मेजर ऋषभ सिंह समब्याल की इंस्टाग्राम कमाई और सब्सक्रिप्शन विवाद: जानिए पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एडीसी (Aide-de-Camp) और भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी मेजर ऋषभ सिंह समब्याल (सेवानिवृत्त) एक बार फिर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में हैं। अपनी अनुशासित जीवनशैली, फिटनेस और 12 वर्षों की सैन्य सेवा के कारण इंटरनेट पर ‘नेशनल क्रश’ के रूप में पहचान बनाने वाले मेजर ऋषभ ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर पेड सब्सक्रिप्शन (Paid Subscription) मॉडल शुरू किया है। इस फीचर के माध्यम से वह अपने फॉलोअर्स को एक्सक्लूसिव कंटेंट, पर्सनल गाइडेंस और विशेष इंटरएक्टिव सेशंस की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।

हालांकि, इस मुद्रीकरण (Monetization) के फैसले के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। एक तरफ जहाँ लोग उनकी संभावित डिजिटल कमाई और इस नए व्यावसायिक मॉडल के गणित पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सेना के एक पूर्व अधिकारी द्वारा कंटेंट के पैसे लेने पर तीखी बहस छिड़ गई है।

इंस्टाग्राम सब्सक्रिप्शन से कितनी होगी मेजर ऋषभ की कमाई?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर मेजर ऋषभ के सब्सक्रिप्शन प्लान की कीमत ऑपरेटिंग सिस्टम के आधार पर अलग-अलग तय की गई है। Android यूज़र्स के लिए यह शुल्क ₹180 प्रति माह है, जबकि iPhone (iOS) यूज़र्स के लिए यह ₹199 प्रति माह रखा गया है।

हालिया आंकड़ों के अनुसार, उनके पेड सब्सक्रिप्शन की संख्या लगभग 1,569 सब्सक्राइबर को पार कर चुकी है। इस आधार पर उनकी मासिक और वार्षिक कमाई का अनुमान इस प्रकार लगाया जा सकता है:

1. मासिक राजस्व का अनुमान

  • Android दर पर: यदि सभी सब्सक्राइबर Android दर (₹180) पर भुगतान करते हैं, तो कुल मासिक संग्रह लगभग ₹2,82,420 होता है।
  • iOS दर पर: यदि सभी सब्सक्राइबर iPhone दर (₹199) पर भुगतान करते हैं, तो कुल मासिक संग्रह लगभग ₹3,12,231 तक पहुंचता है।
  • औसत आय: इस प्रकार, उनका अनुमानित मासिक राजस्व ₹2.82 लाख से ₹3.12 लाख के बीच बनता है।

2. वार्षिक राजस्व का अनुमान

  • यदि यह सब्सक्राइबर संख्या स्थिर रहती है या बढ़ती है, तो Android दरों के हिसाब से वह सालाना लगभग ₹33.8 लाख से ₹34 लाख कमा सकते हैं।
  • iPhone दरों के हिसाब से उनकी सालाना कमाई का आंकड़ा लगभग ₹37.5 लाख तक जा सकता है।

(ध्यान दें: यह आंकड़े केवल gross subscription value के आधार पर तैयार अनुमान हैं, जिसमें प्लेटफॉर्म फीस, टैक्स और अन्य कटौतियों को शामिल नहीं किया गया है)।

पेड सब्सक्रिप्शन में सब्सक्राइबर्स को क्या मिल रहा है?

मेजर ऋषभ अपने एक्सक्लूसिव मेंबर्स को सामान्य फॉलोअर्स से अलग विशेष अनुभव और सेवाएं दे रहे हैं। उनके इस प्रीमियम प्लान में निम्नलिखित लाभ शामिल हैं:

  • सब्सक्राइबर बैज (Subscriber Badge): प्रोफाइल और कमेंट सेक्शन में मेंबर्स के नाम के आगे एक विशेष बैज दिखाई देता है।
  • एक्सक्लूसिव स्टोरीज़ और रील्स: केवल पैसे देने वाले यूज़र्स के लिए विशेष रूप से तैयार की गई स्टोरीज़ और वीडियो (Reels)।
  • ‘Ask Me Anything’ (AMA) सेशंस: सीधे सवाल-जवाब करने का अवसर, जिसमें वह युवाओं और सेना में जाने के इच्छुक उम्मीदवारों के सवालों के जवाब देते हैं।
  • कोचिंग और गाइडेंस: शारीरिक फिटनेस, लीडरशिप, अनुशासन और मिलिट्री जीवन से जुड़ी रणनीतिक जानकारी।
  • अग्रिम पहुंच (Early Access): किसी भी सार्वजनिक घोषणा या कंटेंट का सब्सक्राइबर को सबसे पहले एक्सेस।

सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ा है विवाद?

