72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स (National Film Awards) समारोह ने इतिहास रच दिया है। भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह को इस बार राजधानी नई दिल्ली से बाहर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित केवड़िया (एकता नगर) में आयोजित किया गया। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की भव्य पृष्ठभूमि के बीच आयोजित इस गरिमामय समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सिनेमा के दिग्गजों को उनकी उत्कृष्ट कला के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया।
ऐतिहासिक बदलाव: दिल्ली के बाहर पहली बार आयोजन
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस वर्ष ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित करने की एक नई पहल शुरू की है। इस कड़ी में पहला पड़ाव गुजरात का एकता नगर बना। नर्मदा नदी के तट पर स्थित केवड़िया का यह सुरम्य वातावरण सिने जगत के सितारों की मौजूदगी से जगमगा उठा। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस अभूतपूर्व क्षण के साक्षी बने।
अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार
समारोह की सबसे बड़ी आकर्षण कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग रहे, जिन्हें भारतीय सिनेमा में उनके 50 वर्षों से अधिक के अभूतपूर्व योगदान के लिए वर्ष 2024 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार से अलंकृत किया गया। जैसे ही राष्ट्रपति मुर्मु ने उन्हें यह सर्वोच्च सम्मान सौंपा, एकता नगर का प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट और स्टैंडिंग ओवेशन से गूंज उठा।
कार्तिक आर्यन, ममूटी और यामी गौतम का जलवा
अभिनेताओं की श्रेणी में मुकाबला काफी दिलचस्प रहा, जहां दो अलग-अलग पीढ़ियों और भाषाओं के अभिनेताओं ने बेस्ट एक्टर का पुरस्कार साझा किया:
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (Best Actor): बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में उनके भावुक और जीवंत अभिनय के लिए तथा मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी को फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया।
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (Best Actress): यामी गौतम को फिल्म ‘आर्टिकल 370’ में उनके सशक्त और प्रभावशाली अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
प्रमुख विजेताओं की सूची
- सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: आर्टिकल 370
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: राजकुमार पेरियासामी (अमरन)
- सर्वश्रेष्ठ डेब्यू निर्देशक: रणदीप हुड्डा (स्वातंत्र्य वीर सावरकर)
- सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म: कल्कि 2898 AD
- सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म: श्रीकांत
- सर्वश्रेष्ठ गीतकार: मनोज मुंतशिर (मैदान के गाने ‘जाने दो’ के लिए)
- सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म निर्देशक: आनंद एल. राय (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: एकता का प्रतीक)
एकता नगर में सितारों का महाकुंभ
समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान और वंदे मातरम के साथ हुई। रेड कार्पेट पर दक्षिण भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड के सितारों का अनूठा मेल देखने को मिला। तमिल अभिनेता और निर्देशक धनुष (जिन्हें फिल्म ‘रायन’ के लिए बेस्ट तमिल फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला), अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा 2’ की तकनीकी टीम, और निर्देशक आदित्य धर जैसे दिग्गज एक मंच पर नज़र आए।
यह आयोजन न केवल कला और संस्कृति का उत्सव रहा, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि भारतीय सिनेमा किसी एक भाषा या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत की विविधता और एकता का प्रतीक है।
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