प्रतिभा रांटा का बड़ा खुलासा: ‘द रेवोल्यूशनरीज’ में दिखेगा ‘हैरी पॉटर’ का रोमांच

मनोरंजन जगत में इन दिनों कई नई और दिलचस्प कहानियों की बयार बह रही है। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के विस्तार ने भारतीय दर्शकों को अलग-अलग जॉनर और नए प्रयोगों से रूबरू कराया है। इसी कड़ी में नई वेब सीरीज ‘द रेवोल्यूशनरीज’ (The Revolutionaries) लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों और युवा क्रांतिकारियों के संघर्षों पर आधारित इस सीरीज को लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता है। लेकिन हाल ही में सीरीज की मुख्य अभिनेत्रियों में से एक, प्रतिभा रांटा (Pratibha Ranta) ने इस शो को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है जिसने फैंस और सिनेमा प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। प्रतिभा रांटा का कहना है कि स्वतंत्रता संग्राम की इस गंभीर और प्रेरणादायक कहानी में दर्शकों को थोड़ा ‘हैरी पॉटर’ (Harry Potter) वाला अहसास और जादू भी महसूस होगा।

प्रतिभा रांटा, जिन्हें दर्शकों ने फिल्म ‘लापता लेडीज’ और वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ जैसी चर्चित रचनाओं में उनकी शानदार अदाकारी के लिए खूब सराहा है, अब ‘द रेवोल्यूशनरीज’ में एक बेहद महत्वपूर्ण और दमदार किरदार निभाती नजर आएंगी। हाल ही में दिए गए एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान उन्होंने शो के टोन, इसके मेकिंग स्टाइल और इसके ट्रीटमेंट पर खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि इतिहास पर आधारित अन्य सीरियल्स या फिल्मों से यह सीरीज किस तरह अलग है, तो उन्होंने मुस्कराते हुए इस तुलना का जिक्र किया। प्रतिभा ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार इस शो की स्क्रिप्ट पढ़ी और इसके विजुअल ट्रीटमेंट को समझा, तो उन्हें कहीं न कहीं दुनिया भर में मशहूर ‘हैरी पॉटर’ फ्रेंचाइजी का वाइब मिला।

प्रतिभा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और मीडिया हलकों में बहस छिड़ गई कि एक ऐतिहासिक और देशभक्ति से भरे शो का ‘हैरी पॉटर’ जैसी काल्पनिक जादूई दुनिया से क्या कनेक्शन हो सकता है? प्रतिभा रांटा ने इस कनेक्शन को बहुत ही खूबसूरती से समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘हैरी पॉटर वाली फीलिंग’ का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि शो में कोई असली जादू, जादू की छड़ी या काल्पनिक जीव दिखाए जाएंगे। ‘द रेवोल्यूशनरीज’ पूरी तरह से वास्तविक ऐतिहासिक घटनाओं और भारत की आजादी के लिए लड़ रहे युवा नायकों के जीवन पर आधारित एक प्रामाणिक कहानी है।

प्रतिभा के अनुसार, यह तुलना शो के माहौल, दोस्ती, आपसी जुड़ाव और एक महान लक्ष्य के लिए एक साथ आने के जज्बे से जुड़ी है। ‘हैरी पॉटर’ में जिस तरह हॉगवर्ट्स के युवा छात्र मिलकर अंधेरे और बुराई के खिलाफ खड़े होते हैं, ठीक उसी तरह ‘द रेवोल्यूशनरीज’ में भारत के कम उम्र के युवा क्रांतिकारी एक बेहद शक्तिशाली और क्रूर साम्राज्य (ब्रिटिश हुकूमत) के खिलाफ एकजुट होते हैं। जिस तरह हैरी, हर्माइनी और रोन का आपस में एक अटूट रिश्ता होता है और वे छिपकर अपने मिशन की योजना बनाते हैं, ठीक वैसा ही भाईचारा, गुप्त बैठकें, कोड वर्ड्स और एक-दूसरे के लिए जान देने का जज्बा इन भारतीय क्रांतिकारियों के बीच भी देखने को मिलता है।

