बारामती में बुजुर्ग महिलाओं के दोहरे हत्याकांड में रिश्तेदार पोता गिरफ्तार, भारी कर्ज के चलते रची गई थी वारदात

पुणे ग्रामीण पुलिस ने बारामती तहसील के शेरेचीवाड़ी (बाबुर्डी) गांव में हुई दो वयोवृद्ध महिलाओं की सनसनीखेज हत्या के मामले में बड़ा पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए मृतका के अपने ही चुलत पोते (रिश्तेदार) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवक की पहचान 26 वर्षीय विकास राजेंद्र लडकत के रूप में हुई है, जो उसी गांव का निवासी है। प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी पर भारी कर्ज चढ़ा हुआ था, जिसे चुकाने और सोने-चांदी के गहने लूटने की नीयत से उसने अपनी ही दादी और रिश्तेदार महिला की बेरहमी से हत्या कर दी थी।

इस दर्दनाक वारदात से पूरे शेरेचीवाड़ी और बारामती क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ था। पुलिस ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी को धर दबोचा और उसे अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में ले लिया है।

आधी रात को खाट पर सो रही महिलाओं का रेता था गला

यह खौफनाक वारदात 29 सितंबर की मध्यरात्रि को बाबुर्डी गांव की शेरेचीवाड़ी बस्ती में अंजाम दी गई थी। मृतकों की पहचान 75 वर्षीय इंदुमती लडकत और 60 वर्षीय कृष्णाबाई लडकत के रूप में हुई है। इंदुमती लडकत गांव की पूर्व सरपंच रह चुकी थीं और उन्हें मधुमेह की बीमारी थी। बीमारी और देखभाल के चलते दोनों महिलाएं रात में घर के आंगन में ही पास-पास खाट बिछाकर सोया करती थीं।

घटना की रात आरोपी विकास लडकत चोरी के इरादे से उनके घर में घुसा। उस समय दोनों बुजुर्ग महिलाएं गहरी नींद में थीं। आरोपी ने धारदार हथियार से दोनों महिलाओं के गले पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने अलमारी और घर के अन्य कमरों में छानबीन की और सोने के कीमती आभूषण तथा नकदी चुराकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया।

सुबह घटना का हुआ खुलासा, गांव में फैली सनसनी

अगली सुबह जब पड़ोसियों और ग्रामीणों ने आंगन में दोनों महिलाओं के रक्तरंजित शव देखे, तो इलाके में कोहराम मच गया। तुरंत इसकी सूचना सुपा पुलिस स्टेशन और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। वारदात की सूचना मिलते ही पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल, उपविभागीय पुलिस अधिकारी (DYSP) चैतन्य कदम, सुपा पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी शशिकांत शेळके पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

घटनास्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट (अंगुलियों के निशान लेने वाले विशेषज्ञ) और डॉग स्क्वायड को भी जांच के लिए बुलाया गया। शुरुआती छानबीन में अलमारियां खुली पाई गईं और आभूषण गायब थे, जिससे पुलिस को पहली नजर में ही यह लूटपाट के लिए की गई हत्या का मामला लगा।

10 अधिकारी और 55 पुलिसकर्मियों की टीमों ने सुलझाई गुत्थी

घटना के समय ग्रामीण इलाके में सीसीटीवी कैमरे मौजूद न होने के कारण पुलिस के सामने कातिल तक पहुंचना एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल ने विशेष जांच टीमों का गठन किया। इस केस को सुलझाने के लिए लगभग 10 वरिष्ठ अधिकारियों और 55 पुलिसकर्मियों को मैदान में उतारा गया था।

पुलिस ने सबसे पहले तकनीकी विश्लेषण (मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स) का सहारा लिया, लेकिन इससे कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद सुपा पुलिस स्टेशन के प्रभारी शशिकांत शेळके और उनकी टीम ने स्थानीय स्तर पर गुप्त सूचना तंत्र (इनफॉर्मर्स) को सक्रिय किया। पुलिस ने गांव के संदिग्धों और परिजनों से पूछताछ शुरू की।

कर्ज में डूबा पोता ही निकला मास्टरमाइंड

पुलिस द्वारा की जा रही गहन पूछताछ और कड़ियों को जोड़ने के दौरान मृतका के चुलत पोते विकास राजेंद्र लडकत की गतिविधियों पर पुलिस को संदेह हुआ। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं बोल सका और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

प्रारंभिक जांच में आरोपी विकास ने बताया कि उस पर भारी मात्रा में कर्ज हो गया था और लेनदार उस पर पैसे वापस करने का दबाव बना रहे थे। अपनी वित्तीय तंगी और पैसों की तुरंत जरूरत को पूरा करने के लिए उसने अपनी ही बुजुर्ग दादी और रिश्तेदार महिला को निशाना बनाने का खौफनाक प्लान बनाया। उसे पता था कि घर में दोनों महिलाएं अकेली रहती हैं और रात में आंगन में सोती हैं, जिससे उन पर हमला करना और लूटपाट करना आसान होगा।

आरोपी को 5 दिन की पुलिस हिरासत, आगे की जांच जारी

पुलिस अधिकारी शशिकांत शेळके ने बताया कि आरोपी विकास राजेंद्र लडकत को तड़के ही बड़ी चालाकी से गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पेश किए जाने के बाद कोर्ट ने आरोपी को 5 दिन की पुलिस कस्टडी (रिमांड) में भेजने का आदेश दिया है।

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से चोरी किए गए सोने के आभूषण, नकदी और वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार बरामद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस जघन्य हत्याकांड में क्या विकास के साथ कोई और भी शामिल था या उसने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।

बुजुर्गों की सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल

बारामती के बाबुर्डी गांव में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जब अपने ही खून के रिश्ते पैसों के लालच में इतने क्रूर हो जाएं, तो बुजुर्गों की सुरक्षा पर चिंता गहराना स्वाभाविक है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा खौफनाक कदम उठाने की हिम्मत न कर सके। पुलिस प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

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  • Rahul Kaushik

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