उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार और हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक बेहद ही हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें राज्य के तीन उभरते और होनहार टेनिस खिलाड़ियों की असामयिक मृत्यु हो गई। यह दुर्घटना उस समय हुई जब खिलाड़ियों को ले जा रही अर्टिगा कार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर आगे चल रहे एक ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार, सभी खिलाड़ी राजधानी लखनऊ से देवरिया जिले की ओर जा रहे थे। कार में सवार खिलाड़ी किसी राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता या अभ्यास शिविर में भाग लेने अथवा अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियों की रफ्तार अमूमन तेज रहती है, लेकिन इस अर्टिगा कार की गति लगभग 100 किमी/घंटा बताई जा रही है। अचानक एक्सप्रेस-वे पर आगे चल रहे मालवाहक ट्रक के सामने आने या कार चालक का संतुलन बिगड़ने के कारण गाड़ी सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा समाई।
कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रक के नीचे फंस गया, जिससे आगे और बीच की सीटों पर बैठे लोगों को संभलने का एक मौका तक नहीं मिला। स्थानीय राहगीरों और एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग कर रही सुरक्षा टीम ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस और आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को दी। कटर और अन्य उपकरणों की मदद से अर्टिगा कार की बॉडी को काटकर बुरी तरह फंसे हुए खिलाड़ियों और चालक को बाहर निकाला गया। हालांकि, अस्पताल ले जाने से पहले ही तीन खिलाड़ियों की सांसें थम चुकी थीं।

हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के परिवारों और खेल जगत में पहुंची, शोक की लहर दौड़ गई। लखनऊ और देवरिया दोनों ही जिलों में सन्नाटा पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, क्योंकि तीनों युवा खिलाड़ी अपने खेल में बेहद होनहार थे और राज्य तथा देश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे थे। खेल प्रेमियों, कोच और स्थानीय प्रतिनिधियों ने इस असमय हुई त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है और दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में दुर्घटना का मुख्य कारण तेज रफ्तार, चालक की झपकी आना या फिर अचानक ब्रेक लगने से दूरी न बना पाना माना जा रहा है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर एक्सप्रेस-वे पर यातायात सुचारू कराया है। इसके साथ ही पुलिस ट्रक चालक और मामले से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की विस्तृत छानबीन कर रही है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर लगातार हो रहे इस तरह के भीषण हादसे एक बार फिर तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और रात्रि/अल सुबह की ड्राइविंग में बरती जाने वाली लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। एक्सप्रेस-वे पर गति सीमा के नियमों का पालन करना और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालकों का सतर्क रहना बेहद जरूरी है। इस दुखद हादसे ने न केवल तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए, बल्कि भारतीय खेल जगत से तीन भावी प्रतिभाओं को भी सदा के लिए छीन लिया।
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