ओरमैक्स रैंकिंग: प्रभास बने देश के नंबर 1 स्टार

ओरमैक्स मीडिया की नवीनतम ‘स्टार्स इंडिया लव्स’ रिपोर्ट में पैन-इंडिया सुपरस्टार प्रभास ने एक बार फिर बाजी मारते हुए देश के सबसे लोकप्रिय मेल फिल्म स्टार का पहला स्थान हासिल किया है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मिली सफलता के तुरंत बाद आई इस नई उपलब्धि ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और असरदार कलाकारों में प्रभास का नाम आज सबसे शीर्ष पर है। देश भर के फिल्म प्रेमियों के बीच कराए गए व्यापक सर्वेक्षण और लोकप्रियता के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई इस रैंकिंग में प्रभास ने एक बार फिर साबित कर दिखाया है कि उनकी फैन फॉलोइंग किसी एक भाषा, राज्य या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा भारत उन्हें एक समान प्यार और सम्मान देता है।

भारतीय फिल्म उद्योग में जब भी किसी कलाकार की लोकप्रियता और जनसमर्थन का आकलन किया जाता है, तो ओरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट को बेहद प्रामाणिक माना जाता है। इस बार की सूची में प्रभास ने बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के कई दिग्गज अभिनेताओं को पीछे छोड़कर शीर्ष मुकाम हासिल किया है। इस रेस में उन्होंने शाहरुख खान, थलापति विजय, अलू अर्जुन और जूनियर एनटीआर जैसे देश के स्थापित सितारों को पछाड़ते हुए पहला स्थान कब्जाया है। यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि राष्ट्रीय पुरस्कारों के मंच पर मिली आधिकारिक सराहना के ठीक बाद जनता के बीच हुई इस वोटिंग और सर्वे ने प्रभास के स्टारडम पर जन-स्वीकृति की सबसे मजबूत मुहर लगा दी है।

प्रभास

प्रभास के इस असाधारण करियर ग्राफ की नींव एसएस राजामौली की ऐतिहासिक फिल्म ‘बाहुबली: द बिगनिंग’ और ‘बाहुबली 2: द कंक्लूजन’ से पड़ी थी। बाहुबली फ्रेंचाइजी ने न केवल भारतीय सिनेमा की सीमाओं को नया विस्तार दिया, बल्कि देश में ‘पैन-इंडिया स्टार’ की नई परिभाषा भी गढ़ी। उस समय प्रभास द्वारा अपने करियर के पांच सबसे महत्वपूर्ण वर्ष एक ही प्रोजेक्ट को समर्पित करने के साहसिक फैसले ने उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाया था। अमरेंद्र बाहुबली और महेंद्र बाहुबली के रूप में उनके अभिनय ने हर वर्ग और हर भाषा के दर्शकों के दिलों में जगह बनाई, जिसकी बदौलत आज भी वे देश के सबसे बैंकेबल और बड़े कलाकारों में गिने जाते हैं।

बाहुबली के बाद प्रभास के करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उनके स्टारडम और बॉक्स ऑफिस पर उनकी ओपनिंग क्षमता में कोई कमी नहीं आई। हाल ही में रिलीज हुई उनकी विशाल बजट वाली एक्शन फिल्मों ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए रिकॉर्ड स्थापित किए। प्रशांत नील के निर्देशन में बनी ‘सालार: पार्ट 1 – सीजफायर’ में उनके खूंखार और आक्रामक अवतार को दर्शकों ने खूब सराहा और फिल्म ने दुनिया भर में 600 करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक कमाई की। इसके बाद नाग अश्विन द्वारा निर्देशित साइंस-फिक्शन और पौराणिक गाथा ‘कल्कि 2898 ई.’ में प्रभास के ‘भैरवा’ वाले किरदार ने वैश्विक स्तर पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

