जनसमाज संवाददाता,उत्तर प्रदेश: एक स्थानीय मंदिर में उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब चल रहे विवाह समारोह के बीच अचानक लड़की के परिजन आ धमके। शादी की रस्मों और पंडित जी के मंत्रोचार के बीच हुए इस अचानक घटनाक्रम से मंदिर परिसर युद्ध के मैदान में बदल गया। गुस्साए परिजनों ने न सिर्फ विवाह मंडप में तोड़फोड़ की और हवन कुंड को क्षतिग्रस्त कर दिया, बल्कि शादी की रस्मों को बीच में ही रुकवा दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और सुरक्षा के लिहाज से दूल्हा-दुल्हन सहित दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों को थाने ले आई।
प्रेम विवाह से नाराज था लड़की का परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक और युवती पिछले काफी समय से एक-दूसरे से परिचित थे और आपस में शादी करना चाहते थे। हालांकि, लड़की के परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। परिजनों की असहमति और विरोध को देखते हुए प्रेमी जोड़े ने आपसी सहमति से मंदिर में सादगी से शादी करने का फैसला किया।
नियत समय पर दूल्हा और दुल्हन अपने कुछ करीबी दोस्तों और समर्थकों के साथ मंदिर पहुंचे। पंडित जी ने विधि-विधान से शादी की रस्मों को शुरू कराया। सिंदूरदान और फेरों की तैयारी चल ही रही थी कि किसी माध्यम से लड़की के परिवार को इस गुप्त विवाह की भनक लग गई। खबर मिलते ही लड़की के परिवार वाले दर्जनों लोगों के साथ उग्र रूप में मंदिर परिसर में दाखिल हो गए।
हवन कुंड तोड़ा, मंडप में की तोड़फोड़
मंदिर पहुंचते ही लड़की के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आक्रोशित परिजनों ने शादी रुकवाने के लिए मंडप में रखी पूजन सामग्री को फेंक दिया और हवन कुंड को उखाड़कर तोड़ डाला। इस दौरान वहां मौजूद वर-वधू पक्ष के समर्थकों और लड़की के परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक और हाथापाई भी हुई। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं और अन्य लोगों के बीच डर का माहौल बन गया और अफरा-तफरी मच गई।
लड़की के परिजनों का आरोप था कि युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर शादी के लिए मंदिर लाया था, जबकि दूल्हा और उसके दोस्तों का कहना था कि दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुन रहे हैं।
पुलिस की एंट्री और थाने में देर रात तक पंचायत
हंगामे और मारपीट की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले उग्र भीड़ को शांत कराया और दूल्हा-दुल्हन को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पुलिस दोनों पक्षों को शांत कराकर थाने ले आई।
थाने में देर रात तक दोनों पक्षों के बीच हाई- वोल्टेज ड्रामा और बातचीत का दौर चलता रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दो बालिग युवाओं के स्वेच्छा से विवाह करने का प्रतीत हो रहा है।
कानूनी स्थिति और आगे की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि दूल्हा और दुल्हन दोनों कानूनन बालिग हैं (युवती की उम्र 18 वर्ष और युवक की उम्र 21 वर्ष से अधिक है), तो उन्हें अपनी इच्छा से विवाह करने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है।
मामले की जांच कर रहे थाना प्रभारी ने बताया:
- दोनों पक्षों के आयु संबंधी दस्तावेज़ों (आधार कार्ड, मैट्रिक सर्टिफिकेट आदि) की जांच की जा रही है।
- लड़की का बयान दर्ज किया जा रहा है कि वह अपनी मर्जी से शादी कर रही है या उस पर कोई दबाव है।
- मंदिर में तोड़फोड़ और सार्वजनिक स्थान पर शांति भंग करने के आरोप में कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की शांतिपूर्ण ढंग से पड़ताल कर रही है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। लड़की के बयान के आधार पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।
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