भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ही ऐसे नाम हैं, जो समय की सीमाओं से परे जाकर जन-जन के दिलों पर राज करते हैं। इनमें सबसे शीर्ष पर आता है एक ही नाम—सुपरस्टार रजनीकांत। फिल्म उद्योग में थलाइवर (नेता/नायक) के रूप में पूजे जाने वाले रजनीकांत ने अपने अभिनय करियर के 50वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। इस स्वर्णिम अर्धशतक का जश्न न केवल दक्षिण भारत में, बल्कि दुनिया भर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसकों द्वारा एक उत्सव की तरह मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को और भी ज्यादा यादगार और भव्य बनाने के लिए उनकी आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जेलर 2’ के निर्माताओं ने फिल्म का पहला पहला गाना ‘वन नेम’ (One Name) जारी कर दिया है।
गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया, म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब पर ट्रेंड करने लगा है। यह गाना न केवल फिल्म ‘जेलर 2’ का एक अहम हिस्सा है, बल्कि यह सीधे तौर पर रजनीकांत के 50 साल लंबे बेमिसाल फिल्मी सफर, उनकी विशिष्ट शैली और उनके अमर स्टारडम को समर्पित एक संगीतमय ट्रिब्यूट भी है।
अपूर्वा रागांगल से जेलर 2 तक: आधा दशक का बेमिसाल सफर
वर्ष 1975 में महान निर्देशक के. बालचंदर की तमिल फिल्म ‘अपूर्वा रागांगल’ से अपने अभिनय सफर की शुरुआत करने वाले शिवाजी राव गायकवाड़ (रजनीकांत का वास्तविक नाम) ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक साधारण बस कंडक्टर से लेकर भारतीय सिनेमा के सबसे महंगे और प्रभावशाली अभिनेता बनने तक का उनका सफर प्रेरणा की एक अद्भुत मिसाल है।
रजनीकांत की शुरुआत नकारात्मक भूमिकाओं से हुई थी, लेकिन उनकी अनूठी शैली, सिगरेट हवा में उछालने का अंदाज, चश्मा पहनने का तरीका और तेज-तर्रार संवाद अदायगी ने उन्हें रातों-रात दर्शकों का चहेता बना दिया। 1980 के दशक तक आते-आते वे ‘सुपरस्टार’ की पदवी हासिल कर चुके थे। ‘मुथु’, ‘बाशा’, ‘पदयप्पा’, ‘शिवाजी: द बॉस’, ‘रोबोट (एंथिरन)’ और 2023 में आई सुपरहिट फिल्म ‘जेलर’—हर दौर में रजनीकांत ने बॉक्स ऑफिस के तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त किए हैं। सिनेमा में 50 साल पूरे करना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारतीय फिल्म उद्योग के विकास का एक जीवंत प्रतीक भी है।
गाना ‘वन नेम’: एक नाम, जो बन गया पहचान
‘जेलर 2’ के निर्माताओं (सन पिक्चर्स) द्वारा रिलीज किया गया गाना ‘वन नेम’ रजनीकांत की शख्सियत और उनके पांच दशकों के प्रभाव को पूरी तरह से रेखांकित करता है। गाने के बोल, उसका संगीत और दृश्यों का संयोजन दर्शकों में एक अलग ही ऊर्जा भर देता है।
- संगीत का जादू: इस हाई-ऑक्टेन गाने को युवा संगीत सनसनी अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया है। अनिरुद्ध, जिन्होंने ब्लॉकबस्टर ‘जेलर’ का आइकॉनिक बैकग्राउंड स्कोर और ‘हुकुम’ जैसा चार्टबस्टर गाना दिया था, उन्होंने एक बार फिर अपनी लय और बीट्स से जादू चला दिया है। गाने में पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ मॉडर्न इलेक्ट्रॉनिक बीट्स का ऐसा मिश्रण तैयार किया गया है, जो सुनते ही रोंगटे खड़े कर देता है।
- गीत के बोल और थीम: ‘वन नेम’ शब्द का सीधा संदर्भ थलाइवर के उस नाम से है, जो नाम ही अपने आप में एक ब्रांड, एक भावना और एक क्रांति बन चुका है। गाने के बोल यह बयान करते हैं कि कैसे पांच दशकों के दौरान सिनेमा के ट्रेंड बदले, तकनीक बदली, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर जिस एक नाम का दबदबा कभी नहीं बदला, वह है—रजनीकांत।
- विजुअल्स और रजनीकांत का स्वैग: गाने के वीडियो में ‘जेलर’ के उनके किरदार ‘टाइगर हुकुमदेव (मुथुवेल पांडियन)’ के क्रूर लेकिन स्वैगर लुक की झलकियां दिखाई गई हैं। साथ ही, स्क्रीन पर उनके 50 साल के सफर की कुछ विंटेज क्लिप्स और एनिमेशन का शानदार इस्तेमाल किया गया है। काले चश्मे, धीमी चाल और चेहरे पर हल्की सी मुस्कान के साथ जब स्क्रीन पर रजनीकांत की एंट्री होती है, तो वह दृश्य देखने लायक होता है।
‘जेलर 2’ से क्या हैं उम्मीदें?
