7 महीने की गर्भवती भारतीय महिला ने जीती ‘हाइरोक्स’ रेस: सोशल मीडिया पर जीता लाखों लोगों का दिल

महिला सशक्तिकरण, फिटनेस और दृढ़ इच्छाशक्ति की एक अद्भुत और मिसाल कायम करने वाली खबर सामने आई है। अक्सर जहां गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अत्यधिक आराम करने की सलाह दी जाती है, वहीं एक भारतीय मूल की महिला एथलीट ने 7 महीने की गर्भावस्था के बावजूद दुनिया की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली ‘हाइरोक्स’ (HYROX) फिटनेस रेस को सफलतापूर्वक पूरा करके इतिहास रच दिया है।

जापान के चिबा शहर में आयोजित इस रेस को पूरा करने के बाद उनके वर्कआउट और रेस के वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहे हैं। ‘बेबी बंप’ के साथ दुनिया की इस भीषण रेस में हिस्सा लेने और हर कठिन टास्क को हंसते-मुस्कुराते पूरा करने के उनके जज्बे की चारों तरफ सराहना हो रही है।

कौन हैं यह जांबाज एथलीट?

इस प्रेरणादायक उपलब्धि को हासिल करने वाली महिला का नाम जेने (Jenne, जिन्हें इंस्टाग्राम पर @jenneec के नाम से जाना जाता है) है। जेने पेशेवर रूप से फिटनेस इंडस्ट्री से जुड़ी हुई हैं और ‘हाइरोक्स वर्ल्ड’ (HYROX World) में चीन क्षेत्र की रीजनल रेस डायरेक्टर (Regional Race Director) के रूप में काम करती हैं।

लंबे समय तक रेसिंग सर्किट से दूर रहने और गर्भावस्था के पड़ाव में होने के बावजूद, उन्होंने फिटनेस के प्रति अपने जुनून को कम नहीं होने दिया। उन्होंने जापान में आयोजित हाइरोक्स रेस की ‘मिक्स डबल्स’ श्रेणी में अपने पार्टनर के साथ भाग लिया और सफलतापूर्वक फिनिश लाइन को पार किया।

क्या है ‘हाइरोक्स’ (HYROX) रेस और यह क्यों है इतनी कठिन?

साधारण शब्दों में कहें तो हाइरोक्स (HYROX) दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ ‘फंक्शनल फिटनेस’ स्पोर्ट्स है। इसमें एथलीटों की सहनशक्ति (Endurance) और शारीरिक ताकत (Functional Strength) की अंतिम सीमा तक परीक्षा ली जाती है। इस रेस के फॉर्मेट में प्रतिभागी को 1-1 किलोमीटर की कुल 8 लैप्स (यानी 8 किमी दौड़) लगानी होती हैं और हर 1 किलोमीटर के बाद एक बेहद कठिन वर्कआउट स्टेशन को पार करना होता है।

इन वर्कआउट स्टेशंस में शामिल हैं:

  • सैंडबैग लंग्स (Sandbag Lunges): भारी रेत की बोरी को कंधों पर उठाकर चलना।
  • स्लेज पुश और पुल (Sled Push/Pull): भारी लोहे की स्लेज को आगे धकेलना और खींचना।
  • बर्पी ब्रॉड जंप्स (Burpee Broad Jumps): बर्पी करते हुए लंबी छलांग लगाना।
  • फार्मर्स कैरी (Farmer’s Carry): दोनों हाथों में भारी वजन उठाकर दौड़ना/चलना।
  • वॉल बॉल्स (Wall Balls) एवं रोइंग (Rowing): भारी मेडिकल बॉल से दीवार को हिट करना और रोइंग मशीन पर पैडल मारना।

किसी आम इंसान या एथलीट के लिए भी इस वर्कआउट को पूरा करना पसीने छुड़ा देने वाला काम होता है। ऐसे में गर्भावस्था के सातवें महीने में भारी शरीर और शारीरिक बदलावों के साथ इसे पूरा करना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।

