महान संत बाबा नीम करौली जी के आध्यात्मिक जीवन और दिव्य प्रसंगों पर आधारित हिंदी फीचर फिल्म ‘हनुमान अंश‘ इन दिनों देश-विदेश के सिनेमाघरों में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। बेहद सीमित बजट और बिना किसी विशाल प्रचार तंत्र के रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों का जो अपार स्नेह और समर्थन मिल रहा है, उसने भारतीय सिनेमा जगत के दिग्गजों को भी अचंभित कर दिया है। इसी क्रम में अब बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री प्रीति जिंटा का नाम भी इस फिल्म की प्रशंसकों की सूची में जुड़ गया है।
हाल ही में प्रीति जिंटा ने बड़े पर्दे पर फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी और इससे वे इतनी गहराई से प्रभावित हुईं कि उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए देश और दुनिया भर में फैले अपने प्रशंसकों से इस फिल्म को सिनेमाघरों में देखने की भावुक अपील की है।
प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया पर साझा कीं थिएटर की तस्वीरें
बॉलीवुड की “डिंपल गर्ल” के नाम से मशहूर अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से सिनेमाघर के अंदर की कुछ तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने बड़ी स्क्रीन पर चल रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ के दृश्यों की फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा “सीता राम” और “वाह” (Wow)। फिल्म के प्रति अपने उत्साह को प्रकट करते हुए अभिनेत्री ने अपने फैंस के लिए लिखा, “इसे बिल्कुल भी मिस न करें, दोस्तों! पास के सिनेमाघरों में जाकर इस दिव्य अनुभव का आनंद लें।”
प्रीति जिंटा का यह समर्थन ऐसे समय में आया है जब फिल्म पहले से ही जनता के ‘माउथ पब्लिसिटी’ (जन-प्रचार) के बल पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है। फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीति जिंटा जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले कलाकारों के समर्थन से फिल्म को वैश्विक स्तर पर और अधिक दर्शक मिलेंगे।
क्या है फिल्म ‘हनुमान अंश’ की कहानी?
डॉ. विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित, निर्देशित और निर्मित फिल्म ‘हनुमान अंश’ भक्ति, आस्था और एक बालक के आध्यात्मिक रूपांतरण की एक अद्भुत गाथा है। यह फिल्म 20वीं शताब्दी के महानतम संतों में से एक नीम करौली बाबा (जिन्हें उनके भक्त भगवान हनुमान का स्वरूप मानते हैं) के शुरुआती जीवन प्रसंगों और उनकी साधना यात्रा पर केंद्रित है।
फिल्म की कहानी 13 वर्ष के बालक लक्ष्मी नारायण शर्मा (जिन्हें बाद में दुनिया ने नीम करौली बाबा के रूप में जाना) से शुरू होती है। माता के असामयिक निधन के बाद, ईश्वर और सत्य की खोज में वह घर छोड़ देता है। फिल्म में उनके वैराग्य, घने जंगलों में की गई कठिन साधना, जन-कल्याण के लिए किए गए चमत्कारिक कार्यों और बिना टिकट ट्रेन से उतारे जाने के बाद हुए उस प्रसिद्ध ट्रेन प्रसंग को बहुत ही मार्मिक और यथार्थवादी ढंग से दर्शाया गया है, जिसने अंग्रेजों तक को अचंभित कर दिया था।
अभिनेता शोभिनाव सत्या ने फिल्म में नीम करौली बाबा की मुख्य भूमिका निभाई है। उनकी सहज, शांत और प्रभावपूर्ण अदाकारी ने हर दर्शक का दिल जीत लिया है।
बॉक्स ऑफिस पर ‘माउथ पब्लिसिटी’ का ऐतिहासिक चमत्कार
‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस यात्रा भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अनूठी मिसाल बन चुकी है।
- धीमी शुरुआत: फिल्म 7 अगस्त को बिना किसी बड़े स्टारकास्ट या भारी-भरकम प्रमोशन के सिनेमाघरों में उतारी गई थी। पहले दिन फिल्म ने देशभर में महज ₹10 लाख का कारोबार किया था।
- जन-प्रचार का जादू: जिन दर्शकों ने शुरुआती दिनों में फिल्म देखी, वे इसके आध्यात्मिक अनुभव से इतने अभिभूत हुए कि उन्होंने अपने परिजनों, मित्रों और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू कर दी।
- शानदार उछाल: दूसरे और तीसरे हफ्ते में फिल्म की कमाई में अचानक अप्रत्याशित उछाल आया। फिल्म ने कई बड़े बजट की बॉलीवुड फिल्मों को पछाड़ते हुए अब तक घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ₹130 करोड़ से अधिक की कुल कमाई कर ली है और निरंतर सफलता की ओर अग्रसर है।
बॉलीवुड दिग्गजों का मिल रहा है समर्थन
प्रीति जिंटा से पहले भी फिल्म उद्योग के कई बड़े दिग्गजों ने ‘हनुमान अंश’ की सराहना की है। हाल ही में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक आदित्य धर (फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ और ‘धुरंधर’ के निर्देशक) ने भी निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और उनकी टीम की तारीफ करते हुए कहा था कि ऐसी शुद्ध और उद्देश्यपूर्ण कहानियां ही भारतीय सिनेमा की असली ताकत हैं।
बॉलीवुड पंडितों का मानना है कि आज का भारतीय दर्शक केवल तड़क-भड़क और वीएफएक्स से परिपूर्ण फिल्मों के पीछे नहीं भाग रहा, बल्कि उसे भारतीय संस्कृति, जड़ों और सच्ची अध्यात्मिकता से जुड़ी कहानियों की तलाश है। ‘हनुमान अंश’ की अपार सफलता इसी बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण है।
सीक्वल ‘हनुमान अंश 2’ की आधिकारिक घोषणा
फिल्म को मिल रहे इस अभूतपूर्व प्यार को देखते हुए निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने इसके दूसरे भाग ‘हनुमान अंश 2’ की घोषणा भी कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रेंचाइजी का दूसरा भाग बाबा नीम करौली जी के जीवन के उत्तरार्ध, उनके फिरोजाबाद (जन्मस्थान), आगरा, मथुरा और कैंची धाम आश्रम की स्थापना और उनके विश्व प्रसिद्ध भक्तों के अनुभवों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालेगा।
यदि आप भी भारतीय संस्कृति, आस्था और भक्ति रस से परिपूर्ण एक वास्तविक व प्रेरक कहानी को बड़े पर्दे पर महसूस करना चाहते हैं, तो प्रीति जिंटा की सलाह को मानते हुए अपने नजदीकी सिनेमाघर में जाकर ‘हनुमान अंश’ का अनुभव अवश्य करें। यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा को शांति और प्रेरणा देने वाला एक दिव्य सफर है।
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