हेमा मालिनी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर प्रस्तुत किया मनमोहक नृत्य, राधा रानी के रूप में देखकर भावुक हुए फैंस

बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री और ‘ड्रीम गर्ल’ के नाम से मशहूर हेमा मालिनी ने हाल ही में आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर एक बेहद भव्य और भावुक कर देने वाली नृत्य प्रस्तुति दी है। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र जी के निधन के बाद यह पहला मौका था जब हेमा मालिनी किसी सार्वजनिक मंच पर नृत्य (डांस परफॉर्मेंस) करती हुई नजर आईं। अपने जीवन के इस कठिन दौर से गुजरने के बाद जब हेमा मालिनी मंच पर उतरीं, तो उनके प्रशंसकों की आंखें नम हो गईं।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के इस खास आयोजन में हेमा मालिनी ने राधा रानी का रूप धारण किया था। उनकी यह विशेष नृत्य नाटिका भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के निश्छल प्रेम और भक्ति रस पर आधारित थी। 70 के दशक से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली अभिनेत्री ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र और जीवन की कठिन परिस्थितियां भी उनके भीतर की कलाकार और नृत्य के प्रति उनके समर्पण को कम नहीं कर सकती हैं।

राधा रूप में हेमा मालिनी का दिव्य अवतार

समारोह के दौरान जैसे ही पर्दा उठा और रोशनी मंच पर पड़ी, दर्शकों की निगाहें हेमा मालिनी पर ही टिक गईं। भारी और पारंपरिक भारतीय पोशाक, माथे पर मांग टीका, हाथों में आभूषण और आंखों में भक्ति का भाव लिए हेमा मालिनी बिल्कुल साक्षात राधा रानी के रूप में नजर आ रही थीं। उनके चेहरे का तेज और हाव-भाव देखकर वहां मौजूद लोग मंत्रमुग्ध हो गए।

मंच पर हेमा मालिनी ने शास्त्रीय नृत्य (भरतनाट्यम और कथक के संगम) की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। कृष्ण भक्ति के भजनों पर उनके पैरों की थिरकन, हाथों की मुद्राएं और आंखों के इशारों ने माहौल को पूरी तरह से आध्यात्मिक बना दिया। हर एक ताल और लय के साथ उनका जुड़ाव ऐसा था मानो वे नृत्य के माध्यम से सीधे ईश्वर से संवाद कर रही हों।

धर्मेंद्र के निधन के बाद पहली सार्वजनिक प्रस्तुति

हेमा मालिनी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर प्रस्तुत किया मनमोहक नृत्य

उल्लेखनीय है कि दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र जी के गुजरने के बाद से हेमा मालिनी काफी समय तक मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रही थीं। दोनों का रिश्ता बॉलीवुड के सबसे चर्चित और यादगार रिश्तों में से एक रहा है। जीवनसाथी को खोने का दुख किसी भी इंसान के लिए बहुत बड़ा होता है, और हेमा मालिनी के लिए भी यह समय बेहद भावुक और कठिन रहा है।

प्रशंसकों को इस बात की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि वे इतने कम समय में हेमा मालिनी को फिर से मंच पर थिरकते हुए देख पाएंगे। यही वजह है कि जब वे जन्माष्टमी के अवसर पर राधा बनकर मंच पर उतरीं, तो दर्शकों के लिए यह दृश्य केवल एक नृत्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक कलाकार के अटूट हौसले और साधना का प्रतीक बन गया।

देखकर पिघले फैंस, सोशल मीडिया पर उमड़ा प्यार

हेमा मालिनी की इस परफॉर्मेंस की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से वायरल हो गए। फैंस उनके इस अवतार और हिम्मत की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि इतने बड़े व्यक्तिगत दुख से गुजरने के बाद भी जिस तरह से उन्होंने कला और भक्ति के प्रति अपना समर्पण दिखाया है, वह काबिले तारीफ है।

कला और भक्ति का अद्भुत संगम

हेमा मालिनी केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षित और निपुण भरतनाट्यम नृत्यांगना भी हैं। वे अक्सर यह कह चुकी हैं कि नृत्य उनके लिए केवल एक कला रूप नहीं है, बल्कि यह उनकी आत्मा की शांति और ईश्वर तक पहुंचने का माध्यम (ध्यान) है।

इस कठिन समय में उन्होंने नृत्य को ही अपनी ताकत बनाया। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कृष्ण-राधा के प्रेम को दर्शाते हुए उन्होंने न केवल अपनी सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान किया, बल्कि अपने प्रशंसकों को भी यह संदेश दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, इंसान को अपने कर्तव्य और कला का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।

एक यादगार और ऐतिहासिक शाम

जन्माष्टमी का यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन भर नहीं रहा, बल्कि यह हेमा मालिनी के जीवन का एक नया अध्याय बन गया। दर्शकों ने खड़े होकर (स्टैंडिंग ओवेशन) उनकी इस प्रस्तुति का स्वागत किया और पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट और ‘जय श्री कृष्णा’ के जयकारों से गूंज उठा।

हेमा मालिनी ने अपनी इस प्रस्तुति के जरिए एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे भारतीय सिनेमा और भारतीय शास्त्रीय नृत्य की एक ऐसी धरोहर हैं, जिनकी चमक कभी फीकी नहीं पड़ सकती। उनका यह राधा रूप और उनकी यह परफॉर्मेंस उनके फैंस के दिलों में लंबे समय तक तरोताजा रहेगी।

यह भी पढ़ें: नई चुनौतियों के साथ पदक की हैट्रिक और इतिहास रचने उतरेंगी पारुल चौधरी और प्रियंका गोस्वामी

Author

Leave a Comment