दर्शन जरीवाला ने घर छोड़ने का फैसला कर लिया। वे शादी तोड़कर और अपरा को अकेला छोड़कर चले गए।
उस वक्त अपरा के सामने अपनी निजी जिंदगी के बिखरने का दुख तो था ही, साथ ही अपनी बेटी और करियर की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर थी। हालांकि, अपरा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने खुद को संभाला और अपने काम पर पूरा ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत तकलीफ को कभी भी अपने अभिनय और पेशेवर जिंदगी पर हावी नहीं होने दिया।

तलाक क्यों नहीं लिया? अलग रहने का अनोखा फैसला
दर्शन के घर छोड़कर चले जाने के बाद दोनों सालों तक अलग रहे। अक्सर ऐसी स्थितियों में जोड़ें कानूनी रूप से तलाक ले लेते हैं, लेकिन अपरा मेहता और दर्शन जरीवाला के मामले में कहानी थोड़ी अलग रही। दोनों ने कभी भी एक-दूसरे से औपचारिक या कानूनी रूप से तलाक (Divorce) नहीं लिया।
इसके पीछे की वजह बताते हुए अपरा ने एक बार स्पष्ट किया था कि उनके अलग होने की मुख्य वजह एक-दूसरे के प्रति सम्मान की कमी और वैचारिक मतभेद थे, लेकिन वे अपनी बेटी को किसी कानूनी झमेले या सार्वजनिक विवाद में नहीं घसीटना चाहते थे। दोनों ने आपसी सहमति से बिना तलाक लिए हमेशा के लिए अलग-अलग रहने का रास्ता चुना।
वे एक-दूसरे के कानूनी पति-पत्नी तो बने रहे, लेकिन उनकी जिंदगी के रास्ते पूरी तरह से अलग हो चुके थे। दोनों ने अपनी-अपनी शर्तों पर अपनी जिंदगी जीने का फैसला किया।
मुश्किलों से उबरकर अपरा ने बनाई अलग पहचान
पति से अलग होने के बाद अपरा मेहता ने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की। उन्होंने खुद को एक मजबूत महिला के रूप में ढाला। एकता कपूर के मशहूर शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में जब उन्हें सविता विरानी का रोल मिला, तो उन्होंने अपनी अदाकारी से तहलका मचा दिया। टीवी इंडस्ट्री में वे एक जानी-मानी और सम्मानित अभिनेत्री बन गईं।
उन्होंने यह साबित कर दिया कि कोई भी व्यक्तिगत त्रासदी किसी इंसान की काबिलियत को दबा नहीं सकती। अपरा ने अकेले ही अपनी बेटी की परवरिश की और एक सफल करियर
अपरा मेहता और दर्शन जरीवाला का रिश्ता ग्लैमर इंडस्ट्री का एक ऐसा अध्याय है जो दिखाता है कि शादी सिर्फ प्यार से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और समझ से चलती है। जब रिश्ते में सम्मान खत्म हो जाता है, तो शब्दों के घाव इंसान को अंदर तक तोड़ देते हैं।
हालांकि, इस पूरी कहानी का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह है कि अपरा मेहता ने कभी खुद को पीड़िता के रूप में प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने दर्शन द्वारा की गई बेइज्जती और शादी टूटने के दर्द को सहते हुए भी अपने पैरों पर खड़े होकर दिखाया और आज वे लाखों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान की मिसाल हैं।
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