मेरठ: कॉलेज में चल रही थी नकली सिगरेट फैक्ट्री, चौकी प्रभारी और कांस्टेबल सस्पेंड

मेरठ में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक बंद पड़े कॉलेज परिसर के भीतर अवैध रूप से नकली सिगरेट बनाने की बड़ी फैक्ट्री चलाई जा रही थी। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त छापेमारी कर इस अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में क्षेत्रीय चौकी प्रभारी और बीट कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरी साजिश के मुख्य सूत्रधार यानी मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

छापेमारी और बरामदगी का ब्योरा

गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस और आबकारी विभाग की टीमों ने कॉलेज परिसर में छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। कॉलेज की कक्षाओं और कमरों का इस्तेमाल अवैध सिगरेट निर्माण के लिए किया जा रहा था।

  • आधुनिक मशीनरी: मौके से सिगरेट पैकिंग, रोल्ड पेपर और तंबाकू मिलाने वाली कई स्वचालित मशीनें बरामद की गईं।
  • ब्रांडेड रैपर और पैकेजिंग: देश-विदेश के नामी ब्रांडों के फर्जी रैपर, होलोग्राम और क्यूआर कोड बड़ी मात्रा में जब्त किए गए।
  • कच्चा माल: कई क्विंटल घटिया किस्म का तंबाकू, केमिकल और फ्लेवरिंग एजेंट बरामद हुए, जिनका इस्तेमाल नकली सिगरेट बनाने में किया जाता था।
  • तैयार माल: लाखों रुपये मूल्य के तैयार नकली सिगरेट के पैकेट जब्त किए गए, जिन्हें बाजार में सप्लाई के लिए पैक किया जा रहा था।

पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर गाज

इतने बड़े पैमाने पर कॉलेज परिसर में अवैध गतिविधि चलने और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक न होने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने गहरी नाराजगी जताई है। शुरुआती जांच में क्षेत्रीय खुफिया तंत्र और बीट स्तर की पुलिसिंग में भारी चूक पाई गई।

  • चौकी प्रभारी सस्पेंड: बीट क्षेत्र में हो रही इतनी बड़ी अवैध गतिविधि पर नजर न रखने और सूचना तंत्र के विफल रहने पर संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया।
  • बीट कांस्टेबल पर कार्रवाई: अपने इलाके में नियमित गश्त और सूचना संकलन में असफल रहने वाले बीट कांस्टेबल को भी सेवा से सस्पेंड कर दिया गया।
  • विभाग जांच: पूरे मामले में यह भी जांच की जा रही है कि क्या स्थानीय पुलिसकर्मियों की इसमें कोई मिलीभगत थी या यह केवल लापरवाही का मामला है।

मास्टरमाइंड की तलाश और जांच का दायरा

पुलिस ने मौके से कुछ मजदूरों और कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, इस पूरे सिंडिकेट को चलाने वाला मुख्य मास्टरमाइंड छापेमारी से पहले ही फरार होने में कामयाब रहा।

  1. सिंडिकेट का नेटवर्क: पुलिस यह पता लगा रही है कि इस अवैध सिगरेट फैक्ट्री से तैयार माल को किन-किन राज्यों और जिलों में सप्लाई किया जाता था।
  2. कॉलेज प्रबंधन की भूमिका: इस बात की भी गहनता से जांच की जा रही है कि बंद पड़े कॉलेज परिसर की चाबियां या जगह किराए पर देने में कॉलेज प्रबंधन या किसी पूर्व कर्मचारी की क्या भूमिका थी।
  3. वित्तीय लेन-देन: पुलिस आरोपी के बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और संभावित वित्तीय संपर्कों की पड़ताल कर रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर कानून के सामने लाया जाएगा।

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  • Rahul Kaushik

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