शो के विजुअल ट्रीटमेंट और सिनेमाटोग्राफी में भी यह छाप साफ झलकती है। प्रतिभा ने बताया कि सीरीज का बैकग्राउंड, इसकी डार्क-टोन लाइटिग, सीक्रेट बेसमेंट्स में होने वाली बैठकें, पुरानी किताबें, पम्पलेट्स छापने की गुप्त मशीनें और रात के अंधेरे में चलाए जाने वाले अभियान दर्शकों को एक अलग ही रोमांचक दुनिया में ले जाते हैं। यह माहौल इतना रहस्यमयी और जादुई लगता है कि देखने वाले को अचानक वह पुरानी नॉस्टैल्जिक और एडवेंचरस फीलिंग आने लगती है, जो अक्सर ‘हैरी पॉटर’ जैसी फिल्मों को देखते समय महसूस होती है।

‘द रेवोल्यूशनरीज’ की कहानी मुख्य रूप से 1920 और 1930 के दशक के उन निडर युवाओं के आसपास घूमती है, जिन्होंने अपनी जवानी, करियर और जीवन का सुख-चैन सब कुछ देश की आजादी की बलिवेदी पर कुर्बान कर दिया। भगत सिंह, चंद्र शेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान, सचिंद्र नाथ सान्याल और भगवती चरण वोहरा जैसे महान नायकों के आदर्शों और एचएसआरए (हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन) के निर्माण की गाथा इस सीरीज का केंद्र बिंदु है। प्रतिभा रांटा ने बताया कि इतिहास की किताबों में अक्सर इन नायकों को केवल योद्धाओं के रूप में दिखाया गया है, लेकिन इस सीरीज में उनके मानवीय पहलू, उनकी हंसी-मजाक, उनकी दोस्ती, उनके डर और उनके सपनों को भी बहुत ही बारीकी से दिखाया गया है।

प्रतिभा ने अपने किरदार के बारे में बात करते हुए कहा कि उस दौर में महिलाओं का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण था जितना कि पुरुषों का। चाहे गुप्त संदेश एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना हो, क्रांतिकारियों को पनाह देनी हो या फिर जरूरत पड़ने पर हथियार थामना हो, महिलाओं ने हर मोर्चे पर अपनी बहादुरी का परिचय दिया। प्रतिभा का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को यह सीरीज बहुत पसंद आएगी क्योंकि यह इतिहास का कोई सूखा या उबाऊ पाठ नहीं है, बल्कि एक बेहद तेज तर्रार, रोमांचक और भावनाओं से भरा ड्रामा है।

इंडस्ट्री के विश्लेषकों का भी मानना है कि प्रतिभा रांटा की यह तुलना दर्शकों का रुझान बढ़ाने में मददगार साबित होगी। आज का दर्शक सिर्फ इतिहास के पन्नों को पर्दे पर देखना नहीं चाहता, बल्कि वह उस दौर के रोमांच, थ्रिल और मानवीय जज्बातों को महसूस करना चाहता है। ‘द रेवोल्यूशनरीज’ में पीरियड ड्रामा की प्रामाणिकता के साथ-साथ आधुनिक मॉडर्न स्टोरीटेलिंग की तकनीकों का संगम देखने को मिलेगा।

प्रतिभा रांटा का यह बयान न केवल इस वेब सीरीज के प्रति उत्सुकता बढ़ाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म्स अब पुरानी रूढ़िवादिता को तोड़कर नए और दिलचस्प तरीकों से इतिहास को पेश करने का प्रयास कर रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम की इस अनकही और रोमांचक दास्तान को देखने के लिए दर्शक अब बेसब्री से इसके रिलीज होने का इंतजार कर रहे हैं।

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  • Rahul Kaushik

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