मेरठ में थप्पड़ का बदला: महिला ने गुस्से में आकर मंदिर की मूर्तियां और शिवलिंग उखाड़कर फेंका, मामला दर्ज

मेरठ (उत्तर प्रदेश): धार्मिक नगरी और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले मेरठ जिले से एक हैरान कर देने वाला और आस्था को ठेस पहुंचाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने आपसी विवाद और कहासुनी के बाद मिले थप्पड़ का बदला लेने के लिए गांव के ही एक प्राचीन मंदिर को अपना निशाना बना डाला। महिला का गुस्सा इस कदर सातवें आसमान पर पहुंच गया कि उसने मंदिर के भीतर स्थापित शिवलिंग और कई देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को उखाड़कर बाहर फेंक दिया। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल है। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

घटना मेरठ जिले के एक ग्रामीण इलाके की है, जहां एक स्थानीय मंदिर ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ था। पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक मामूली पारिवारिक व पड़ोस के आपसी मतभेद से हुई थी।

घटना वाले दिन आरोपी महिला का गांव के ही कुछ लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। यह बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर दूसरी तरफ के व्यक्ति ने महिला को थप्पड़ मार दिया। भरे समाज और पड़ोसियों के सामने थप्पड़ खाकर महिला बेहद आहत और उग्र हो गई। उसके भीतर बदले की भावना इस कदर हावी हो गई कि उसने अपना मानसिक संतुलन खो दिया और इसका गुस्सा गांव के मंदिर पर निकाल दिया।

मंदिर परिसर में मचाया उत्पात

थप्पड़ की घटना से बौखलाई महिला सीधे गांव के मंदिर परिसर में पहुंची। उस समय मंदिर में कोई पुजारी या अन्य श्रद्धालु मौजूद नहीं था, जिसका फायदा उठाकर महिला ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया। गुस्से में अंधी हो चुकी महिला ने मंदिर में स्थापित पवित्र शिवलिंग को उखाड़ने का प्रयास किया और जोर-जबरदस्ती करके उसे स्थान से हटा दिया।

इतना ही नहीं, उसने मंदिर की दीवारों और वेदियों पर स्थापित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को भी नुकसान पहुंचाया और उन्हें उखाड़कर मंदिर परिसर से बाहर फेंक दिया। मूर्तियों के टूटने और परिसर में मलबे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की तरफ दौड़े, लेकिन तब तक महिला घटना को अंजाम देकर वहां से निकल चुकी थी।

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश

जैसे ही मंदिर में पवित्र प्रतिमाओं और शिवलिंग को पहुंचाए गए नुकसान की खबर गांव में फैली, देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मंदिर परिसर के बाहर जमा हो गई। श्रद्धालुओं की आस्था पर हुए इस आघात के कारण लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव के माहौल में तनाव पैदा हो गया और लोग आरोपी महिला की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे।

ग्रामीणों का कहना था कि आपसी लड़ाई या किसी व्यक्तिगत रंजिश का बदला लेने के लिए भगवान और मंदिर को निशाना बनाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव के संभ्रांत लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने को दी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और केस दर्ज

मंदिर में तोड़फोड़ और तनाव की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और उग्र ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस ने आश्वस्त किया कि किसी भी सूरत में आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने ग्रामीणों की तहरीर के आधार पर आरोपी महिला के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने, सार्वजनिक व धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने तथा माहौल बिगाड़ने की संबंधित संगीन धाराओं में मामला दर्ज (FIR) कर लिया है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह बात साफ हुई है कि महिला का किसी व्यक्ति से विवाद हुआ था, जिसमें उसे थप्पड़ मारा गया था। इसी बात के आक्रोश और बदले की सनक में उसने मंदिर में जाकर मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

मंदिर में पुनः प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारी

घटना के बाद गांव के बुजुर्गों और मंदिर समिति ने मिलकर निर्णय लिया है कि शास्त्रोक्त विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ मंदिर की शुद्धि कराई जाएगी। क्षतिग्रस्त मूर्तियों और शिवलिंग को ससम्मान पुनर्स्थापित या नई प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा करने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी, ताकि गांव का माहौल दोबारा शांत और भक्तिमय हो सके।

फिलहाल गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

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  • Rahul Kaushik

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