वर्ष 2023 में रिलीज हुई ‘जेलर’ ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 600 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था। निर्देशक नेलसन दिलीपकुमार की डार्क कॉमेडी और एक्शन के अनूठे मेल को दर्शकों ने खूब सराहा था। ‘जेलर’ के क्लाइमैक्स के बाद से ही इसके दूसरे भाग की मांग उठने लगी थी।
‘जेलर 2’ में निर्देशक नेलसन दिलीपकुमार कहानी को और बड़े पैमाने पर ले जाने की तैयारी में हैं। खबर है कि इस सीक्वल में एक्शन और थ्रिल का स्तर पहले से दोगुना होगा। फिल्म में रजनीकांत एक बार फिर अपने कानून का पालन कराने वाले और दुश्मनों को धूल चटाने वाले सख्त अंदाज में नजर आएंगे। ‘वन नेम’ गाने की रिलीज के साथ ही निर्माताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह फिल्म सिर्फ एक सीक्वल नहीं होगी, बल्कि थलाइवर के 50 साल के सिनेमाई करियर का सबसे भव्य जश्न होगी।
प्रशंसकों में जश्न का माहौल
गाना रिलीज होते ही दुनिया भर में रजनीकांत के प्रशंसकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। चेन्नई, मदुरै, बेंगलुरु से लेकर विदेश (अमेरिका, मलेशिया और जापान) तक, फैन क्लबों द्वारा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सिनेमाघरों के बाहर बड़े-बड़े कटआउट्स पर दूध से अभिषेक करने और आतिशबाजी करने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं।
फैंस का कहना है कि 70 साल से अधिक की उम्र में भी रजनीकांत की जो स्क्रीन प्रेजेंस और एनर्जी है, वह आज के युवा अभिनेताओं के लिए एक सीख है। यूट्यूब पर गाने के कमेंट सेक्शन में लाखों संदेश जमा हो चुके हैं, जहां लोग थलाइवर को सिनेमा के 50 साल पूरे करने पर बधाई दे रहे हैं और ‘वन नेम’ को इस साल का सबसे बड़ा एंथम (Anthem) घोषित कर रहे हैं।
भारतीय सिनेमा में थलाइवर का योगदान
रजनीकांत केवल तमिल सिनेमा तक सीमित नहीं रहे हैं। उन्होंने हिंदी (‘अंधा कानून’, ‘चालबाज़’, ‘हम’), तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ी है। उनकी फिल्मों ने जापानी बाजार में भारतीय सिनेमा के लिए दरवाजे खोले थे, जब 1990 के दशक में ‘मुथु’ जापान में रिलीज होकर ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी।
सिनेमा में उनके 50 साल इस बात का प्रमाण हैं कि जब अनुशासन, समर्पण और दर्शकों के प्रति सम्मान हो, तो स्टारडम कभी फीका नहीं पड़ता। ‘जेलर 2’ का नया गाना ‘वन नेम’ इसी अमर स्टारडम की एक संगीतमय घोषणा है—कि नाम भले ही कई हों, लेकिन भारतीय सिनेमा में स्वैग का पर्याय केवल ‘एक ही नाम’ है!
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