हिंदी बेल्ट से लेकर दक्षिण भारतीय राज्यों तक, प्रभास का दबदबा हर बीतते दिन के साथ और गहरा होता जा रहा है। आमतौर पर देखा जाता है कि दक्षिण भारतीय सितारों को उत्तर भारत के हिंदी भाषी दर्शकों के बीच पूरी तरह स्वीकार्य होने में लंबा समय लगता है, लेकिन प्रभास ने इस भाषाई दीवार को बेहद सहजता से तोड़ दिया। उत्तर भारत के सिंगल स्क्रीन थिएटर्स से लेकर मल्टीप्लेक्स तक उनकी फिल्मों के पहले दिन का कलेक्शन इस बात की गवाही देता है कि हिंदी दर्शक उन्हें अपने किसी बड़े बॉलीवुड स्टार जितना ही पसंद करते हैं। यही वजह है कि ट्रेड एनालिस्ट और फिल्म निर्माता आज बड़े बजट के प्रोजेक्ट्स के लिए प्रभास को सबसे भरोसेमंद चेहरा मानते हैं।

पर्दे पर विशालकाय एक्शन और शक्तिशाली किरदार निभाने वाले प्रभास असल जिंदगी में अपने बेहद शर्मीले, शांत और विनम्र व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। फिल्म जगत में और उनके प्रशंसकों के बीच वे प्यार से ‘डार्लिंग’ के नाम से पुकारे जाते हैं। उनके साथ काम करने वाले सह-कलाकार, निर्देशक और क्रू मेंबर्स अक्सर सेट पर उनके आतिथ्य और लोगों की देखभाल करने के मानवीय स्वभाव की तारीफ करते हैं। किसी भी तरह के बड़े विवादों से दूर रहना, केवल अपने काम और फिल्मों पर ध्यान देना तथा जमीन से जुड़े रहना उन्हें अन्य समकालीन सितारों से अलग बनाता है। यही मानवीय गुण दर्शकों को उनसे भावनात्मक रूप से जोड़ता है।

प्रभास की इस निरंतर सफलता का सिलसिला आने वाले वर्षों में भी थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि उनके पास एक से बढ़कर एक महत्वाकांक्षी फिल्में पाइपलाइन में हैं। निर्देशक मारुति की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘द राजा साब’, संदीप रेड्डी वांगा के साथ बहुचर्चित पुलिस-एक्शन ड्रामा ‘स्पिरिट’, हनु राघवपुडी की पीरियड ड्रामा ‘फौजी’, और सुपरहिट फिल्मों के सीक्वल ‘सालार 2’ व ‘कल्कि 2898 ई. पार्ट 2’ जैसी भव्य परियोजनाएं उनके आगामी कैलेंडर का हिस्सा हैं। इन सभी बड़ी फिल्मों को लेकर देश भर के दर्शकों में पहले से ही जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर, ओरमैक्स मीडिया की रैंकिंग में फिर से नंबर 1 का ताज पहनना प्रभास के उस लंबे संघर्ष, समर्पण और दूरदृष्टि का परिणाम है, जिसने उन्हें भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे सफल और प्रिय अभिनेताओं में से एक बना दिया है। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होना और फिर देश का सबसे पसंदीदा स्टार बनना यह दर्शाता है कि प्रभास न केवल आलोचकों और जूरी की नजरों में खरे उतरे हैं, बल्कि करोड़ों दर्शकों के दिलों में भी उनका राज कायम है। भारतीय सिनेमा के वैश्विक विस्तार में प्रभास का यह सुनहरा दौर एक नए मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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  • Rashika Sharma

    राशिका शर्मा एक उभरती हुई युवा पत्रकार एवं कंटेंट राइटर हैं, जो समाज, शिक्षा, डिजिटल मीडिया, लाइफस्टाइल और समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली एवं तथ्यात्मक लेखन के लिए जानी जाती हैं। उन्हें समाचार लेखन के माध्यम से लोगों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुँचाने में विशेष रुचि है।

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