JEE Advanced 2026: आईआईटी बॉम्बे बना टॉपर्स की पहली पसंद

नई दिल्ली: देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा (JEE Advanced 2026) के बाद जो काउंसलिंग और सीट आवंटन के आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश के मेधावी छात्रों के दिल में आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) की बादशाहत बरकरार है। जेईई एडवांस्ड 2026 की ऑल इंडिया रैंक (AIR) में शीर्ष 100 स्थान हासिल करने वाले देश के 100 सबसे मेधावी छात्रों में से 68 छात्रों ने अपनी पहली पसंद के रूप में आईआईटी बॉम्बे को चुना है और वहीं प्रवेश लिया है।

ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी (JIC) द्वारा जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष 100 रैंक हासिल करने वाले छात्रों में से 97 प्रतिशत मेधावियों की पसंद देश के तीन सबसे पुराने और शीर्ष रैंकिंग वाले संस्थान—आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी मद्रास ही रहे। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि देश के नए और स्थापित हो रहे अन्य आईआईटी संस्थानों की तुलना में छात्रों का अटूट विश्वास आज भी इन दिग्गज संस्थानों पर ही टिका हुआ है।

शीर्ष 100 रैंक का पूरा गणित: किस आईआईटी को मिले कितने मेधावी?

जेईई एडवांस्ड 2026 के नतीजों और सीट आवंटन डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि देश के टॉप-100 छात्रों के चयन में किस तरह का विभाजन देखने को मिला है:

संस्थान (IITs)टॉप-100 में से प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या
आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay)68
आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi)18
आईआईटी मद्रास (IIT Madras)11
आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur)1
अन्य आईआईटी संस्थान0

आंकड़ों से स्पष्ट है कि टॉप-100 के 97 छात्रों को केवल तीन संस्थानों (बॉम्बे, दिल्ली और मद्रास) में ही विभाजित किया गया, जबकि आईआईटी कानपुर को 1 छात्र मिला और बाकी अन्य सभी आईआईटी संस्थानों के खाते में टॉप-100 का एक भी छात्र नहीं आया।

यदि टॉप-500 रैंक वाले छात्रों के व्यापक समूह की बात करें, तो उनमें से 183 छात्रों ने अकेले आईआईटी बॉम्बे में दाखिला लिया है। वहीं, देश के सभी 23 आईआईटी संस्थानों की बात करें, तो शीर्ष 5,000 रैंक वाले कुल 2,460 छात्रों ने देश के पुराने सात प्रमुख आईआईटी (बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास, कानपुर, खड़गपुर, रुड़की और गुवाहाटी) को ही प्राथमिकता दी है।

ऑल इंडिया रैंक-1 शुभम कुमार ने चुना आईआईटी दिल्ली

यद्यपि ओवरऑल ट्रेंड में आईआईटी बॉम्बे सबसे आगे रहा, लेकिन जेईई एडवांस्ड 2026 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 (AIR 1) हासिल करने वाले टॉपर शुभम कुमार ने एक अलग राह चुनी। 360 में से 330 अंक लाकर देश भर में पहला स्थान प्राप्त करने वाले शुभम कुमार और टॉप-10 में जगह बनाने वाले 5 अन्य मेधावी छात्रों ने प्रवेश के लिए आईआईटी दिल्ली को चुना। इसके साथ ही छात्राओं के वर्ग में देश भर में 77वीं रैंक हासिल कर फीमेल टॉपर बनीं आरोही देशपांडे ने भी आईआईटी दिल्ली में ही अपनी सीट पक्की की।

छात्राओं के प्रवेश के मामले में आईआईटी मद्रास जोन सबसे आगे रहा। इस वर्ष कुल 18,861 प्रवेशों में से महिला उम्मीदवारों की हिस्सेदारी लगभग 20.2% दर्ज की गई, जिसमें से 1,260 सीटों पर छात्राओं ने आईआईटी मद्रास जोन के तहत दाखिला लिया।

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) का दबदबा कायम

हर साल की तरह इस साल भी इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के बीच कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) ब्रांच की दीवानगी सबसे सिर चढ़कर बोली। काउंसलिंग रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • कंप्यूटर साइंस बनी पहली पसंद: टॉप-500 में स्थान पाने वाले कुल 365 छात्रों यानी करीब 73 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने केवल कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) को चुना।
  • आईआईटी बॉम्बे में सीएसई का क्रेज: अकेले आईआईटी बॉम्बे में 142 मेधावी छात्रों ने कंप्यूटर साइंस ब्रांच में दाखिला लिया।
  • कोर ब्रांचेस के प्रति घटा रुझान: आंकड़ों के मुताबिक, सिविल इंजीनियरिंग जैसी पारंपरिक शाखा में टॉप-500 में से केवल 2 छात्रों ने ही रुचि दिखाई, जबकि एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में टॉप-500 में से एक भी छात्र ने दाखिला नहीं लिया। AI और डेटा एनालिटिक्स में टॉप-500 के 17 छात्रों ने प्रवेश पाया।

विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर साइंस के प्रति इस अत्यधिक आकर्षण और सिविल या मैकेनिकल जैसी कोर ब्रांचेस से दूरी का सबसे बड़ा कारण शुरुआती प्लेसमेंट पैकेज है। कंप्यूटर साइंस में औसतन 30 लाख रुपये का शुरुआती पैकेज मिलता है, जो कि कोर ब्रांचेस के शुरुआती पैकेज से दोगुने से भी अधिक है।

शिक्षाविदों का नज़रिया: क्यों एक ही ढर्रे पर चलते हैं छात्र?

आईआईटी दिल्ली के पूर्व निदेशक और वर्तमान में बीआईटीएस पिलानी (BITS Pilani) के कुलपति प्रो. वी. रामगोपाल ने इस चयन पैटर्न पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान या इंजीनियरिंग शाखा का ट्रेंड बनने के बाद उसमें बदलाव आने में सालों का समय लगता है।

उनके अनुसार, “आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास, कानपुर या खड़गपुर जैसे पुराने संस्थानों में फैकल्टी की गुणवत्ता, इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च सुविधाएं और प्लेसमेंट रिकॉर्ड बेहद मजबूत हैं। आज का छात्र जोखिम (Risk) नहीं लेना चाहता। जब एक टॉपर छात्र किसी विशेष संस्थान या ब्रांच को चुनता है, तो आने वाले वर्षों के छात्र बिना किसी जोखिम के उसी पैटर्न का अनुसरण करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके सीनियर्स ने बहुत सोच-समझकर निर्णय लिया होगा।”

जेईई एडवांस्ड 2026 की परीक्षा प्रणाली और उसका स्तर

इस वर्ष जेईई एडवांस्ड परीक्षा का आयोजन आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) द्वारा किया गया था। 17 मई को दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में कुल 1,79,694 छात्र शामिल हुए थे, जिनमें से 56,880 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की थी।

जॉइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी (JIC) की रिपोर्ट ने इस वर्ष के प्रश्नपत्र के कठिन स्तर का भी विश्लेषण प्रस्तुत किया:

  • परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्रों में कुल मिलाकर 102 प्रश्न पूछे गए थे।
  • पूरे प्रश्नपत्र में से केवल 4 प्रश्न ही ऐसे थे, जिन्हें परीक्षा में बैठे 50 प्रतिशत से अधिक छात्र सही हल कर सके।
  • इसके विपरीत, 32 प्रश्न ऐसे रहे, जिनमें 50 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने गलत उत्तर दर्ज किया।
  • करीब 21 प्रश्न इतने जटिल थे कि 50 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने उन्हें हल करने का प्रयास ही नहीं किया और खाली छोड़ दिया।

जेईई एडवांस्ड 2026 के प्रवेश रुझान यह स्पष्ट करते हैं कि शीर्ष प्रतिभाएं आज भी पुराने और स्थापित संस्थानों पर ही सबसे अधिक भरोसा करती हैं। आईआईटी बॉम्बे की भौगोलिक स्थिति, इसका वैश्विक औद्योगिक संपर्क (Industry Exposure) और उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड इसे देश के सर्वोच्च मेधावियों का सबसे पसंदीदा स्थान बनाए हुए हैं। हालांकि आईआईटी दिल्ली और मद्रास भी शीर्ष पायदान पर मजबूती से टिके हुए हैं, लेकिन नए आईआईटी संस्थानों को देश के टॉप-100 या टॉप-500 छात्रों को आकर्षित करने के लिए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेसमेंट संभावनाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता होगी।

यह भी पढ़ें: काला सागर में रूसी तेल टैंकर पर हमला: आग लगी, 23 भारतीय नाविकों को बचाया गया

Author

  • Maanshii Sharma

    Depty Editor

    मांशी शर्मा एक युवा एवं समर्पित पत्रकार हैं, जो सामाजिक, डिजिटल, शिक्षा, तकनीक और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं तथ्यपूर्ण लेखन के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी रुचि लोगों तक सही, सरल और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने में है।

    उन्होंने विभिन्न समसामयिक विषयों, युवा प्रेरणा, डिजिटल भारत, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर कार्य किया है। उनकी लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और पाठकों से जुड़ाव बनाने वाली है।

    मांशी शर्मा का उद्देश्य पत्रकारिता के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाना तथा सकारात्मक एवं उपयोगी समाचारों को लोगों तक पहुँचाना है। वे हमेशा निष्पक्षता, सत्यता और विश्वसनीयता को अपनी प्राथमिकता मानती हैं।

Leave a Comment