जनसमाज संवाददाता, पटना: बिहार की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में अपने अनूठे व्यवहार के लिए जाने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। पटना में आयोजित एक स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम के दौरान उनका एक अनोखा और हल्का-फुल्का अंदाज़ कैमरे में कैद हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेज़ी से वायरल हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान जब अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक नीतीश कुमार का सम्मान करने के लिए उन्हें शॉल ओढ़ाने आगे आए, तो नीतीश कुमार ने मुस्कुराते हुए वही शॉल उल्टा डॉक्टर के ही गले में डाल दिया। इतना ही नहीं, जब डॉक्टर ने झिझकते हुए उस शॉल को उतारने की कोशिश की, तो नीतीश कुमार ने उन्हें रोकते हुए कहा— “अरे, क्यों हटा रहे हो? हटाइए मत इसको, रखिए।”
क्या है पूरा मामला? (घटनाक्रम का विवरण)
यह पूरा घटनाक्रम पटना के कंकड़बाग स्थित एक प्रमुख निजी अस्पताल (मेडिवर्सल अस्पताल) का है। जहाँ अत्याधुनिक रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सिस्टम के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया था। इस गरिमामय कार्यक्रम में नीतीश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर जब अतिथियों और आयोजकों द्वारा स्वागत और सम्मान का दौर चल रहा था, तब अस्पताल के जाने-माने ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर निशिकांत नीतीश कुमार को सम्मानित करने के लिए अंगवस्त्र (शॉल) लेकर आगे बढ़े।
- अचानक बदला मोड़: डॉक्टर निशिकांत जैसे ही नीतीश कुमार के कंधों पर शॉल ओढ़ाने लगे, नीतीश कुमार ने तुरंत अपने हाथों से शॉल को संभाला और बहुत ही सहज अंदाज़ में उसे डॉक्टर निशिकांत के ही गले में लपेट दिया।
- मंच पर हल्की-फुल्की हलचल: इस अचानक हुए घटनाक्रम से मंच पर मौजूद अन्य लोग और खुद डॉक्टर निशिकांत अचंभित रह गए। जब डॉक्टर ने सम्मानवश शॉल को अपने गले से निकालने का प्रयास किया, तो नीतीश कुमार ने स्नेहपूर्वक उनका हाथ रोक दिया और शॉल पहने रहने का आग्रह किया।
- सोशल मीडिया पर वायरल: मंच पर घटी इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया, जो कुछ ही देर में इंटरनेट पर वायरल हो गया।
डॉक्टर निशिकांत और आयोजकों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद जब डॉक्टर निशिकांत से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने इसे पूर्व मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और स्नेह बताया। डॉक्टर निशिकांत ने कहा कि नीतीश कुमार उनके अभिभावक समान हैं और बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा उनके अस्पताल की यात्रा में उनका हमेशा मार्गदर्शन रहा है।
आयोजकों का मानना है कि मंच पर नीतीश कुमार का यह व्यवहार किसी असम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि उनका अपने परिचितों और डॉक्टरों के प्रति एक अनौपचारिक व आत्मीय अंदाज़ था।
सार्वजनिक कार्यक्रमों में नीतीश कुमार का चर्चा में रहने वाला अंदाज़
सार्वजनिक मंचों पर नीतीश कुमार का यह कोई पहला ऐसा मामला नहीं है जो चर्चा का विषय बना हो। राजनीति में दशकों का अनुभव रखने वाले नीतीश कुमार कई बार कार्यक्रमों के दौरान बिना किसी बनावट के बिल्कुल सीधे और अनौपचारिक अंदाज़ में प्रतिक्रिया देने के लिए जाने जाते हैं।
- अधिकारियों और डॉक्टरों से सीधी बातचीत: नीतीश कुमार अक्सर मंच से ही अधिकारियों या आयोजकों को टोक देने या उनके साथ मजाक करने के लिए जाने जाते हैं।
- सार्वजनिक मंचों पर सहजता: समर्थकों का मानना है कि नीतीश कुमार प्रोटोकॉल की सख्त सीमाओं से परे जाकर कभी-कभी आत्मीयता दिखाते हैं, जो उनके सहज व्यक्तित्व का हिस्सा है।
- राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाएं: जहाँ समर्थक इसे उनका सहज और आत्मीय अंदाज़ बता रहे हैं, वहीं राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
पटना के इस कार्यक्रम का यह छोटा सा वीडियो अब इंटरनेट पर काफी पसंद और शेयर किया जा रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में रोबोटिक तकनीक के आगमन से जुड़ी इस खबर के बीच नीतीश कुमार और डॉक्टर के बीच हुई यह मजेदार बातचीत दिन की सबसे बड़ी वायरल खबरों में से एक बन गई है।
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