उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित जेबी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (JBIT) के कैंपस से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया से लेकर शैक्षणिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में छात्राओं द्वारा बॉलीवुड के प्रसिद्ध और विवादित गीत ‘ऊ ला ला’ (फिल्म: द डर्टी पिक्चर) पर किए गए डांस का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
यह कार्यक्रम संस्थान में ‘अकादमिक उत्कृष्टा पुरस्कार समारोह’ के तहत शिक्षक दिवस की याद में आयोजित किया गया था। मंच पर चार छात्राएं इस गीत पर प्रस्तुति दे रही थीं, जबकि दर्शक दीर्घा में मौजूद छात्र सीटियां और तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन कर रहे थे। जैसे ही यह वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया गया, इंटरनेट पर उपयोगकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
शिक्षक दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जो गुरु-शिष्य परंपरा और शैक्षणिक मर्यादा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे गरिमापूर्ण अवसर पर वयस्क और उत्तेजक विषय-वस्तु वाली फिल्म के गाने पर डांस करने को लेकर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन और आयोजकों की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
कई नेटिजन्स ने टिप्पणी करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक मर्यादा होनी चाहिए। शिक्षकों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में इस तरह के गानों का चयन संस्थागत अनुशासनहीनता को दर्शाता है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि छात्र केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रदर्शन कर रहे थे और इसे इतने गंभीर विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सामग्री और उनकी स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर बहस छेड़ दी है। जानकारों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे मंचों पर प्रस्तुत किए जाने वाले गानों और प्रस्तुतियों के चयन के लिए संकाय सदस्यों (फैकल्टी) की पूर्व-स्वीकृति अनिवार्य होनी चाहिए ताकि शैक्षणिक माहौल और गरिमा बनी रहे।
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