मेजर ऋषभ सिंह समब्याल की इस पहल ने इंटरनेट पर एक बड़ा नैतिक और व्यावसायिक विवाद खड़ा कर दिया है।

आलोचकों के तर्क

सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स और प्रभावशाली हस्तियों ने इस कदम पर आपत्ति जताई है। आलोचकों का मानना है कि:

  1. मेजर ऋषभ को जो प्रसिद्धि और फॉलोअर्स मिले हैं, वह उनकी भारतीय सेना में सेवा और राष्ट्रपति भवन में एडीसी रहने की वजह से मिले हैं।
  2. सेना के गरिमामय पद से रिटायर होने के बाद अपनी पुरानी लोकप्रियता को इस तरह मुद्रीकृत करना कुछ लोगों को भारतीय सेना के मूल्यों के अनुकूल नहीं लग रहा है।
  3. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे “सेना के गौरव का अवमूल्यन” तक कह दिया।

समब्याल का जवाब और समर्थकों का पक्ष

ऑनलाइन हो रही आलोचनाओं का मेजर ऋषभ ने बेहद संयमित और करारा जवाब दिया। जब एक यूज़र ने इसे ‘सेना के पद का डाउनग्रेड’ बताया, तो उन्होंने लिखा:

“कुछ लोग इसे डाउनग्रेड के रूप में देखते हैं। एक सैनिक इसे सेवा करने का दूसरा तरीका देखता है।”

वहीं, उनके समर्थकों का तर्क है कि वह सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Retirement) ले चुके हैं और अब एक आम नागरिक हैं। सेवानिवृत्ति के बाद हर नागरिक को अपनी आजीविका कमाने और दूसरा करियर बनाने का पूरा संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। यदि वह अपनी क्षमता, ज्ञान और फिटनेस अनुभव के आधार पर देश के युवाओं को कोच कर रहे हैं, तो बहुत ही मामूली शुल्क में सही मार्गदर्शन देना पूरी तरह से न्यायसंगत है।

कौन हैं मेजर ऋषभ सिंह समब्याल?

जाट रेजीमेंट से अपना सैन्य करियर शुरू करने वाले मेजर ऋषभ सिंह समब्याल ने लगभग 12 वर्षों तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2021 में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान उन्होंने जाट रेजीमेंट के दस्ते का नेतृत्व किया था, जिसे सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ते की ट्रॉफी मिली थी।

मार्च 2023 में उन्हें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एडीसी (Aide-de-Camp) नियुक्त किया गया। राष्ट्रपति भवन में उनके कार्यकाल के दौरान उनकी तस्वीरों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रियता बटोरी। इसके बाद उन्होंने पारिवारिक प्रतिबद्धताओं के कारण सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। वर्तमान में वह एक कंटेंट क्रिएटर, मोटिवेशनल स्पीकर और फिटनेस गाइड के रूप में सक्रिय हैं।

डिजिटल युग में रक्षा कर्मियों का सेवानिवृत्ति के बाद पब्लिक लाइफ में आना और क्रिएटर इकॉनमी (Creator Economy) का हिस्सा बनना एक नया चलन है, जिस पर समाज और सोशल मीडिया का नज़रिया धीरे-धीरे बदल रहा है।

यह भी पढ़ें: अहाना कृष्णा और निमिश रवि की शादी: 10 साल पुरानी दोस्ती प्यार में बदली

Author

  • Rahul Kaushik

    Senior Editor

    राहुल कौशिक एक युवा पत्रकार एवं मीडिया लेखक हैं, जो समसामयिक घटनाओं, तकनीक, शिक्षा, ऑटोमोबाइल, डिजिटल ट्रेंड्स और जनहित से जुड़े विषयों पर निष्पक्ष एवं प्रभावशाली लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें समाचार जगत में तेजी से बदलते विषयों को सरल और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुँचाने में विशेष रुचि है।

    पत्रकारिता के क्षेत्र में राहुल कौशिक की लेखन शैली तथ्यात्मक, सहज और पाठकों को जानकारी के साथ जागरूक करने वाली मानी जाती है। वे विशेष रूप से युवा वर्ग, डिजिटल इंडिया, नई तकनीकों और सामाजिक मुद्दों से संबंधित विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य करते हैं।

    राहुल कौशिक का उद्देश्य विश्वसनीय, उपयोगी और सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक सही जानकारी पहुँचाना तथा समाज में जागरूकता को बढ़ावा देना है।

Leave a Comment