अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग के शौकीन हैं और Amazon या Flipkart से सामान मंगवाते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। आगामी फेस्टिव सीजन सेल्स (Great Indian Festival और Big Billion Days) से ठीक पहले देश की दो सबसे बड़ी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने अपनी नीतियों में बड़ा बदलाव किया है।
कंपनियों ने ऑर्डर कैंसिलेशन और डिलीवरी पेनल्टी से जुड़े नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। कई बार ऐसा होता है कि आप कोई सामान बड़े उत्साह से ऑर्डर करते हैं, लेकिन 2-3 दिन बाद अचानक आपको मैसेज आता है कि “आपका ऑर्डर कैंसिल कर दिया गया है।” अब ऐसा करने से पहले विक्रेताओं (Sellers) को 100 बार सोचना पड़ेगा, क्योंकि नई नीति के तहत सेलर द्वारा बिना ग्राहक की सहमति के ऑर्डर कैंसिल करने पर कंपनियों ने भारी पेनल्टी और कैंसिलेशन फीस लागू कर दी है।
आइए विस्तार से समझते हैं कि दोनों कंपनियों ने क्या नियम बदले हैं, इसका सेलर्स पर क्या प्रभाव पड़ेगा और आम ग्राहकों के लिए इसके क्या मायने हैं।
Amazon ने बदले कैंसिलेशन फीस और क्लोजिंग फीस के नियम
Amazon India ने Easy Ship और Self Ship सर्विस का उपयोग करने वाले विक्रेताओं के लिए कैंसिलेशन फीस की गणना का पूरा तरीका बदल दिया है। 17 अगस्त 2026 से लागू हुए इन नियमों में अब फीस किसी प्रोडक्ट की कैटेगरी (Category) के बजाय ऑर्डर की कुल वैल्यू (Order Value) के आधार पर तय की जाएगी।
Amazon का नया पेनल्टी स्लैब:
- ₹10,000 तक के ऑर्डर पर: 10% फीस (अधिकतम ₹1,000 तक का जुर्माना)।
- ₹10,001 से ₹50,000 तक के ऑर्डर पर: 8% कैंसिलेशन फीस।
- ₹50,001 से ₹1,00,000 तक के ऑर्डर पर: 5% कैंसिलेशन फीस।
- ₹1,00,000 से अधिक के ऑर्डर पर: 2% फीस।
- नोट: इन सभी शुल्कों पर 18% GST अलग से देय होगा।
यदि कोई सेलर अनुमानित शिपिंग तारीख के 24 घंटे के भीतर ऑर्डर पैक करके शिपमेंट कंफर्म नहीं करता है और ऑर्डर ऑटो-कैंसिल हो जाता है, तब भी यह शुल्क लागू होगा। इसके अलावा, 7 सितंबर 2026 से Amazon क्लोजिंग फीस में भी ₹1 से ₹3 की बढ़ोतरी करने जा रहा है।
Flipkart की 3-स्तरीय (3-Layer) पेनल्टी व्यवस्था
Flipkart ने भी 23 अगस्त 2026 से ऑर्डर फुलफिलमेंट और डिस्पैच में देरी को लेकर एक 3-स्तरीय पेनल्टी मॉडल लागू किया है। पहले Flipkart समय सीमा तय करने में नाकाम रहने वाले सेलर्स के अकाउंट को टेम्पररी ब्लॉक (Lock) कर देता था, लेकिन अब आर्थिक दंड की नीति अपनाई गई है:
- तय डिस्पैच तारीख (Dispatch By Date) पर सामान न सौंपने पर: ₹30 प्रति शिपमेंट फाइन।
- सेलर द्वारा ऑर्डर मिलने के बाद कैंसिल करने पर: ₹60 प्रति शिपमेंट पेनल्टी।
- डेडलाइन मिस होने के बाद ऑर्डर कैंसिल होने पर: कुल ₹90 प्रति शिपमेंट का जुर्माना।
(राहत की बात यह है कि Flipkart पर नए रजिस्टर हुए सेलर्स को शुरुआती 3 महीनों के लिए इस नियम से छूट दी गई है।)
आम ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
यह बदलाव भले ही बैकएंड पर प्लेटफॉर्म और सेलर्स के बीच का है, लेकिन एक उपभोक्ता के तौर पर आपके शॉपिंग एक्सपीरियंस पर इसका सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा:
- अनचाहे कैंसिलेशन में कमी: सेलर्स अक्सर ज्यादा डिस्काउंट या स्टॉक की कमी का बहाना बनाकर ऑर्डर कैंसिल कर देते थे। अब भारी जुर्माने के डर से वे ऐसा करने से बचेंगे।
- सटीक स्टॉक जानकारी: सेलर्स केवल वही सामान लिस्ट करेंगे जो वास्तव में उनके वेयरहाउस में उपलब्ध है, ताकि आउट-ऑफ-स्टॉक की वजह से जुर्माना न भरना पड़े।
- तेज डिलीवरी: डिस्पैच में देरी पर पेनल्टी होने के कारण आपका सामान तय समय पर पैक और पिकअप होगा, जिससे डिलीवरी की गति तेज होगी।
- ग्राहक द्वारा कैंसिलेशन फ्री रहेगा: यदि ग्राहक (आप) खुद अपनी मर्जी से ऑर्डर कैंसिल करता है, तो इस नियम के तहत सेलर या ग्राहक पर कोई भी एक्स्ट्रा पेनल्टी चार्ज नहीं लगेगा।
छोटे कारोबारियों और सेलर्स की बढ़ी चिंताएं
जहां एक तरफ ग्राहक खुश हैं, वहीं फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ऑनलाइन सेलर्स और एमएसएमई (MSME) व्यापारियों में इस बात को लेकर चिंता है। कारोबारियों का कहना है कि फेस्टिव सीजन में लॉजिस्टिक्स पार्टनर के देर से पहुंचने या कूरियर पिकअप न होने की वजह से कई बार ऑर्डर में देरी हो जाती है, जिसकी सजा सेलर को भुगतनी पड़ती है। हालांकि, कंपनियों का दावा है कि ये नियम केवल 1% लापरवाही करने वाले सेलर्स को सुधारने और कस्टमर एक्सपीरियंस बेहतर बनाने के लिए लाए गए हैं।
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