7 महीने की गर्भवती भारतीय महिला ने जीती 'हाइरोक्स

“खुद को नया रूप स्वीकार करना पड़ा”: जेने ने साझा किया अपना अनुभव

रेस पूरी करने के बाद जेने ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक और प्रेरणादायक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि एक साल से भी अधिक समय तक रेसिंग से दूर रहने के बाद इस रेस में उतरना उनके लिए आसान नहीं था।

“मेरे दिमाग में कई तरह की शंकाएं और सवाल घूम रहे थे। मेरी ट्रेनिंग की तीव्रता अब वैसी बिल्कुल नहीं थी जैसी पहले हुआ करती थी। लेकिन मैं इस चुनौती के हर एक पल का आनंद लेने के लिए पूरी तरह से संकल्पित थी।”

उन्होंने आगे लिखा कि गर्भावस्था के इस दौर में उन्होंने अपने पुराने एथलीट रूप को भूलकर खुद के ‘नए संस्करण’ को स्वीकार किया। उन्होंने रिकॉर्ड समय या मेडल जीतने के बजाय केवल हर एक स्टेशन को सुरक्षित तरीके से पार करने का लक्ष्य रखा। जेने ने अपने रेस पार्टनर फ्रैंकोइस (Francois) और वहां मौजूद दर्शकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके पार्टनर के बिना यह संभव नहीं था, जिन्होंने उनके कमजोर पड़ने पर उनका साथ दिया।

इंटरनेट पर मिला जबरदस्त प्यार और सराहना

जैसे ही जेने के रेस में सैंडबैग उठाकर लंग्स करने और स्लेज धकेलने के वीडियो वायरल हुए, सोशल मीडिया यूजर्स ने उन पर प्यार और सम्मान की बौछार कर दी। इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लाखों लोगों ने उनके वीडियो को देखा।

एक गर्भवती महिला यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “इस वीडियो को देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैं खुद 7 महीने की गर्भवती हूं और जानती हूं कि सुबह बिस्तर से उठकर जिम जाना ही कितना मुश्किल होता है। आप सचमुच एक सुपरवुमन हैं!”

वहीं एक अन्य भारतीय यूजर ने टिप्पणी की, “यह असली ‘नारी शक्ति’ का प्रतीक है! भारत जैसे देश में, जहां गर्भावस्था के दौरान झुकने तक को मना कर दिया जाता है और मिथक हावी रहते हैं, वहां यह कहानी एक नई सोच की तरह है।”

गर्भावस्था और हैवी एक्सरसाइज: विशेषज्ञों का क्या कहना है?

जेने की इस उपलब्धि ने एक बार फिर इस बहस को जन्म दिया है कि क्या गर्भावस्था के दौरान इस तरह की भारी वर्कआउट सुरक्षित है?

स्वास्थ्य और फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार:

  1. पेशेवर अनुभव होना जरूरी: जेने सालों से इस खेल से जुड़ी हुई हैं और उनका शरीर पहले से ही भारी वर्कआउट का आदी था। किसी भी आम महिला को गर्भावस्था के दौरान बिना पूर्व अनुभव और डॉक्टर की सलाह के ऐसा नया या भारी वर्कआउट शुरू नहीं करना चाहिए।
  2. मेडिकल अनुमति और कस्टमाइजेशन: हाइरोक्स जैसे खेल भी गर्भवती एथलीटों को अपने अनुसार वजन और रेप्स कम (Modify) करने की अनुमति देते हैं। जेने ने भी डॉक्टर की हरी झंडी और नियमित जांच के बाद ही अपनी सीमाओं में रहकर इस रेस को पूरा किया।

रूढ़िवादी सोच पर करारा प्रहार

जेने की यह यात्रा केवल फिटनेस या खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गर्भावस्था को लेकर समाज की उस पारंपरिक सोच को भी चुनौती देती है जो महिलाओं को कमजोर या केवल एक सीमा में बांधकर देखती है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही डॉक्टरी मार्गदर्शन, इच्छाशक्ति और सही ट्रेनिंग मिले, तो एक महिला किसी भी स्थिति में अपनी पहचान और सपनों को आगे बढ़ा सकती है।

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