बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान के निधन के बाद हाल ही में मुंबई में आयोजित उनकी प्रार्थना सभा (प्रेयर मीट) से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि अभिनेता राजपाल यादव को मुश्ताक खान के परिजनों या वहां मौजूद आयोजकों द्वारा बेइज्जत करके प्रार्थना सभा से बाहर निकाल दिया गया। वीडियो में एक महिला की गुस्से भरी आवाज सुनाई दे रही है, जिसमें वह कहती हैं— “आपको बाहर भेजा जाएगा… हमने आपको समझाया, आप ऐसा क्यों कर रहे हो?” इसके बाद राजपाल यादव वहां से चुपचाप बाहर निकलते हुए दिखाई देते हैं।
इंटरनेट पर वीडियो के आते ही फैंस के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और लोग यह सवाल पूछने लगे कि आखिर इतने लोकप्रिय अभिनेता के साथ शोक सभा में ऐसा दुर्व्यवहार क्यों हुआ। हालांकि, जब इस वायरल वीडियो की तथ्यात्मक जांच (Fact Check) की गई, तो सच कुछ और ही निकला।
क्या है वायरल दावे का सच?
दावा: राजपाल यादव को दिवंगत मुश्ताक खान की प्रेयर मीट से अपमानित कर भगा दिया गया।
फैक्ट चेक निष्कर्ष: यह दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। राजपाल यादव को प्रेयर मीट से बाहर नहीं निकाला गया था, ना ही उनके साथ कोई बदसलूकी हुई थी।
घटना का पूरा सच और क्या हुआ था वहां?
24 सितंबर 2026 को कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद अभिनेता मुश्ताक खान का निधन हो गया था। इसके बाद 30 सितंबर को मुंबई में उनके लिए एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें बॉलीवुड और टीवी जगत के कई नामचीन सितारे पहुंचे। राजपाल यादव भी अपने मित्र और सह-कलाकार मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि देने और उनके परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे थे।
श्रद्धांजलि देने के बाद राजपाल यादव जब मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे, तभी वहां मौजूद कुछ फैंस और पैपराजी माहौल की गंभीरता को भूलकर अभिनेता के साथ तस्वीरें और सेल्फी लेने की कोशिश करने लगे।
वायरल वीडियो के विस्तृत और दूसरे कोण (अदर एंगल) के फुटेज से यह साफ हुआ कि:
- महिला का गुस्सा राजपाल पर नहीं था: प्रार्थना सभा जैसे गमगीन माहौल में एक शख्स जबरन राजपाल यादव के करीब आकर सेल्फी ले रहा था। वहां मौजूद टीम/परिवार की महिला सदस्य उस व्यक्ति की इस हरकत से नाराज हो गईं।
- सेल्फी ले रहे शख्स को दी गई थी चेतावनी: महिला जिस आवाज में “आपको बाहर भेजा जाएगा, हमने समझाया था…” कह रही थीं, वह राजपाल यादव के लिए नहीं बल्कि उस सेल्फी लेने वाले शख्स के लिए था।
- मीडिया और सुरक्षाकर्मियों का हस्तक्षेप: वहां मौजूद मीडिया के सदस्यों ने भी उस शख्स को डांटते हुए कहा, “ये फोटो लेने का प्लेस है क्या?” इसके बाद उस व्यक्ति ने अपना फोन नीचे कर लिया और माफी मांगी।
- राजपाल यादव का सम्मानजनक निकास: उस अनपेक्षित हंगामे और असहज माहौल को देखते हुए राजपाल यादव ने खुद ही वहां से शांतिपूर्वक निकलना उचित समझा।
भ्रामक दावों से बचें
सोशल मीडिया पर अक्सर आधी-अधूरी क्लिप्स को बिना संदर्भ समझे, सिर्फ व्यूज और सनसनी फैलाने के लिए गलत कैप्शन्स के साथ शेयर कर दिया जाता है। इस मामले में भी एडिटेड और एक तरफा वीडियो को राजपाल यादव के नाम से जोड़कर वायरल किया गया, जबकि असलियत में विवाद किसी गैर-जिम्मेदार प्रशंसक की हरकतों को लेकर हुआ था।
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