जनसमाज संवाददाता,हैदराबाद। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में कार्यस्थल के माहौल, कर्मचारी अधिकारों और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हैदराबाद स्थित टेक महिंद्रा के डुंडीगल (मेचल) परिसर के बाहर एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर भावना द्वारा दिए गए धरने ने पूरे कॉर्पोरेट जगत का ध्यान आकर्षित किया है। पीड़ित महिला कर्मचारी का आरोप है कि अपनी 11 साल की बीमार बेटी की देखभाल के लिए महज 3 दिन की छुट्टी मांगने और पहले ली गई मेडिकल लीव के कारण उन्हें बिना किसी उचित प्रक्रिया या स्पष्टीकरण का मौका दिए नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
छुट्टी का अनुरोध और बर्खास्तगी का घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भावना पिछले लगभग चार-साढ़े चार महीनों से टेक महिंद्रा के हैदराबाद परिसर में कार्यरत थीं। हाल ही में उनकी 11 वर्ष की बेटी अचानक बीमार पड़ गई, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने पर्यवेक्षकों को दी और 3 दिनों के अवकाश का अनुरोध किया। भावना का कहना है कि उन्हें सिस्टम में लॉगिन करने और रीजनल मैनेजर से मंजूरी का इंतजार करने को कहा गया था, लेकिन घर से बेटी के बार-बार फोन आने और उसकी हालत बिगड़ने के कारण उन्हें तुरंत घर जाना पड़ा। उन्होंने कंपनी को यह आश्वासन भी दिया था कि वह छूटे हुए काम की भरपाई बाद में अतिरिक्त घंटे काम करके कर देंगी, लेकिन इसके बावजूद कंपनी द्वारा लगातार ई-मेल भेजकर उन्हें कार्य पर लौटने का निर्देश दिया गया और 21 जुलाई तक रिपोर्ट न करने पर उनकी सेवाएं अचानक समाप्त कर दी गईं।
महिला कर्मचारी के आरोप और कार्यस्थल की स्थिति
धरने पर बैठी भावना ने आरोप लगाया है कि उन्हें बिना किसी नोटिस अवधि या अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बर्खास्त किया गया। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि नौकरी के शुरुआती ट्रेनिंग पीरियड के दौरान कार्यालय में ही तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, और जब जून में उन्होंने 13-14 दिनों की मेडिकल लीव ली, तब भी कंपनी ने चेतावनी पत्र जारी कर नौकरी से निकालने की धमकी दी थी। पीड़ित कर्मचारी ने कंपनी प्रबंधन पर कड़े नियमों और संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि वाशरूम जाने जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती थी और उनके पति द्वारा दी गई पारिवारिक स्थिति की जानकारी के बावजूद प्रबंधन का रवैया पूरी तरह असहानुभूतिपूर्ण रहा।
पुलिस कार्रवाई और कंपनी का पक्ष
इस मामले के तूल पकड़ने पर भावना ने स्थानीय डुंडीगल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू करते हुए टेक महिंद्रा से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ताकि श्रम नियमों के उल्लंघन की जांच की जा सके। विवाद बढ़ने पर टेक महिंद्रा के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि वे संबंधित कर्मचारी के संपर्क में हैं, मामले की प्राथमिकता से समीक्षा की जा रही है और कंपनी अपने कर्मचारियों की भलाई और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।
निष्कर्ष और आईटी सेक्टर के सामने चुनौतियाँ
यह घटना केवल एक व्यक्तिगत विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आईटी उद्योग में काम के दबाव, अनुचित निगरानी और महिलाओं के अनुकूल माहौल की कमी जैसे मुद्दों पर एक नई बहस को जन्म देती है। पेशेवर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और संवेदनशीलता सुनिश्चित करना वर्तमान समय में कॉर्पोरेट जगत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
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