भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने हाल ही में भारत-अमेरिका संबंधों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत रिश्तों, और दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। सर्जियो गोर के इस वक्तव्य से स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक रिश्ते एक नए और मजबूत चरण में प्रवेश कर चुके हैं।
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के रिश्ते पर क्या बोले सर्जियो गोर?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों नेताओं के बीच की गहरी व्यक्तिगत केमिस्ट्री और दोस्ती पर विशेष जोर दिया।
- बैठक की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर पीएम मोदी: सर्जियो गोर ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि यदि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा जाए कि वे दुनिया के 35 वैश्विक नेताओं में से किससे मिलना चाहेंगे, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम उनकी सूची में सबसे ऊपर (Top Priority) होगा।
- जी-20 शिखर सम्मेलन में खास मुलाकात: फ्लोरिडा (अमेरिका) में होने वाले आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए राजदूत गोर ने संकेत दिया कि दोनों नेताओं की मुलाकात केवल एक सामूहिक ग्रुप बैठक तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके बीच विशेष द्विपक्षीय बातचीत (Bilateral Meeting) भी देखने को मिलेगी।
- 2020 की भारत यात्रा की यादें: गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप अपनी 2020 की भारत यात्रा और भारत के लोगों के प्रेम को आज भी बहुत आत्मीयता से याद करते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ट्रंप जल्द ही फिर से भारत की यात्रा कर सकते हैं।
- भारत में राजनीतिक स्थिरता का श्रेय: सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका एक स्थिर और समृद्ध भारत के साथ काम करना चाहता है। उन्होंने भारत में राजनीतिक एवं आर्थिक स्थिरता बनाए रखने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व को दिया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) पर क्या कहा?
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर अमेरिकी राजदूत ने कई सकारात्मक और व्यावहारिक जानकारी साझा की:
| मुख्य पहलू | सर्जियो गोर का बयान / वर्तमान स्थिति |
| समझौते की स्थिति | अमेरिका और भारत एक निष्पक्ष, पारस्पारिक और दोनों के लिए लाभकारी (Fair & Reciprocal) व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं। |
| समीक्षा का कारण | अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया कानूनी फैसले के कारण समझौते के कुछ प्रावधानों को फिर से ड्राफ्ट (Rewrite) करना पड़ा, जिसके कारण प्रक्रिया में थोड़ा समय लगा। |
| समयसीमा | राजदूत गोर ने विश्वास जताया है कि अगले कुछ हफ्तों या महीनों में इस ट्रेड डील को अंतिम रूप देकर पूरा कर लिया जाएगा। |
| बाजार तक पहुंच | दोनों देशों की सरकारों का प्रयास है कि अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार में और भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में सुगम प्रवेश मिले। |
रक्षा, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी पर जोर
सर्जियो गोर के अनुसार, भारत और अमेरिका के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी रणनीतिक सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है:
- उच्चस्तरीय बैठकों की आदत: अमेरिकी राजदूत ने कहा कि भारत को अब अमेरिकी अधिकारियों के लगातार दौरों की आदत डाल लेनी चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) और कई राज्यों के गवर्नर जल्द ही भारत का दौरा करने वाले हैं।
- क्वाड (Quad) का महत्व: गोर ने क्वाड को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और आपदा प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। इसमें एआई (AI), डेटा सेंटर, और क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) जैसी उभरती तकनीकों पर साथ काम किया जा रहा है।
- निवेश और सप्लाई चेन: रक्षा, फार्मा, अंतरिक्ष (Space) और ऑटोमोबाइल सेक्टर में दोनों देशों की कंपनियां एक-दूसरे के देश में निवेश बढ़ा रही हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिल रही है।
सर्जियो गोर के इन बयानों से साफ है कि आने वाले समय में पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक, व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाली है।
यह भी पढ़ें: SSC CHSL Recruitment 2026: 2,536 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 7 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन