उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे कई गंभीर रूप से झुलसे लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस भयानक त्रासदी के बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में स्थानीय थाना प्रभारी (SO) समेत कुल 9 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
धमाके की भयावहता और राहत-बचाव कार्य
यह घटना कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले भरवारी इलाके की है। रविवार दोपहर के वक्त जब फैक्ट्री में दर्जनों मजदूर काम कर रहे थे, तभी अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट के साथ ही पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई और चारों तरफ धुएं तथा आग का गुबार फैल गया। कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए तो कई आग की लपटों में झुलस गए।
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां, स्थानीय पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने का काम तुरंत शुरू किया गया। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों के अलावा प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद गंभीर रूप से झुलसे कई मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी, जिससे मौतों का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया।

लापरवाही पर सख्त रुख: 9 पुलिसकर्मी निलंबित
इस भीषण हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और गृह विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन की ओर से भारी लापरवाही बरती गई थी। रिहायशी या संवेदनशील क्षेत्र के आसपास बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के यह गतिविधि चल रही थी और स्थानीय पुलिस निगरानी रखने में विफल रही।
- थाना प्रभारी पर गाज: क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश न लगा पाने के कारण कोखराज थाना प्रभारी को निलंबित किया गया।
- चौकी प्रभारी और बीट सिपाही पर कार्रवाई: क्षेत्र की बीट पुलिसिंग में ढिलाई बरतने वाले चौकी इंचार्ज और सिपाहियों समेत कुल 9 पुलिसकर्मियों पर सस्पेंशन की कार्रवाई की गई।
- विभागीय जांच शुरू: सस्पेंड किए गए सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
सुरक्षा मानकों और तंत्र पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर बारूद और पटाखा इकाइयों में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की गंभीर समस्या को रेखांकित किया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा की है, साथ ही घायलों के मुफ्त और बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। फिलहाल फॉरेंसिक टीम (FSL) और मजिस्ट्रेट जांच के जरिए घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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