फ्लाईदुबई कॉकपिट हमला: कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी, रिकवरी और पत्नी सोनल की आपबीती

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (Flydubai) की उड़ान FZ1073 में आसमान के बीचों-बीच जो खौफनाक वारदात घटी, उसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। सह-पायलट (Co-pilot) ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से उड़ान के दौरान ही मुख्य कैप्टन स्मित माछर (Smit Machchhar) पर धारदार हथियार से हमला कर दिया और विमान को क्रैश करने की नीयत से 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे की ओर गोता लगवा दिया।

खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, भारतीय पायलट स्मित माछर ने जिस अदम्य साहस और उपस्थिति (Presence of mind) का परिचय दिया, उसी का परिणाम है कि विमान में सवार सभी 174 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान बच सकी।

उनकी पत्नी सोनल माछर (Sonal Machchhar) ने एक विशेष इंटरव्यू में स्मित की मौजूदा सेहत, उस खौफनाक मंज़र, हनुमान चालीसा के पाठ और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई टेलीफोनिक बातचीत के हर पहलू को साझा किया है।

1. कॉकपिट में उस भयानक दिन क्या हुआ था?

दुबई से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद जब विमान अपनी सामान्य ऊंचाई पर था, तभी सह-पायलट ने कैप्टन स्मित पर अचानक हमला कर दिया। कैप्टन स्मित पर चाकू से कई वार किए गए। सह-पायलट ने कंट्रोल अपने हाथ में लेकर प्लेन को महज़ 29 सेकंड में लगभग 14,000 फीट नीचे गिरा दिया।

अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी आखिरी ताकत झोंकते हुए फर्श पर रेंगकर (Crawl करके) कॉकपिट का आपातकालीन दरवाजा खोल दिया (Emergency release open कर दिया)। दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और यात्री कॉकपिट में दाखिल हुए तथा हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया। विमान में यात्री के रूप में मौजूद दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत नियंत्रण संभाला और सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट (Tabuk Airport) पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।

2. ‘उस समय मैं सिर्फ हनुमान चालीसा का पाठ कर रहा था’

सोनल माछर ने बताया कि जब उनकी स्मित से बात हुई, तो उन्होंने उस खौफनाक क्षण के बारे में विस्तार से बताया। स्मित ने बताया:

“जब मैं फर्श पर पड़ा था और अत्यधिक खून बह रहा था, मुझे अहसास हो गया था कि प्लेन नीचे गिर रहा है। मन में ख्याल आया कि यह मेरे जीवन के आखिरी कुछ सेकंड हैं। लेकिन मैंने उम्मीद नहीं छोड़ी। जब-जब मुझे असह्य दर्द होता था, मैं मन ही मन हनुमान चालीसा का जाप करने लगता था। भगवान में मेरी अटूट आस्था ने ही मुझे फर्श पर रेंगकर कॉकपिट डोर अनलॉक करने की शक्ति दी।”

सोनल के मुताबिक, स्मित पिछले 13 से अधिक वर्षों से कमर्शियल एविएशन में हैं और उनके पास लगभग 9,750 घंटों की उड़ान का अनुभव है। इसी अनुभव और अध्यात्मिक बल ने उन्हें एक बड़े 9/11 जैसे हादसे को टालने का साहस दिया।

3. पीएम नरेंद्र मोदी का फोन और परिवार से बातचीत

इस घटना के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कैप्टन स्मित माछर, उनकी पत्नी सोनल, पिता भूपेंद्रभाई और माता गीताबेन से फोन पर बात की।

  • प्रधानमंत्री का संदेश: पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और उनकी सूझबूझ, धैर्य तथा बहादुरी की जमकर तारीफ की। पीएम ने कहा कि पूरे देश को स्मित पर गर्व है और 140 करोड़ भारतीय उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप और प्रार्थनाएं कर रहे हैं।
  • सोनल का अनुभव: सोनल ने बताया कि देश के शीर्ष नेतृत्व से मिले इस व्यक्तिगत समर्थन ने पूरे परिवार को इस संकट की घड़ी में मानसिक और नैतिक रूप से बेहद संबल दिया है। पीएम ने आश्वासन दिया कि भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) और दूतावास स्मित के इलाज व देखरेख के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।
  • ग्लोबल तारीफ: केवल भारत ही नहीं, बल्कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित को एक “सच्चा हीरो” (True Hero) करार दिया और 174 मासूम जिंदगियां बचाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

4. कैप्टन स्मित माछर की रिकवरी और मेडिकल अपडेट

घटना के तुरंत बाद स्मित को सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल में शुरुआती चिकित्सा और प्राथमिक उपचार (First Aid) दिया गया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए एयर एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें अबू धाबी (Abu Dhabi) के एक उन्नत चिकित्सा केंद्र (Advanced Care Hospital) में एयरलिफ्ट किया गया है।

सोनल माछर ने उनकी रिकवरी पर जानकारी देते हुए बताया:

  • स्मित की हालत अब स्थिर (Stable) है और वे डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं।
  • उनके शरीर और गर्दन के ऊपरी हिस्से पर चाकू के कई घाव हैं, जिनकी सर्जरी और ड्रेसिंग की गई है।
  • डॉक्टरों का कहना है कि उनकी रिकवरी सही दिशा में है और मानसिक रूप से भी वे बेहद मजबूत बने हुए हैं।

5. जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई

हमलावर सह-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच के अनुसार, हमलावर सह-पायलट कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की जांच एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि कॉकपिट के भीतर सुरक्षा चूक कैसे हुई।

दूसरी ओर, गुजरात सरकार ने भी कैप्टन स्मित माछर के अद्वितीय साहस के लिए उन्हें राज्य के प्रतिष्ठित ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने की घोषणा की है।

कैप्टन स्मित माछर का यह कदम न केवल व्यावसायिक कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है, बल्कि अदम्य मानवीय साहस का प्रतीक भी है। मौत के मुहाने पर खड़े होकर भी उन्होंने जिस तरह अपने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी, उसने वैश्विक स्तर पर भारतीय विमानन क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी पत्नी सोनल और पूरा परिवार उनके जल्द पूर्ण स्वस्थ होकर घर लौटने और एक बार फिर नीले आसमान में उड़ान भरने का इंतजार कर रहा है।

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  • Rahul Kaushik

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